डीजीजीआई ने नकली चालान जारी करने के लिए 3 फर्मों के खिलाफ मामला दर्ज किया



नई दिल्ली,
इंडिया इनसाइड न्यूज़।

जीएसटी इंटेलिजेंस महानिदेशालय (डीजीजीआई) मुख्यालय ने 3 मार्च 2020 को मैसर्स फॉर्च्यून ग्राफिक्स लिमिटेड, मैसर्स रीमा पॉलीकेम प्राइवेट लिमिटेड और मैसर्स गणपति एंटरप्राइजेज के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है।

उपरोक्त कंपनियां/फर्मे माल की वास्तविक आपूर्ति के बिना ही चालान जारी करने के मामले में शामिल हैं। निर्यातक फर्मे मैसर्स अनन्या एक्जिम नामक एक फर्म के खिलाफ दर्ज मामले में अधिकारियों द्वारा आगे डाटा विश्लेषण करने पर इस मामले का पता चला। यह फर्म अपात्र आईटीसी के बल पर आईजीएसटी के धोखाधड़ी पूर्ण दावों के लिए विभिन्न निर्यातकों के खिलाफ डीजीजीआई-डीआरआई द्वारा 11-9-2019 को शुरू किये गए अखिल भारतीय ऑपरेशन में शामिल थी। जांच के दौरान यह खुलासा हुआ कि मैसर्स फॉर्च्यून ग्राफिक्स लिमिटेड, मैसर्स रीमा पोलिकेम प्राइवेट लिमिटेड तथा मैसर्स गणपति इंटरप्राइजेज ने 4,198 करोड़ रुपये से अधिक के चालान जारी किए हैं, जिसमें 660 करोड़ रुपये से अधिक की कर राशि जाली चालानों को खरीददारों की धोखाधड़ी से आईटीसी क्रेडिट के रूप में दिखाया गया है। समझा जाता है कि अतीत में राजस्व गुप्तचर महानिदेशालय ने मैसर्स रीमा पोलिकेम प्राइवेट लिमिटेड द्वारा अग्रिम प्राधिकार योजना के अंतर्गत आयातित सीमा शुल्क मुक्त सामानों की हेराफेरी का मामला दर्ज कराया गया है।

मैसर्स रीमा पोलिकेम प्राइवेट लिमिटेड के एक निदेशक को 4.3.2020 को सीजीएसटी अधिनियम, 2017 के सेक्शन 132(1)(बी) तथा 132(1)(सी) के प्रावधानों के अंतर्गत अपराधों के लिए सीजीएसटी अधिनियम, 2017 के सेक्शन 69(1) के अंतर्गत गिरफ्तार किया गया है। तीनों फर्मों के अन्य निदेशकों की भूमिका की जांच की जा रही है।

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