--परमानंद पांडेय,
अध्यक्ष - अंतर्राष्ट्रीय भोजपुरी सेवा न्यास,
राष्ट्रीय संयोजक - मंजिल ग्रुप साहित्यिक मंच, उत्तर भारत।
प्रसिद्ध कत्थक नर्तक पंडित बिरजू महाराज का दिल का दौरा पड़ने की वजह से निधन हो गया है। पद्म विभूषण से सम्मानित 83 साल के बिरजू महाराज ने रविवार और सोमवार की दरमियानी रात अंतिम सांस ली। बिरजू महाराज के पोते स्वरांश मिश्रा ने सोशल मीडिया के जरिए इसकी जानकारी दी।
बिरजू महाराज की तबीयत खराब होने के बाद दिल्ली के साकेत अस्पताल में उन्हें भर्ती कराया गया। उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए मालिनी अवस्थी ने लिखा कि आज भारतीय संगीत की लय थम गई। सुर मौन हो गए। भाव शून्य हो गए। कत्थक के सरताज पंडित बिरजू महाराज नहीं रहे।
लखनऊ के कत्थक घराने में पैदा हुए बिरजू महाराज के पिता अच्छन महाराज और चाचा शम्भू महाराज का नाम देश के प्रसिद्ध कलाकारों में शुमार था। उनका शुरुआती नाम बृजमोहन मिश्रा था। पिता के जल्द गुजर जाने के बाद परिवार की जिम्मेदारी उनके कंधों पर जल्द आ गई। उन्होंने अपने चाचा से कत्थक का प्रशिक्षण लेना शुरू किया। अंतरराष्ट्रीय भोजपुरी सेवा न्यास परिवार के पदाधिकारी गण व न्यासी सदस्य गण सहित कला से जुड़े कई गण मान्य लोगों ने अश्रुपूर्ण विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की।