राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने ग्रामीण गुजरात को खुले में शौच से मुक्त घोषित किया



02 अक्टूबर। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने महात्मा गांधी की जन्मस्थली कीर्ति मंदिर, पोरबंदर का दौरा किया और गांधी जयन्ती के अवसर पर उन्हें अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद राष्ट्रपति ने कीर्ति मंदिर में ग्रामीण गुजरात को खुले में शौच से मुक्त घोषित करने के लिए आयोजित समारोह को संबोधित किया।

इस अवसर पर अपने संबोधन में राष्ट्रपति ने कहा कि इस शुभ दिवस पर महात्मा गांधी की जन्मस्थली में आना मेरे लिए सौभाग्य की बात है। ग्रामीण ओडीएफ के लक्ष्य को प्राप्त करते हुए गुजरात ने गांधी जी को सच्ची श्रद्धांजलि अर्पित की है। उन्होंने गुजरात के मुख्यमंत्री और उनके पूरे दल को उनकी उपलब्धियों के लिए बधाई दी।

राष्ट्रपति ने कहा कि स्वच्छता केवल सफाई कर्मचारियों और सरकारी विभागों की ही जिम्मेदारी नहीं हैं बल्कि यह एक बहु-साझेदारी राष्ट्रीय अभियान हैं। लगभग सौ वर्ष पूर्व गांधी जी ने शौचालय की सफाई स्वंय करके अपने प्रयासो से यह हमें सिखाने की कोशिश की थी। 2 अक्टूबर, 2019 तक स्वच्छ भारत मिशन के लक्ष्यों को प्राप्त करना राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150 वीं जन्म शताब्दी पर उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि होगी। गुजरात द्वारा आज की उपलब्धि स्वच्छ भारत की दिशा में एक बड़ा कदम हैं।

वहीं राष्ट्रपति ने सरदार पटेल को भी स्मरण किया जिनका जन्मदिवस भी इसी माह 31 अक्टूबर को है। उन्होंने कहा कि जब महात्मा गांधी स्वतंत्रता आंदोलन के नेता थे, सरदार पटेल राष्ट्रीय एकता के मूर्तिकार थे। बापू और सरदार पटेल के योगदान के बिना आधुनिक भारत की कल्पना भी असंभव है। यह दोनों महापुरूष भारत को गुजरात का उपहार हैं।

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