--डॉ• इन्द्र बली मिश्र,
काशी हिंदू विश्वविद्यालय,
वाराणसी-उत्तर प्रदेश, इंडिया इनसाइड न्यूज़।
प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी कार्तिक मास की अमावस्या को दिवाली का पावन पर्व मनाया जायेगा। इस दिन मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा का विधान हैं। भगवान गणेश प्रथम पूजनीय देव हैं और माता लक्ष्मी को धन की देवी कहा जाता है। भगवान गणेश और माता लक्ष्मी की कृपा से जीवन सुखमय हो जाता है।
सनातन परंपरा में शुभ मुहूर्त में पूजा करने का बहुत अधिक महत्व है। शुभ मुहूर्त में पूजा करने से कई गुना अधिक फल की प्राप्ति होती है। आइए जानते हैं दिवाली के दिन के शुभ मुहूर्त, पूजा- विधि।
▪︎ पूजा का शुभ मुहूर्त
लक्ष्मी पूजन का विशेष मुहूर्त - शायं 06:09 से 08:04, अवधि - 01 घण्टा 56 मिनट
▪︎ दीवाली लक्ष्मी पूजा के लिये शुभ चौघड़िया मुहूर्त
•प्रातः मुहूर्त (शुभ) - 06:35 पूर्वाह्न से 07:58 पूर्वाह्न
• प्रातः मुहूर्त (चर, लाभ, अमृत) - 10:42 पूर्वाह्न से 02:49 अपराह्न
• अपराह्न मुहूर्त (शुभ) - 04:11 से 05:34 अपराह्न
• सायाह्न मुहूर्त (अमृत, चर) - 05:34 पूर्वाह्न से 08:49 अपराह्न
• रात्रि मुहूर्त (लाभ) - 12:05 पूर्वाह्न से 01:43 अपराह्न।