नई दिल्ली, 30 जुलाई 2018, इंडिया इनसाइड न्यूज़।
केंद्रीय नौवहन, सड़क परिवहन तथा रसायन और उर्वरक राज्य मंत्री मनसुख एल मांडविया ने राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में बताया कि राष्ट्रीय जलमार्ग अधिनियम, 2016 के तहत 111 अंतर्देशीय जलमार्गों को राष्ट्रीय जलमार्ग (एनडब्ल्यू) घोषित किया गया है। ये जलमार्ग गंगा, यमुना, नर्मदा, कावेरी, सोन, गंडक, कोसी आदि नदियों से संबंधित है।
उन्होंने कहा कि अंतर्देशीय नौवहन, ऊर्जा, कुशल और पर्यावरण अनुकूल परिवहन का माध्यम है। सरकार यात्री और माल ढुलाई के लिए इन जलमार्गों का उपयोग करना चाहती है।
निम्न जलमार्गों पर परिचालन किया जा रहा है - एनडब्ल्यू-1 गंगा नदी, एनडब्ल्यू-2 ब्रह्मपुत्र नदी, एनडब्ल्यू-3 केरल, एनडब्ल्यू-4 विजयवाड़ा से मुक्तियाला, आंध्र प्रदेश, एनडब्ल्यू-9 केरल, एनडब्ल्यू-10 अंबा नदी, महाराष्ट्र, एनडब्ल्यू-27, 68 और 111 -गोवा, एनडब्ल्यू -85 महाराष्ट्र, एनडब्ल्यू -97 सुंदरबन जलमार्ग और एनडब्ल्यू -100 तापी नदी।
निम्न जलमार्गों पर अगले दो वर्षों में परिचालन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है -
#क्र•स.•
राष्ट्रीय जलमार्ग
लम्बाई
राज्य
#1.
राष्ट्रीय जलमार्ग-53 : कल्याण-ठाणे-मुंबई जलमार्ग, वसाई क्रीक और उल्हास नदी प्रणाली
145
महाराष्ट्र
#2.
गंडक नदी (राष्ट्रीय जलमार्ग-37) : त्रिवेणीघाट के पास भैंसालोटन बैराज से हाजीपुर में गंगा नदी के संगम तक
296
बिहार तथा यूपी
#3.
रूपनारायण नदी (राष्ट्रीय जलमार्ग-86) : द्वारकेश्वर और सिलाई नदियों (प्रतापुर) से हुगली नदी के संगम तक (जोंखली)
72
पश्चिम बंगाल
#4.
राष्ट्रीय जलमार्ग-8 : आलप्पुझजा- चांगनासेरी नहर
29
केरल
#5.
राष्ट्रीय जलमार्ग-16: बराक नदी (सिलचर से भंगा)
71
असम