बालिकाओं ने चित्रों से दिया संदेश



गुरुग्राम, 8 अक्टूबर। संबध हैल्थ फाउंडेशन (एसएचएफ) की और से 4 से 10 अक्टूबर तक अंतर्राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य दिवस सप्ताह मनाया जा रहा है जिसके तहत पैरामैडिकल स्टॉफ, मानसिक रोग पर आधारित नुक्कड़ नाटक, मानसिक रोग पर विभिन्न स्कूलों के एक हजार से अधिक बच्चों के साथ ड्राइंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस दौरान मानसिक स्वास्थ्य देखभाल अधिनियम, 2017 की भी जानकारी दी गई।

संबध हैल्थ फाउंडेशन (एसएचएफ) की ट्रस्टी रीता सेठ ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य दिवस देशभर में मनाया जाता है लेकिन इस दिन सभी को मानसिक रोगियों का सम्मान करने का संकल्प लेना चाहिए ताकि इस प्रकार के दिवस की सार्थकता सिद्व हो सके। मानसिक रोगियों को मान सम्मान मिलना चाहिए ये उनका अधिकार है। वे बताती है कि मानसिक बीमारी के बारे में जब ऐसे परिवारों से बातचीत करतें है तो पता चलता है कि मानसिक रोग से ग्रसितों के साथ बातचीत करने से उनके प्रति जो कलंक और शर्म की भावनाऐं जुड़ी हैं वे कम हो सकती हैं।

मानसिक बीमारियों के साथ जीने वाले व्यक्ति यह बताते हैं कि समाज की अस्वीकृति उनके विकास के मार्ग में सबसे बड़ी बाधा है। बहुत से लोग जो मानसिक बीमारी को समझते नहीं हैं वे इस से पीडि़त लोगों से डरे हुये हैं। आम तौर पर इस बारे मैं लोगों की समझ मास मीडिया पर ही आधारित होती है। अक्सर आमजन में यह धारणा बनी रहती है कि मानसिक रोग से पीडि़त व्यक्ति अजीब, खतरनाक , हिंसक और मंद बुद्धि वाले होते हैं। यह गलत और अनुचित वर्णन एक ऐसी सोच को बढ़ावा देते हैं जो समाज में मानसिक बिमारियों से ग्रस्त व्यक्तियों और उनके परिवारों की अस्वीकृति और अपेक्षा का कारण है।

उन्होने बताया कि डब्लूएचओ के मुताबिक कुल जनसंख्या में से 10 प्रतिशत लोग मानसिक बीमारी (एमआई) और 3 प्रतिशत गंभीर बीमारी से पीडि़त है। इसमें गुरुग्राम में लगभग 50,000 लोग गंभीर मानसिक बीमारी से ग्रसित है। इनमें 50 प्रतिशत ऐसे है जो पहचान ही नही किये गए। भारत में करीब 35 मिलियन लोग इस तरह की बीमारियों के शिकार हैं।

उन्होंने बताया कि इस सप्ताह के दौरान, संबध हैल्थ फाउंडेशन की और बसई गांव में मानसिक रोग के संबधित कार्यशालाएं, मानसिक रोग पर आधारित नुक्कड़ नाटक, खेल, अन्य गतिविधियां, और वार्ता का आयोजन किया गया। सिविल अस्पताल में नुक्कड़ नाटक, अमर कालोनी में हैल्थ केयर मेडिकल स्टॉफ के साथ मानसिक रोग के लक्षण व पहचान पर संवेदीकरण कार्यशाला का आयेाजन किया गया।

प्रोजेक्ट हैड दीपशिखा पाल की टीम ने पैरा मेडिकल स्टॉफ को मानसिक रोग पर आधारित एक खेल से भी रुबरु कराया गया जिसमें मानसिक रोग की पहचान के बारे में बताया गया।

संबध हैल्थ फाउंडेशन (एसएचएफ) के ट्रस्टी राजीव अग्रवाल ने बताया कि राजकीय कन्या विद्यालय, अतुल सीनियर सैंकंडरी स्कूल, जांगिड़ ब्राह्मण सीनीयर सैंकंडरी स्कूल की बालिकाओं के साथ मानसिक रोग आपसी संवाद किया गया जिसमें बालिकाअेां ने मानसिक रोग पर आधारित सवाल पूछे जिनका टीम की और से जवाब दिया गया। यंहा पर बालिकाओं के साथ चित्र प्रतियोगिता का आयेाजन किया गया। बालिकाअेां ने मानसिक रोग पर कल्पना के चित्र उतारे जिसमें मानसिक रेाग से ग्रसित लोगों के जीवन, समाज में उनकी स्थिति इत्यादि का चिंत्राकन किया गया।

संबधी की और से मानसिक रोगियों के लिए हरियाणा सरकार के साथ मिलकर रिकवरी कार्यक्रम भी चलाया जा रहा है। वंही गुरुग्राम गांव में रिकवरी सेंटर व ग्रुप हेाम भी चलाया जा रहा है। इन कार्यक्रमों में टीम के प्रोजेक्ट मैनेजर समृति गहरोत्रा, प्रोग्राम अधिकारी इपस्तिा पाल, प्रिया इत्यादि ने इन कार्यक्रम में शामिल होकर मानसिक रोग पर तकनीकी जानकारी दी।

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