नई दिल्ली,
इंडिया इनसाइड न्यूज़।
केंद्र सरकार ने सोमवार को लोकसभा में कांग्रेस सांसदों की नारेबाजी और हंगामे के बीच एसपीजी यानि स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (संशोधन) बिल पेश किया। एक तरफ महाराष्ट्र की सियासी उठापटक सुर्खियों में होने की वजह से सत्तारूढ़ पार्टी और विपक्षी पार्टियां व्यस्त दिखीं, वहीं लोकसभा में गृह राज्य मंत्री जी• किशन रेड्डी ने शोरगुल के बीच एसपीजी संशोधन बिल पेश किया।
स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप एक्ट, 1988 में संशोधन के अहम बदलावों के मुताबिक एसपीजी सुरक्षा कवच मौजूदा प्रधानमंत्री और उनके साथ आधिकारिक आवास पर रहने वाले करीबी रिश्तेदारों को मिलेगा। एक्ट के संशोधित हो जाने के बाद पूर्व प्रधानमंत्रियों को एसपीजी सुरक्षा सिर्फ पांच साल के लिए ही मिलेगी। पूर्व प्रधानमंत्री के ऑफिस छोड़ने के पांच साल बाद तक उन्हें और उनके आधिकारिक आवास पर साथ रहने वाले परिजनों को एसपीजी सुरक्षा मिलेगी। इस एक्ट को पहले भी 1991, 1994,1999 और 2003 में संशोधित किया जा चुका है।