राष्ट्रीय कार्यशाला 'सोशल मीडिया की पहुंच एवं संचार'



नई दिल्ली,
इंडिया इनसाइड न्यूज़।

केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल 'निशंक' ने विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों और संगठनों के लिए मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा गत शुक्रवार को नई दिल्ली में आयोजित 'सोशल मीडिया की पहुंच एवं संचार: प्रबंधन और उत्कृष्ट प्रथाओं पर राष्ट्रीय कार्यशाला' का उद्घाटन किया। इस कार्यशाला में विभिन्न केंद्रीय वित्त पोषित शैक्षिक संस्थानों के करीब 200 सोशल मीडिया चैंपियनों ने भाग लिया। इस अवसर पर पत्र सूचना कार्यालय (पीआईबी) के प्रमुख महानिदेशक कुलदीप सिंह धतवालिया, उच्च शिक्षा विभाग की संयुक्त सचिव नीता प्रसाद, स्कूल शिक्षा विभाग के संयुक्त सचिव आर• सी• मीणा, पत्र सूचना कार्यालय की अतिरिक्त महानिदेशक नानू भसीन और मानव संसाधन विकास मंत्रालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

श्री पोखरियाल ने इस अवसर पर बोलते हुए कहा कि आज की दुनिया में ज्ञान और सूचनाओं को साझा करना बहुत महत्वपूर्ण है। यह हर संस्थान का दायित्व है कि विभिन्न मीडिया मंचों के माध्यम से अपने अच्छे काम का प्रचार करें। उन्होंने कहा कि इस उद्देश्य के लिए सोशल मीडिया एक अच्छा साधन है और अपने संगठनों की ऐसी उपलब्धियों को उजागर करके उनकी छवि को बनाने और बनाए रखने में सोशल मीडिया के धुरंधरों की बहुत महत्वपूर्ण भूमिका है जिनकी न केवल देश के लिए बल्कि पूरे विश्व के लिए प्रासंगिकता हैं। मानव संसाधन विकास मंत्री ने बताया कि आईआईटी, आईआईएसईआर, आईआईएससी आदि में जिस बड़े दायरे और गुणवत्ता के अनुसंधान, नवाचार और नए अध्ययन हो रहे हैं वो दुनिया में कहीं और नहीं देखे जा सकते।

श्री पोखरियाल ने आगे कहा कि सोशल मीडिया के धुरंधर अपने संस्थान के बारे में धारणा को स्थानीय, राष्ट्रीय और विश्व स्तर पर बेहतर बनाने में मदद करेंगे। क्यूएस रैंकिंग में और अन्य अंतर्राष्ट्रीय रैंकिंग में किसी संस्थान के बारे में धारणा के अंक मिलते हैं और भारतीय संस्थान धारणा की वजह से अपनी रैंकिंग खो रहे हैं। सोशल मीडिया के चैंपियन धारणा को बेहतर बनाने में प्रमुख भूमिका निभाते हैं।

उन्होंने कहा कि इस कार्यशाला का उद्देश्य विभिन्न संस्थानों के सोशल मीडिया संचार और उनकी पहुंच को एक स्थान पर लाना और दिन-प्रतिदिन के संचार और संवाद के लिए एक चैनल खोलना है। सोशल मीडिया दरअसल जुड़ने, बातचीत करने और सहयोग करने का एक शक्तिशाली उपकरण बन गया है। उन्होंने कहा कि सेवाओं के वितरण में सुधार करके प्रदर्शन को बेहतर करने के एक उपकरण के रूप में इसका उपयोग करें और अपने संगठन की छवि को एक ब्रांड में तब्दील करें।

उन्होंने कहा कि हम यहां पर इन सोशल मीडिया चैंपियनों को अगले स्तर पर ले जा रहे हैं और मुझे विश्वास है कि यह कार्यशाला ऐसा करेगी। उन्होंने कहा कि विशेषज्ञों द्वारा यहां आपको जो जानकारी और सुझाव मिलेंगे, प्रतिभागियों को उनका उपयोग करना होगा और यह साबित करना होगा कि वे सभी सोशल मीडिया के असली चैंपियन हैं। उन्होंने राष्ट्रीय स्तर के सर्वश्रेष्ठ सोशल मीडिया चैंपियनों को सम्मानित करने और पुरस्कृत करने का भी वादा किया।

इस कार्यशाला के पहले सत्र के दौरान माईगव के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अभिषेक सिंह ने सरकारी संचार के लिए सोशल मीडिया मंचों की रणनीतियों के बारे में प्रतिभागियों का मार्गदर्शन किया। पीआईबी के प्रधान महानिदेशक ने बताया कि उनकी उपलब्धियों को उजागर करने में पीआईबी द्वारा सोशल मीडिया चैंपियनों को किस प्रकार का समर्थन दिया जा सकता है। पीआईबी की अतिरिक्त महानिदेशक नानू भसीन ने अपने परिचय भाषण में मानव संसाधन विकास मंत्रालय के विभिन्न शैक्षिक संगठनों के सोशल मीडिया प्रबंधकों को एक साथ लाने के इस कार्यक्रम का व्यापक उद्देश्य और विवरण बताया। सोशल मीडिया विशेषज्ञ गायत्री देशपांडे ने प्रतिभागियों को सोशल मीडिया के सर्वोत्तम तरीकों के बारे में जानकारी दी।

दूसरे सत्र में पीआईबी के सोशल मीडिया एडीजी बी• नारायणन ने सोशल मीडिया की चुनौतियों के बारे में प्रतिभागियों का मार्गदर्शन किया। मानव संसाधन मंत्री के सलाहकार डॉ• राजेश नैथानी ने अपने सत्र में प्रतिभागियों को मानव संसाधन विकास मंत्रालय की पहल और अभियानों के बारे में जानकारी दी। कार्यशाला के अंत में सभी प्रतिभागियों को इसमें हिस्सा लेने का प्रमाणपत्र प्राप्त हुआ।

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