जीएसटी मुआवजे की कमी को पूरा करने के लिए राज्‍यों को 6,000 करोड़ रुपये की 14वीं किश्‍त जारी की गई



नई दिल्ली,
इंडिया इनसाइड न्यूज़।

वित्त मंत्रालय के व्‍यय विभाग ने वस्‍तु एवं सेवा कर (जीएसटी) मुआवजे की कमी को पूरा करने के लिए बुधवार 03 फरवरी को राज्‍यों को 6,000 करोड़ रुपये की 14वीं किश्‍त जारी की है। इसमें से 5,516.60 करोड़ रुपये की राशि 23 राज्‍यों को तथा 483.40 करोड़ रुपये की राशि उन विधानसभा वाले 3 केन्‍द्र शासित प्रदेशों (दिल्‍ली, जम्‍मू-कश्‍मीर और पुदुचेरी) को प्रदान की गई है, जो जीएसटी परिषद के सदस्‍य हैं। बकाया पांच राज्‍यों – अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, मिजोरम, नगालैंड और सिक्किम में जीएसटी कार्यान्‍वयन के कारण राजस्‍व का कोई अंतर नहीं है।

अभी तक, राज्‍यों और विधानसभा वाले केन्‍द्र शासित प्रदेशों को कुल अनुमानित जीएसटी मुआवजे की कमी की 76 प्रतिशत राशि जारी की जा चुकी है। इसमें से 76,616.16 करोड़ रुपये की राशि राज्‍यों को और विधानसभा वाले तीन केन्‍द्र शासित प्रदेशों को 7,383.84 करोड़ रुपये की राशि जारी की गई है।

भारत सरकार ने जीएसटी कार्यान्‍वयन के कारण पैदा हुई 1.10 लाख करोड़ रुपये की कमी को पूरा करने के लिए अक्‍टूबर 2020 में एक विशेष उधार विंडो स्‍थापित की थी। राज्‍यों और केन्‍द्र शासित प्रदेशों की ओर से भारत सरकार द्वारा इस विंडो के माध्‍यम से ऋण लिया जा रहा है। 23 अक्‍टूबर, 2020 से शुरू होने के बाद अब तक ऋण के 14 दौर पूरे हो चुके हैं।

इस सप्‍ताह जारी की गई राशि राज्‍यों को उपलब्‍ध कराई गई धनराशि की 14वीं किश्‍त थी। अभी तक केन्‍द्र सरकार द्वारा इस विशेष उधार विंडो के माध्‍यम से 4.7395 प्रतिशत की औसत ब्‍याज दर पर 84,000 करोड़ रुपये की राशि उधार ली गई है।

जीएसटी के कार्यान्‍वयन के कारण राजस्‍व में हुई कमी को पूरा करने के लिए विशेष ऋण विंडो के माध्‍यम से धन उपलब्‍ध कराने के अलावा भारत सरकार ने जीएसटी मुआवजे की कमी को पूरा करने के लिए विकल्‍प-1 चुनने वाले राज्‍यों को उनके सकल राज्‍य घरेलू उत्‍पाद (जीएसडीपी) के 0.50 प्रतिशत के बराबर अतिरिक्‍त ऋण लेने की अनुमति भी दी है, ताकि इन राज्‍यों की अतिरिक्‍त वित्तीय संसाधन जुटाने में मदद की जा सके। सभी राज्‍यों ने विकल्‍प-1 के लिए अपनी प्राथमिकता दी है। इस प्रावधान के तहत 28 राज्‍यों को 1,06,830 करोड़ रुपये (जीएसडीपी का 0.50 प्रतिशत) की पूरी अतिरिक्‍त राशि उधार लेने की अनुमति दी गई है।

28 राज्‍यों को दी गई अतिरिक्‍त ऋण अनुमति की राशि और विशेष विंडो के मार्फत जुटाई गई निधियों की राशि तथा राज्‍यों और केन्‍द्र शासित प्रदेशों को अभी तक जारी की गई राशि यहां संलग्‍न है।

राज्‍यवार जीएसडीपी की 0.50 प्रतिशत की अतिरिक्‍त ऋण की अनुमति और 1 फरवरी, 2021 तक विशेष विंडो के मार्फत जुटाई गई तथा राज्‍यों तथा केन्‍द्र शासित प्रदेशों को दी गई धनराशि –

(रुपये करोड़ में)

■क्र. सं.
•राज्‍यों/केन्‍द्र शासित प्रदेशों के नाम
•राज्‍यों को अनुमति दी गई 0.50 प्रतिशत अतिरिक्‍त ऋण की राशि
•विशेष विंडो के मार्फत जुटाई गई और राज्‍यों/केन्‍द्र शासित प्रदेशों की दी गई धनराशि

■1
आंध्र प्रदेश
5051
1936.53

■2
अरुणाचल प्रदेश*
143
0.00

■3
असम
1869
833.20

■4
बिहार
3231
3271.94

■5
छत्तीसगढ़
1792
1523.34

■6
गोवा
446
703.77

■7
गुजरात
8704
7727.43

■8
हरियाणा
4293
3646.77

■9
हिमाचल प्रदेश
877
1438.79

■10
झारखंड
1765
827.55

■11
कर्नाटक
9018
10396.53

■12
केरल
4,522
3153.48

■13
मध्य प्रदेश
4746
3806.03

■14
महाराष्ट्र
15394
10036.53

■15
मणिपुर*
151
0.00

■16
मेघालय
194
93.79

■17
मिजोरम*
132
0.00

■18
नगालैंड*
157
0.00

■19
ओडिशा
2858
3202.69

■20
पंजाब
3033
4571.52

■21
राजस्थान
5462
3162.97

■22
सिक्किम*
156
0.00

■23
तमिलनाडु
9627
5229.92

■24
तेलंगाना
5017
1466.01

■25
त्रिपुरा
297
189.60

■26
उत्तर प्रदेश
9703
5033.57

■27
उत्तराखंड
1405
1940.91

■28
पश्चिम बंगाल
6787
2423.29

■कुल (ए):
106830
76616.16

●1
दिल्‍ली
लागू नहीं
4914.56

●2
जम्‍मू-कश्‍मीर
लागू नहीं
1903.74

●3
पुदुचेरी
लागू नहीं
565.54

■कुल (बी):
लागू नहीं
7383.84

■कुल योग (ए+बी)
106830
84000.00

* इन राज्‍यों में जीएसटी मुआवजा अंतर नहीं है।

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