नई दिल्ली,
इंडिया इनसाइड न्यूज़।
केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने बुधवार को कहा कि जो लोग ‘सत्यमेव जयते’ के बजाय ‘झूठमेव जयते’ के सिद्धांत का पालन करते हैं, वे गलत सूचनाओं के जरिए सच्चाई और शांति का अपहरण करने की कोशिश कर रहे हैं।
नई दिल्ली में राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग द्वारा आयोजित ‘अल्पसंख्यक दिवस’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्री नकवी ने कहा कि वे लोग जो अफवाह और गलत सूचनाओं के जरिए शांति का अपहरण करने की कोशिश कर रहे हैं उन्हें समझना चाहिए कि वे अपने षड्यंत्र में विफल होंगे। उन्होंने कहा कि "झूठमेव जयते" के राजनीतिक प्रचार को ‘सत्यमेव जयते’ ध्वस्त कर देगा।
श्री नकवी ने कहा कि नागरिकता विधेयक के कारण किसी भी भारतीय मुसलमान या किसी अन्य नागरिक की नागरिकता पर कोई सवालिया निशान या खतरा नहीं है। नागरिकता संशोधन विधेयक नागरिकता उपलब्ध कराने के लिए है, यह किसी व्यक्ति की नागरिकता छीनने के लिए नही हैं। उन्होंने कहा कि भारत में अल्पसंख्यक विकास प्रक्रिया में एक समान भागीदार हैं। श्री नकवी ने कहा कि हमें उन लोगों को हराना है जो नागरिता विधेयक और एनआरसी को मिलाकर भ्रम पैदा करने की साजिश रच रहे हैं। हमें गलत सूचनाओं से सावधान रहना होगा। असम में 1951 से शुरू हुई एनआरसी की प्रक्रिया अभी तक पूरी नहीं हुई है। श्री नकवी ने बताया कि जिन लोगों के नाम सूची में शामिल नहीं हैं वे न्यायाधिकरण एवं अदालतों में अपील कर सकते हैं। ऐसे लोगों की सरकार भी मदद कर रही है। श्री नकवी ने कहा कि नागरिकता संशोधन विधेयक 2019 ‘अमानवीय अपमान’ को ‘मानवीय गरिमा’ प्रदान करने की प्रतिबद्धता है। गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर ने कहा था कि भारत ‘मानवता का सागर’ है। उन्होंने कहा कि ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ हमारी सांस्कृतिक प्रतिबद्धता है और भारत ने हमेशा अन्याय और उत्पीड़न का सामना करने वालों को न्याय प्रदान किया है।
श्री नकवी ने कहा कि भारतीय संविधान के अलावा भारत में बहुसंख्यक समुदाय के डीएनए में शामिल धर्मनिरपेक्षता और सहिष्णुता ने देश में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा, समृद्धि और प्रतिष्ठा सुनिश्चित की है। उन्होंने कहा कि यह भारत में "विविधता में एकता" की ताकत है।
श्री नकवी ने कहा कि भारत अल्पसंख्यकों के लिए स्वर्ग है, जबकि पाकिस्तान अल्पसंख्यकों के लिए नरक है। श्री नकवी ने कहा कि भारत ने विभाजन के बाद धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र का जबकि पाकिस्तान ने इस्लामी राष्ट्र का रास्ता चुना।
श्री नकवी ने कहा कि सरकार ने अल्पसंख्यकों के कल्याण और सशक्तीकरण के लिए कई कदम उठाए हैं। उन्होंने बताया कि पिछले 5 वर्षों के दौरान सरकार ने ‘ग़रीब नवाज़ रोज़गार योजना’, ‘सीखो और कामाओ’, ‘नई मंजिल नई रोशनी’ जैसी कौशल विकास योजनाओं के जरिए अल्पसंख्यक समुदायों के 8 लाख से अधिक लोगों को रोजगार और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए हैं। अल्पसंख्यकों के शैक्षिक सशक्तीकरण के उद्देश्य से सरकार ने 3.20 करोड़ छात्रों को अलग-अलग छात्रवृत्ति प्रदान की है जिसमें लगभग 60 प्रतिशत लड़कियां शामिल हैं।
श्री नकवी ने कहा कि प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम (पीएमजेवीके) के तहत सरकार ने अल्पसंख्यक बहुल क्षेत्रों में स्कूल, कॉलेज, आईटीआई, पॉलिटेक्निक कॉलेज, हॉस्टल, अस्पताल, सद्भाव मंडप, साझा सेवा केंद्र, हुनर केंद्र, आवासीय स्कूल, मार्केट शेड आदि का निर्माण किया है।
इस मौके पर राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष घयोरुल हसन रिज़वी, आयोग के सदस्य, वरिष्ठ अधिकारी और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। कार्यक्रम के दौरान श्री नकवी ने इरमीम शमीम को भी सम्मानित किया जो इस वर्ष एमबीबीएस एम्स प्रवेश परीक्षा में उत्तीर्ण होने के बाद प्रतिष्ठित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में चिकित्सा अध्ययन के लिए अर्हता प्राप्त करने वाली जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले की पहली गुर्जर महिला बन गई हैं। राजौरी जिले के धनोर गांव की रहने वाली इरमीम शमीम ने सभी विपरित परिस्थितियों का सामना करते हुए संस्थान में प्रवेश के लिए कठिन परिश्रम किया था।