दुर्ग में हुई 38 मौतों का जिम्‍मेदार भूपेश बघेल?



--विजया पाठक (एडिटर- जगत विजन),
रायपुर-छत्तीसगढ़, इंडिया इनसाइड न्यूज़।

■ कोरोना संक्रमण पर राजनीति कर रहे हैं बघेल

■ क्रिकेट चैंपियनशिप के आयोजन में करोड़ों की हेराफेरी, जिम्‍मेदार कौन?

देश में कोरोना की दूसरी लहर की शुरूआत हो चुकी है और आते ही इस संक्रमण ने कई राज्यों को अपने चपेट में लिया है। महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ सहित अन्य राज्य इस वायरस से अछूते नहीं रह पाए है। वायरस के इस संक्रमण से जनता को बचाने के लिए निरंतर जहां महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश राज्य सरकार कई कडे कदम उठा चुकी हैं। वहीं छत्तीसगढ़ में फिलहाल ऐसा कुछ नहीं देखने को मिल रहा है। सत्ता में काबिज भूपेश बघेल की सरकार जनता के स्वास्थ्य को लेकर कितनी चिंतिंत है इस बात अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि प्रदेश में 6 हजार से ज्यादा कोरोना के एक्टिव केस है और भूपेश सरकार हाथ पर हाथ रखकर बैठी हुई हैं। राज्य की जनता दिन प्रतिदिन संक्रमित होती जा रही है और भूपेश बघेल और उनके राज्य के मंत्री सिर्फ लूट खसोट करने में जुटे हुए है।

अलग-अलग योजनाओं के माध्यम से करोड़ों रुपए के बजट को काला-पीला दिखाकर डकार लेने में माहिर भूपेश बघेल के लापरवाही का सबसे बड़ा उदाहरण है दुर्ग में कोविड के कारण एक ही दिन में हुई 38 लोगों की मौतें। आखिर इस दुखद घटना का जिम्मेदार कौन है? आखिर क्यों नहीं भूपेश सरकार कोरोना संक्रमण रोकने जरूरी कदम उठाती। एक तरफ जब संक्रमण से बचाव के लिए हर राज्य सरकार दुकान, हाट बाजार, सांस्कृतिक आयोजन, खेल गतिविधि आदि पर रोक लगा रही थी, तब भूपेश सरकार ने महज रूपयों के लालच में आकर राज्य में रोड सेफ्टी क्रिकेट चैंपियनशिप कराए जाने पर सहमति जताई। नतीजा स्टेडियम के अंदर लाखों लोगों की भीड़ और राज्य में जमता संक्रमण का पैर। यही वजह है कि लगभग एक वर्ष से भी अधिक समय से खुद को कोविड से बचाने में सफल रहे क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर भी छत्तीसगढ़ आकर कोविड संक्रमण के जाल में फंस गए। चैंपियनशिप समाप्त होने के कुछ दिन बाद ही उनकी कोरोना संक्रमण रिपोर्ट पॉजिटिव आ गई।

ऐसे समय में जब जनता संक्रमण से जूझ रही है तब भूपेश बघेल का लापरवाह रवैया कहीं न कहीं प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़ा करता है। कहीं ऐसा तो नहीं कि प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव को खुद का प्रतिस्पर्धी मानने वाले भूपेश बघेल ने टीएस सिंहदेव की छवि को धूमिल करने के लिए अब तक कोविड रोकने के प्रति कोई गंभीर कदम नहीं उठाए। वो नहीं चाहते कि स्वास्थ्य विभाग का अमला संक्रमण रोकने में कामयाब हो जिससे टीएस सिंहदेव की छवि जनता की नजर में बेहतर बनें। क्योंकि भूपेश बघेल को यह डर हमेशा सताया रहता है कि सिंहदेव राज्य के अगले मुख्यमंत्री न बन जाए। प्रदेश में होती इस तरह की राजनीति पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी को संज्ञान लेते हुए भूपेश बघेल से आए दिन होती मौतों का जबाव लेते हुए फटकार लगाना चाहिए, ताकि पार्टी की छवि धूमिल होने से बचाई जा सके।

खैर, मुख्यमंत्री जी आपसे गुजारिश है कि अभी वक्त राजनीति करने का नहीं, बल्कि जनता की मौत की बढ़ती संख्या और बढ़ते संक्रमण को रोकने का है। इसलिए इस दिशा में कुछ जरूरी कदम उठाइए जिससे रोजाना होती मौतों को रोका जा सके।

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