महंगाई, बेकारी के खिलाफ कांग्रेस का प्रदर्शन, राहुल प्रियंका हिरासत में लिए गए



राजीव रंजन नाग,
नई दिल्ली-इंडिया इनसाइड न्यूज़।

राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और अन्य कांग्रेस नेताओं को दिल्ली पुलिस ने गुरुवार को उस समय हिरासत में लिया जब वह पार्टी मुख्यालय के बाहर अन्य कांग्रेस नेताओं के साथ विरोध प्रदर्शन करते राष्ट्रपति भवन की तरफ बढ़ना चाह रहे थे। इन्हें दिल्ली के किंग्सवे कैंप स्थित पुलिस लाइंस में रखा जा रहा है।

विरोध करते हुए राहुल गांधी ने कहा, "हम लोकतंत्र की हत्या होते देख रहे हैं। भारत ने लगभग एक सदी पहले ईंट से ईंट जोड़ कर भारत का निर्माण किया है, जो आपकी आंखों के सामने नष्ट हो रहा है। जो विरोध में खड़े है उन पर हमला किया जाता है, जेल में डाला जाता है, गिरफ्तार किया जाता है और पीटा जाता है।"

उन्होंने कहा, "कांग्रेस के सभी सांसद महंगाई के मुद्दे को उठाने के लिए राष्ट्रपति भवन की ओर मार्च कर रहे थे, लेकिन वे हमें यहां से आगे नहीं बढ़ने दे रहे हैं। हमारा काम लोगों के मुद्दों को उठाना है... कुछ सांसदों को हिरासत में लिया गया और साथ ही पीटा गया।” कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने ये बातें विजय चौक पर कहा।

श्री गांधी ने दावा किया कि सरकार का एकमात्र एजेंडा यह है कि समाज में मूल्य वृद्धि, बेरोजगारी और हिंसा जैसे लोगों के मुद्दों को नहीं उठाने देना चाहिए। बढ़ती कीमतों, बेरोजगारी और आवश्यक वस्तुओं पर जीएसटी वृद्धि के खिलाफ पार्टी के केंद्रीय मुख्यालय के बाहर बड़े पैमाने पर विरोध के बीच राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा सहित कई कांग्रेस नेताओं को हिरासत में लिया गया।

पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी और राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस सांसदों ने बढ़ती कीमतों और बेरोजगारी के विरोध में आज संसद में काले कपड़े पहने। राज्यसभा की कार्यवाही आज स्थगित कर दी गई क्योंकि कांग्रेस सदस्यों ने सरकार द्वारा जांच एजेंसियों के कथित दुरुपयोग पर हंगामा किया।

पार्टी ने कहा कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) के सदस्यों और वरिष्ठ नेताओं ने "पीएम हाउस घेराव" में भाग लेने की योजना बनाई थी, जबकि लोकसभा और राज्यसभा सांसद संसद से "चलो राष्ट्रपति भवन" का आयोजन करेंगे।

प्रशासन ने कांग्रेस के मार्च से ठीक पहले दिल्ली के कुछ हिस्सों में बड़ी सभाओं पर प्रतिबंध लगाने के लिए निषेधाज्ञा लागू कर दी। दिल्ली पुलिस ने राष्ट्रीय राजधानी में विरोध प्रदर्शन करने के लिए कांग्रेस को अनुमति देने से इनकार कर दिया था। भाजपा ने पलटवार करते हुए पूछा कि क्या कांग्रेस में "लोकतंत्र" है।

इससे पहले राहुल गांधी और राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत अन्य शीर्ष नेताओं के साथ सुबह पार्टी मुख्यालय पहुंचे थे। विरोध के तौर पर सांसदों सहित पार्टी के नेताओं ने अपने हाथों पर काली पट्टी बांध रखी है।

कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने कहा, "आज लोगों को महंगाई से कुचला जा रहा है। लेकिन सरकार को कोई फर्क नहीं पड़ता।" कांग्रेस सांसद और वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने कहा, "यह विरोध मूल्य वृद्धि और अग्निपथ के बारे में है। निर्वाचित प्रतिनिधियों के रूप में हम लोगों के बोझ और भय की शिकायतों को आवाज देने के लिए बाध्य हैं। हम यही कर रहे हैं।"

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि भारत "लोकतंत्र की हत्या होते " देख रहा है। जिस किसी ने भी लोगों के मुद्दों को उठाने का साहस किया उन पर "बुरी तरह से हमला" किया जाता है और उसे जेल में डाल दिया जाता है।

राहुल गांधी ने आरोप लगाया, "भारत में कोई लोकतंत्र नहीं है और चार लोगों की तानाशाही है।" उन्होंने कहा, "जो हम देख रहे हैं वह लोकतंत्र की मौत है। यही भारत देख रहा है। देश ने जो ईंट से ईंट जोड़ कर भारत का निर्माण किया है, वह मूल रूप से आपकी आंखों के सामने नष्ट हो रहा है,।" उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि यह "तानाशाही" "दो लोगों द्वारा दो-तीन बड़े कारोबारियों" के हित में चलाई जा रही है।

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के साथ कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी भी विरोध प्रदर्शन में शामिल हुईं। प्रियंका ने कहा, 'मुद्रास्फीति हद से ज्यादा बढ़ गई है, सरकार को इसके लिए कुछ करना होगा। इसलिए हम लड़ रहे हैं।' वह एआईसीसी मुख्यालय के बाहर पार्टी के अन्य नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ धरने पर बैठ गईं। बाद में प्रियंका गांधी तुगलक रोड स्टेशन पहुंचीं और हिरासत में लिए गए कांग्रेस के कार्यकर्ताओं से मुलाकात की।

राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने विजय चौक पर कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन के दौरान कहा, "हम महंगाई, बेरोजगारी, जीएसटी दर में बढ़ोतरी सहित अन्य मुद्दों के खिलाफ शांतिपूर्वक विरोध कर रहे हैं।"

ताजा समाचार

National Report

  India Inside News




Image Gallery