आयकर विभाग का तलाशी अभियान



नई दिल्ली,
इंडिया इनसाइड न्यूज़।

■ अहमदाबाद में आयकर विभाग का तलाशी अभियान

आयकर विभाग ने अहमदाबाद स्थित एक समूह पर 08.09.2021 को तलाशी और जब्ती अभियान चलाया। यह समूह गुजरात के प्रमुख व्यापारिक घरानों में से एक है जो मुख्य रूप से मीडिया और रियल एस्टेट क्षेत्रों में कार्यरत है। समूह की मीडिया शाखा में इलेक्ट्रॉनिक्स, डिजिटल और साथ ही प्रिंट मीडिया शामिल हैं। जबकि रियल एस्टेट कारोबार में अफोर्डेबल हाउसिंग प्रोजेक्ट्स और शहरों के इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट शामिल हैं। तलाशी अभियान 20 से अधिक परिसरों में चलाया गया।

तलाशी अभियान के दौरान, बड़ी संख्या में आपत्तिजनक दस्तावेज, लूज शीट, डिजिटल सबूत आदि पाए गए हैं और उन्हें जब्त भी किया गया। इन सबूतों में कई वित्त वर्षों के दौरान समूह के बेहिसाब लेनदेन के विस्तृत रिकॉर्ड मौजूद पाए गए हैं। इन सबूतों से 500 करोड़ रुपये से अधिक बेहिसाब नकद प्राप्तियों का संकेत मिला है जो कि ट्रांसफरेबल डेवलपमेंट राइट (टीडीआर) प्रमाणपत्रों की बिक्री से किए गए हैं। अचल संपत्ति प्रोजेक्ट और जमीन सौदों में 350 करोड़ रुपये से अधिक के ऑन-मनी लेनदेन के दस्तावेजों के सबूत मिले हैं।

कुल मिलाकर, 150 करोड़ रुपये से अधिक के नकद आधारित ऋण और ब्याज भुगतान/पुनर्भुगतान के प्रमाण भी मिले हैं जिनका हिसाब नहीं दिया गया है। इसके अलावा, बेहिसाब नकद व्यय, नकद में अग्रिम प्राप्ति और नकद में ब्याज भुगतान के प्रमाण भी मिले हैं। अब तक विभिन्न परिसरों से एक करोड़ रुपये से अधिक नकद और 2.70 करोड़ रुपये के आभूषण जब्त किए जा चुके हैं। समूह से बड़ी संख्या में फर्जी व्यक्तियों और वर्षों से कोऑपरेटिव हाउसिंग सोसाइटियों के नाम पर अर्जित संपत्तियों के मूल दस्तावेज भी मिले हैं।

कुल मिलाकर, खोज और जब्ती अभियान ने पिछले कई वर्षों में 1,000 करोड़ रुपये से अधिक के लेन-देन का खुलासा किया है और इसका कोई हिसाब नहीं है। तलाशी में 14 लॉकर भी मिले, जिन पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।

तलाशी अभियान अभी भी जारी है और आगे की जांच जारी है।


■ आय कर विभाग ने पंजाब और हरियाणा में तलाशी अभियान चलाया

आय कर विभाग ने 08.09.2021 को पूरे पंजाब और हरियाणा के कई परिसरों को कवर करते हुए तीन प्रमुख कमीशन एजेंट समूहों पर तलाशी और जब्ती अभियान चलाया। ये समूह कमीशन एजेंटों के व्यवसाय के अतिरिक्त स्टील रोलिंग मिल, कोल्ड स्टोरेज, जनरल मिल्स, आभूषण की दुकान, पोल्ट्री, चावल मिलों, तेल मिलों, आटा मिल के व्यवसायों से भी जुड़े हैं।

तलाशी कार्रवाई से यह भी पता चला कि ये समूह अपनी व्यवसाय प्राप्तियों को छुपा रहे हैं और व्यय को बढ़ा-चढ़ा कर प्रदर्शित कर रहे हैं। वे नकदी में प्राप्त तथा भुगतान की गई राशियों का भी कोई हिसाब नहीं रखते। इसके अतिरिक्त, नकदी तरीके से अचल संपत्तियों के भुगतान से संबंधित कुछ दस्तावेज भी प्राप्त और जब्त किए गए हैं। एक समूह में ऐसा पाया गया है कि फलों की खरीद तुड़ाई की अवधि के दौरान कम लागत पर की गई है जबकि बिक्री कोल्ड स्टोरेज में वस्तुओं को भंडारित करने के बाद बहुत ऊंची कीमत पर की गई है। अन्य समूहों में भी इसी तरह काम करने के तौर तरीके पाए गए हैं। प्रमुख निष्कर्ष इस प्रकार हैं:

1. लड्डू लिपि में बही खाते (कच्चा खाता बही) पाए गए हैं जो करोड़ों रुपये की विशाल बेनामी संपत्ति को प्रदर्शित करते हैं। एक विशेषज्ञ की सहायता से इन खाता बहियों की व्याख्या की जा रही है। कुछ व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के बही खातों के समानांतर सेट भी पाए गए हैं जो वार्षिक आधार पर करोड़ों रुपये की सकल व्यावसायिक प्राप्तियों का छुपाया जाना प्रदर्शित करता है।

2. ऐसा पाया गया है कि किसानों को कुल मिला कर करोड़ों रुपये तक की नकदी अग्रिम रूप से दी गई है और उन पर 1.5 प्रतिशत से लेकर 3.00 प्रतिशत तक की मासिक ब्याज दर वसूली जा रही है। ब्याज की प्राप्ति नकदी में की जाती है और उन्हें बही खातों में प्रदर्शित नहीं किया जाता।

3. 9.00 करोड़ रुपये के बराबर से अधिक के पोल्ट्री व्यवसाय तथा राइस शेलर से संबंधित नकदी खरीद और बिक्री का पता चला है। जालंधर में स्थित एक परिसर से 1.29 करोड़ रुपये की बेनामी खरीद पाई गई है। बेनामी बिक्री के विवरण भी पाए गए हैं।

4. कर्मचारियों के नाम पर दो संदिग्ध कंपनियों का भी पता चला है जिनका टर्नओवर प्रति वर्ष करोड़ों रुपये का है।

5. एक प्रतिष्ठान में, मुख्य कर निर्धारिती (ऐसेसी) ने स्वीकार किया है कि कई वर्षों से करोड़ों रुपये का भुगतान आय कर अधिनियम, 1961 के खंड 40ए(3) का उल्लंघन करने के द्वारा किया गया है जिसे बही खाते में भुगतान को विभाजित करने के बाद उसके ही लेखांकन के द्वारा किया गया है।

6. स्टील रोलिंग मिल्स में, परिष्कृत वस्तुओं के भंडार में असमानता पाई गई है और कच्चे माल (स्क्रैप) की पड़ताल का काम प्रगति पर है। अभी तक 25 लाख रुपये से अधिक की परिष्कृत वस्तुओं के बेनामी स्टॉक का हिसाब लगाया गया है।

7. अचल संपत्तियों में 3.40 करोड़ रुपये तक के बेनामी निवेश का पता लगाया जा चुका है तथा तलाशी के दौरान कवर की गई संपत्तियों के मालिकों द्वारा इसे स्वीकार भी कर लिया गया है।

8. कुछ परिसरों में पाए गए डिजिटल साक्ष्यों को जब्त कर लिया गया है जिसके विश्लेषण का कार्य प्रगति पर है।

9. तलाशी दल को एक समूह के परिवार के सदस्यों को ब्याज मुक्त ऋण/अग्रिम के रूप में बिजनेस फंड परिवर्तित किए जाने का भी पता चला है।

10. इन समूहों में कुल 1.70 करोड़ रुपये की बेहिसाबी नकदी भी पाई गई है। 1.50 करोड़ रुपये के मूल्य के बेहिसाबी आभूषणों का भी पता चला है। इसके अतिरिक्त, 1.50 करोड़ रुपये के मूल्य का बेहिसाबी आटा भी पाया गया है। आठ बैंक लॉकरों पर रोक लगा दी गई है जिन्हें प्रचालित किया जा रहा है।

तलाशी अभियान अभी भी जारी है और आगे की जांच प्रगति पर है।

ताजा समाचार

National Report

  India Inside News




Image Gallery