केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ‘नेशनल मीट ऑन स्वामित्व स्कीम’ का शुभारंभ करेंगे



नई दिल्ली,
इंडिया इनसाइड न्यूज़।

केंद्रीय ग्रामीण विकास और पंचायतीराज मंत्री गिरिराज सिंह 14 सितंबर, 2021 को नेशनल मीट ऑन स्वामित्व स्कीम: अ स्टेपिंग स्टेप टूवार्ड्स अपलिफ्टमेंट ऑफ रुरल इकोनॉमी (स्वामित्व योजना पर राष्ट्रीय बैठक: ग्रामीण अर्थव्यवस्था के उत्थान की दिशा में एक अहम पड़ाव) का शुभारंभ करेंगे और अपना मुख्य भाषण देंगे। केंद्रीय पंचायतीराज राज्य मंत्री कपिल मोरेश्वर पाटिल, ग्रामीण विकास राज्य मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते और ग्रामीण विकास राज्य मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति भी इस कार्यक्रम में शिरकत करेंगी। पंचायतीराज और ग्रामीण विकास राज्य मंत्री उद्घाटन सत्र के दौरान अपने विचार और टिप्पणियां साझा करेंगे। पंचायतीराज मंत्रालय के सचिव सुनील कुमार उद्घाटन भाषण देंगे।

विभिन्न मंत्रालयों/विभागों के प्रतिनिधि और भू-स्थानिक डेटा केन्‍द्रों (जीडीसी), भारतीय सर्वेक्षण विभाग के अधिकारी स्वामित्व योजना के कार्यान्वयन में सक्रिय रूप से शामिल हैं और राज्य/केंद्र शासित क्षेत्रों के पंचायतीराज, राजस्व, सर्वेक्षण, बंदोबस्त, भूमि अभिलेख विभाग और अन्य संबंधित विभागों के साथ ही भारतीय बैंक संघ के प्रतिनिधियों के इस दिन भर चलने वाले राष्ट्रीय सम्मेलन में भाग लेने की उम्मीद है।

नेशनल मीट ऑन स्वामित्व स्कीम पर राष्ट्रीय बैठक महत्व रखती है क्योंकि यह योजना के पायलट-चरण के सफलतापूर्वक पूरा होने के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस के अवसर पर 24 अप्रैल, 2021 को योजना के पूरे देश में शुरुआत के बाद आयोजित की जा रही है। राष्ट्रीय बैठक विभिन्न हितधारकों को पायलट चरण में योजना के कार्यान्वयन प्रक्रिया से प्राप्त ज्ञान और अनुभव को साझा करने तथा चर्चा करने के लिए एक आदर्श मंच प्रदान करेगी। सम्मेलन स्वामित्व योजना की प्रक्रियाओं, सामने आई सर्वोत्तम प्रथाओं, समय पर कार्यान्वयन के लिए तकनीकी हस्तक्षेप, और संपत्ति कार्ड की विश्वसनीयता, छठी अनुसूची के क्षेत्रों सहित अन्य विचारों के संबंध में राज्यों के लिए क्रॉस-लर्निंग प्लेटफॉर्म प्रदान करेगा।

■ पृष्ठभूमि:

प्रधानमंत्री द्वारा राष्ट्रीय पंचायतीराज दिवस, 24 अप्रैल 2020 को गांव के हर घर मालिक को "अधिकारों का दस्तावेज" प्रदान करके ग्रामीण भारत की आर्थिक प्रगति को सक्षम करने के संकल्प के साथ स्वामित्व (सर्वे ऑफ विलेजेज एंड मैपिंग विथ इम्प्रोवाइज्ड टेक्नोलॉजी इन विलेज एरियाज) योजना शुरू की गयी थी। नवीनतम सर्वेक्षण ड्रोन-प्रौद्योगिकी के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में रिहाइशी (आबादी वाली) भूमि का सीमांकन करने के उद्देश्य के साथ तैयार की गयी स्वामित्व योजना पंचायतीराज मंत्रालय, राज्यों के राजस्व विभागों, राज्यों के पंचायतीराज विभागों और भारतीय सर्वेक्षण विभाग का एक सहयोगात्मक प्रयास है। इस योजना में विविध पहलुओं को शामिल किया गया है। इनमें संपत्तियों के मौद्रिकरण को सुगम बनाना और बैंक ऋण पाने में मदद करना; संपत्ति संबंधी विवादों को कम करना; व्यापक ग्राम स्तर की योजना आदि शामिल है और यह सही मायने में ग्राम स्वराज प्राप्त करने तथा ग्रामीण भारत को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में मददगार होगा।

पहले चरण - पायलट योजना (अप्रैल 2020 - मार्च 2021) के दायरे में हरियाणा, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, राजस्थान, आंध्र प्रदेश आते हैं और साथ ही इसमें हरियाणा, मध्य प्रदेश, पंजाब और राजस्थान में सतत संचालन संदर्भ प्रणाली (सीओआरएस) की स्थापना शामिल है।

दूसरे चरण (अप्रैल 2021 - मार्च 2025) में 2022 तक देश भर में बाकी गांवों का पूरा सर्वेक्षण और सीओरआरएस नेटवर्क कवरेज शामिल हैं।

प्रधानमंत्री ने 11 अक्टूबर, 2020 को हरियाणा, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के 763 गांवों के लगभग 1.25 लाख निवासियों को संपत्ति कार्ड के प्रत्यक्ष वितरण का शुभारंभ किया। इसके अलावा, 24 अप्रैल, 2021 को राष्ट्रीय पंचायतीराज दिवस के अवसर प्रधानमंत्री ने स्वामित्व योजना की राष्ट्रीय शुरुआत की और 5,000 गांवों में चार लाख से अधिक लाभार्थियों को संपत्ति कार्ड/स्वामित्व कार्ड प्राप्त हुए।

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