--डॉ• इन्द्र बली मिश्र,
काशी हिंदू विश्वविद्यालय,
वाराणसी-उत्तर प्रदेश, इंडिया इनसाइड न्यूज़।
कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को देवउठनी एकादशी के नाम से जाना जाता है। मान्यता है कि इस दिन चार माह की निद्रा के बाद भगवान विष्णु जागते हैं और अपना कार्यभार संभालते हैं। इस दिन से श्री हरि श्रृष्टि का संचालन करते हैं। इस साल देवोत्थान एकादशी 15 नवंबर के दिन पड़ रही है। एकादशी व्रत का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है।
देवउठानी एकादशी के दिन भगवान विष्णु की विधि-विधान के साथ पूजा की जाती है। भगवान विष्णु के निद्रा से जागने के बाद से इस दिन से मांगलिक कार्यों की शुरुआत हो जाती है। मान्यता है कि एकादशी का व्रत रखने से भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है। इतना ही नहीं भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
▪︎ देव उठानी एकादशी शुभ मुहूर्त
• एकादशी तिथि का प्रारम्भ- 14 नवम्बर, 2021 को प्रातः 08 बजकर 59 मिनट से
• एकादशी तिथि का समाप्त- 15 नवम्बर, 2021 को प्रातः 08 बजकर 51 मिनट तक
▪︎ उदया तिथि के अनुसार एकादशी व्रत 15 को ही मनाया जाएगा तथा इस दिन तुलसी विवाह भी किया जाएगा।