नागरिक कर्तव्यों से संबंधित वर्ष भर के कार्यकलाप: नवीन भारत की दिशा में एक कदम



नई दिल्ली,
इंडिया इनसाइड न्यूज़।

देश ने संविधान की प्रस्तावना को व्यापक रूप से पढ़ने और हमारे संविधान में निहित सिद्धांतों तथा मूल्यों को विस्तारित करने एवं अपने संस्थापक जनकों को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए एक प्रतिबद्धता के रूप में 26 नवंबर को प्रफुल्लित होकर संविधान दिवस का उत्सव मनाया। नवीन भारत की दिशा में कदम बढ़ाते हुए यह निर्णय किया गया है कि व्यक्ति के जीवन में संवैधानिक मूल्यों का निरंतर और क्रमिक संचरण आज आवश्यक है।

इस परियोजन के लिए विधि और न्याय मंत्रालय का न्याय विभाग एक नोडल समन्वय विभाग के रूप में अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करते हुए, मौलिक कर्तव्यों सहित नागरिकों के कर्तव्यों से संबंधित वर्ष भर के कार्यकलापों और कार्यक्रमों के आयोजन हेतु जागरूकता पैदा करने के लिए विशिष्ट ठोस पहल कर रहा है। न्याय विभाग के सचिव (न्याय) द्वारा सचिवों के स्तर पर अंतर-मंत्रालयी बैठकों का संचालन किया गया है। हाल ही में, विभिन्न समुदाय आधारित प्लेटफार्मों, गैर सरकारी संगठनों के भागीदारों को जोड़ने के लिए परस्पर बैठकें आरम्भ की गई हैं और कंपनी मामलों के मंत्रालय, सूक्ष्म लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय (एमएसएमई), जनजातीय मामले मंत्रालय, सड़क, परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय, मानव संसाधन विकास मंत्रालय और सीएससी ई-गवर्नेंस सेवाओं के साथ उपलब्ध सीएसआर फंड का उपयोग नागरिकों के कर्तव्यों पर संदेशों के विकेंद्रीकृत प्रसार को सुनिश्चित करने के लिए किया गया है। वार्षिक कैलेंडर तैयार करने और इसके प्रभावी कार्यान्वयन के लिए राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की सरकारों द्वारा नियुक्त नोडल अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संभावित सुझाव आमंत्रित किए जा रहे हैं। अब तक 25 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों और 22 केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों ने नोडल अधिकारी नामित किए हैं।

इसके अतिरिक्त, न्याय विभाग की वेबसाइट पर ‘संविधान और नागरिकों के कर्तव्य’ से संबंधित संसाधनों का एक कोष बनाया गया है। न्याय विभाग की वेबसाइट के होमपेज पर एक विशेष "संविधान दिवस और नागरिक कर्तव्य" बनाया गया है, जिसमें मंत्रालय, राज्य सरकारें और केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन नागरिकों से संबंधित कार्यकलापों की श्रृंखला के आयोजन के लिए/चित्र/वीडियो और रिपोर्ट और एक वार्षिक कैलेंडर अपलोड कर सकते हैं। उपरोक्त विषय पर डिजाइन किए गए विवरणिका, पोस्टर और स्टैंडिज भी इसकी वेबसाइट पर उपलब्ध कराए गए हैं। इन विभिन्न आईईसी सामग्री को 22 अनुसूचित भाषाओं में अनूदित करने की प्रक्रिया जारी है। संविधान और नागरिक कर्तव्यों पर वार्ता एवं व्याख्यान देने के लिए एनएएलएसए और 8 राज्य बार काउंसिलों के माध्यम से 20 एसएलएसए/डीएलएसए के संसाधन व्यक्तियों की सूची न्याय विभाग की वेबसाइट पर उपलब्ध करायी गयी है। कानूनी मामले विभाग के सहयोग से माय गॉव.इन पर ऑनलाइन क्विज़ और राष्ट्रीय निबंध प्रतियोगिता शुरू की गई है।

नागरिक कर्तव्यों पर संगठित और अलग-अलग प्रयास मंत्रालयों (केंद्र और राज्यों) को एकीकृत और संवैधानिक रूप से साक्षर भारत की दिशा में काम करने में सक्षम बनाएगी।

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