पीएम कहीं ऐसा हो गया तो?



--के• विक्रम राव,
अध्यक्ष - इंडियन फेडरेशन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट्स।

लोकसभा में गत सप्ताह राहुल गांधी का बयान था कि शक्सगाम (कश्मीर) को मोदी सरकार ने चीन को दे दिया है। उनका भाषण था कि मोदी सरकार की नीतियों के अंजाम में चीन और पाकिस्तान समीप आ गये हैं।

अमूमन राजनेता अपने जन्मतिथि के पहले के इतिहास से अनभिज्ञ रहते हैं। पढ़ते ही नहीं हैं। जानेंगे कैसे? राहुल अपवाद नहीं हैं। हालांकि राहुल के इस गलत बयान का उनकी पार्टी के पूर्व प्रधानमंत्री सरदार मनमोहन सिंह के विदेश मंत्री कुंवर नटवर सिंह (भरतपुर वाले) ने दुरुस्त जवाब दिया : ''चीन-पाकिस्तान का गठजोड़ दशकों पुराना है।'' रक्षा मंत्री ठा. राजनाथ सिंह ने गत 27 जनवरी को अमरोहा की चुनावी सभा में राहुल के भाषण के खण्डन में बताया कि : ''शक्सगाम घाटी को चीन को पाकिस्तान ने राहुल की दादी के पिता जवाहरलाल नेहरु के प्रधानमंत्री काल में ही दे दिया गया था।'' रक्षामंत्री बोले कि ''चीन-पाकिस्तान काराकोरम मार्ग पर राहुल की दादी इंदिरा गांधी के समय ही निर्माण चालू था। अर्थात् चीन-पाकिस्तान जल तथा सड़क मार्ग पर अटल बिहारी वाजपेयी के कई वर्षों पूर्व ही पड़ोसियों का कब्जा हो गया था। नटवर सिंह का राहुल को सुझाव था कि आधुनिक इतिहास पढ़ लें। मगर ऐसा हितकारी सुझाव राहुल भला क्यों मानने लगे? उसके लिये अर्हता और खुले दिमाग की दरकार है।

अंतर्राष्ट्रीय कानून का अध्येता होने के कारण मेरा एक गंभीर ऐतराज है। राजेताओं के बयान तथा संसदीय डिबेट कालांतर में दस्तावेजी रिकार्ड बन जाते है। कल खुदा न खास्ता, बैठे बिठाये कहीं अनहोनी हो गयी और राहुल कभी भारत के प्रधानमंत्री बन बैठे !! तो उनके बयान भी तब अपने हित में पाकिस्तान तथा चीन प्रमाण के तौर पर पेश कर सकते है। राहुल का भारत के साथ यह खिलवाड़ होगा, बड़ा राष्ट्रघातक।

राहुल की भाषा के कुछ अंश आम भारतीय को पढ़ना चाहिये। यह आंकलन हो जाना चाहिये कि ऐसे अस्थिर, जल्दबाज, अनुभवहीन 52-वर्षीय युवा ने कहीं सरकार पर कब्जा कर लिया तो भारत का हस्र क्या होगा? जवाहरलाल नेहरु अक्सर राजनेताओं से आग्रह करते थे कि इतिहासबोध आवश्यक हैं। राहुल के पिता तब तोतली भाषा बोलते रहे होंगे, जब नेहरु ने यह बताया होगा। फिर राहुल पर अल्पज्ञान का दोष क्यों लगे? वे तो अजन्मे थे। अबोध है।

लोकसभा में राहुल का बयान (2 फरवरी 2022) : राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर लोकसभा में बहस के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा था कि : ''मोदी सरकार की गलत नीतियों की वजह से पाकिस्तान और चीन एकजुट हो गए हैं।'' उन्होंने कहा कि : ''हम जिस स्थिति का सामना कर रहे हैं वह कम नहीं है। यह भारत के लिए एक गंभीर खतरा है।'' उन्होंने मोदी सरकार से कहा : ''आपने हमें कहां पहुंचा दिया है।''

राहुल गांधी के दावे को विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने खारिज कर दिया। उन्होंने कहा, राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि इस सरकार की वजह से पाकिस्तान और चीन एकजुट हो गए हैं। कुछ ऐतिहासिक सबक इस प्रकार हैं : 1963 में, पाकिस्तान ने अवैध रूप से शक्सगाम घाटी को चीन को सौंप दिया। चीन ने 1970 के दशक में पाक अधिकृत कश्मीर के रास्ते से काराकोरम राजमार्ग का निर्माण कर लिया था।''

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