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नई दिल्ली,
इंडिया इनसाइड न्यूज़।

● म्यांमार की रक्षा सेवाओं के कमांडर-इन-चीफ सीनियर जनरल मिन ओंग हलेंग ने प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात की

म्यांमार की रक्षा सेवाओं के कमांडर-इन-चीफ सीनियर जनरल मिन ओंग हलेंग ने सोमवार 29 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात की। सीनियर जनरल ने प्रधानमंत्री मोदी को हालिया संसदीय चुनावों में मिली सफलता पर बधाई दी। उन्होंने पिछले कुछ वर्षों के दौरान भारत की तेज विकास गति का उल्लेख किया और साथ ही रक्षा तथा सुरक्षा सहयोग के क्षेत्र में दोनों पड़ोसियों के बीच अनूठे संबंधों की प्रतिबद्धता को दोहराया।

प्रधानमंत्री मोदी ने म्यांमार की अपनी यात्रा के दौरान गर्मजोशी से हुए स्वागत को याद किया। उन्होंने म्यामांर के साथ आतंकवाद-रोधी, क्षमता निर्माण, सैन्य संबंधों और समुद्री सहयोग के साथ-साथ आर्थिक क्षेत्र और विकास में शानदार द्विपक्षीय सहयोग का भी उल्लेख किया।

प्रधानमंत्री ने म्यांमार के साथ अनूठे द्विपक्षीय साझेदारी को और गहरा करने के लिए भारत की मजबूत प्रतिबद्धता को दोहराया।

● भारतीय नौसेना में शामिल हुआ आईएन एलसीयू एल-56

पूर्वी नौसेना कमान के एवीएसएम, वीएसएम फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ वाइस एडमिरल अतुल कुमार जैन के द्वारा 29 जुलाई, 2019 को नेवल डॉकयार्ड, विशाखापत्तनम में हुए एक समारोह में लैंडिंग क्राफ्ट यूटिलिटी (एलसीयू) एमके IV की छठी श्रेणी के जहाज आईएन एलसीयू एल-56 को भारतीय नौसेना में शामिल किया गया। इस समारोह के दौरान पीवीएसएम एवीएसएम कंट्रोलर ऑफ वारशिप प्रोडक्शन एंड एक्विजिशन आईएचक्यूएमओडी (एन), अंडमान एंड निकोबार कमांड (एएनसी) के चीफ ऑफ स्टाफ मेजर जनरल बिजि मैथ्यू, नेवल कम्पोनेंट कमांडर (एनएवीसीसी) एएनसी में कोमोडोर आशुतोष रिढोरकर, गार्डन रीच शिपबिल्डर्स (जीआरएसई) के सीएमडी रियर एडमिरल वी के सक्सेना (सेवीनिवृत्त) के साथ ही ईएनसी के सभी फ्लैग अधिकारी और अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।

मुख्य अतिथि को गार्ड ऑफ ऑनर के साथ समारोह की शुरुआत हुई। उद्घाटन भाषण जीआरएसई, कोलकाता के सीएमडी रियर एडमिरल वीके सक्सेना ने दिया, उनके बाद कोमोडोर आशुतोष रिढोरकर एनएवीसीसी ने उपस्थित लोगों को संबोधित किया। उसके बाद कमांडिंग ऑफिसर लेफ्टिनेंट कमांडर गोपीनाथ नारायणन ने जहाज के कमीशनिंग वारंट को पढ़ा। इस पहली बार जहाज पर नौसेना का ध्वज लगाया गया और क्रम में समारोह के समापन के मौके पर राष्ट्र गान के साथ ध्वजारोहरण किया गया। उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए वाइस एडमिरल जैन ने देश में 100वां युद्ध पोत का निर्माण करने वाला पहला शिपयार्ड बनने के लिए जीआरएसई को बधाई दी। उन्होंने कहा कि एलसीयू 56 के शामिल होने से एएनसी की समुद्री और एचएडीआर क्षमता बढ़ेगी, क्योंकि इस जहाज को अंडमान निकोबार द्वीप समूह के आसपास समुद्र तट संचालन, खोज और बचाव अभियानों, आपदा राहत, तटीय गश्त और निगरानी जैसी मल्टी-रोल गतिविधियों में लगाया जाएगा। इसके बाद उन्होंने उद्घाटन पट्टिका का अनावरण किया और इस जहाज को राष्ट्र के लिए समर्पित किया।

एलसीयू 56 जहाज से तट तक प्रमुख युद्धक टैंक, बख्तरबंद वाहन, सेनाओं और अन्य उपकरणों की ढुलाई और तैनाती की प्राथमिक भूमिका निभाने वाला एक अहम पोत है। एलसीयू 56, एएनसी में एनएवीसीसी के अंतर्गत पोर्ट ब्लेयर में काम करेगा और तैनात रहेगा।

● रक्षा सहयोग को मजबूती देने के लिए भारत और मोजाम्बिक ने किए दो एमओयू

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह वर्तमान में 28-30 जुलाई, 2019 तक मैपुटो, मोजाम्बिक की आधिकारिक यात्रा पर हैं। यह रक्षा मंत्री बनने के बाद राजनाथ सिंह की पहली विदेश यात्रा और भारत के किसी रक्षा मंत्री की पहली मोजाम्बिक यात्रा है।

सोमवार 29 जुलाई को रक्षा मंत्री ने मोजाम्बिक के प्रधानमंत्री कार्लोस अगोस्तिन्हो डो रोसैरियो से वार्ता की। उनकी अपने समकक्ष अटान्सिओ सल्वाडोर एम तुमुके के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता भी हुई। वार्ता के बाद भारत सरकार और मोजाम्बिक गणराज्य की सरकार के बीच गैर सैन्य पोत नौवहन से जुड़ी जानकारी साझा करने और जल सर्वेक्षण (हाइड्रोग्राफी) में सहयोग पर दो समझौते (एमओयू) हुए। दोनों समझौतों से भारत-मोजाम्बिक के बीच जारी रक्षा सहयोग को और मजबूती मिलेगी।

इस यात्रा से मोजाम्बिक और भारत के बीच रक्षा सहयोग बढ़ेगा और ऐसी संभावित भागीदारियों से हिंद महासागर क्षेत्र में सुरक्षा को बढ़ावा मिलेगा।

इस दौरान रक्षा मंत्री ने संचार उपकरण सहयोग देने का ऐलान किया। साथ ही उन्होंने तस्करी, आतंकवाद, पायरेसी, अवैध शिकार आदि गैर पारंपरिक चुनौतियों से बचने के लिए मिलकर काम करने और समुद्री क्षेत्र में व्यापक सहयोग के महत्व का उल्लेख किया।

मोजाम्बिक के रक्षा मंत्री अटान्सिओ सल्वाडोर एम तुमुके ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को आंतरिक सुरक्षा के हालात और पहले से जारी निरस्त्रीकरण, सेना में कमी और पुनः एकीकरण (डीडीआर) प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी। रक्षा मंत्री ने इस शांति प्रक्रिया पर उन्हें शुभकामनाएं दीं।

रक्षा मंत्री ने मोजाम्बिक के नेताओं के साथ मुलाकात के दौरान द्विपक्षीय संबंधों पर व्यापक चर्चा की। इस मौके पर उन्होंने सरकारों के बीच हुए समझौतों, व्यापारिक आदान-प्रदान, व्यावसायिक साझेदारी और दोनों देशों के लोगों के बीच प्राचीन काल से कायम संबंधों का भी उल्लेख किया।

मोजाम्बिक ने आतंकवाद और कट्टरपंथ के बढ़ते खतरे का सामना करने के लिए भारत से सहयोग की मांग की। राजनाथ सिंह ने सहयोग का भरोसा दिलाया और इस दिशा में मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता को दोहराया।

मोजाम्बिक के नौसेना मुख्यालय पर हुए एक समारोह के दौरान मोजाम्बिक को दो भारत निर्मित फास्ट इंटरसेप्टर बोट्स (एफआईबी) का हस्तांतरण किया गया। इस हस्तांतरण प्रमाण पत्र पर भारतीय तटरक्षक बल में महानिदेशक और मोजाम्बिक नौसेना के प्रमुख ने हस्ताक्षर किए। आईसीजीएस की चार सदस्यीय टीम दोनों नौकाओं के रखरखाव और परिचालन के वास्ते प्रशिक्षण व सहयोग भी उपलब्ध करा रही हैं। मोजाम्बिक के रक्षा मंत्री ने मोजाम्बिक के सैन्य बलों को विशेषकर नौकाओं के रूप में सहयोग के लिए भारत के प्रति आभार व्यक्त किया, जो मुख्य रूप से तटीय निगरानी के लिए इस्तेमाल की जा रही हैं।

28 जुलाई को मोजाम्बिक पहुंचे रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को मोजाम्बिक के सैन्य मुख्यालय पर गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। शाम को रक्षा मंत्री ने वहां मौजूद भारतीय मूल के लोगों को संबोधित किया और समुदाय के साथ संवाद किया।

रक्षा मंत्री के साथ रक्षा सचिव, डीजी तटरक्षक बल और रक्षा व विदेश मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ ही एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल मौजूद रहा।

भारत के मोजाम्बिक के साथ नजदीकी और मित्रतापूर्ण संबंध हैं, जिसे विकास संबंधी साझेदारी और भारतीय समुदाय की उपस्थिति बढ़ने से मजबूती मिली है। रक्षा मंत्री की यात्रा से मोजाम्बिक के साथ भारत के संबंधों को मजबूती मिलने का अनुमान है।

● वी.ओ.चिदम्बरनार बंदरगाह ने एक दिन में कार्गो रखरखाव का रिकॉर्ड बनाया

वी.ओ.चिदम्बरनार बंदरगाह ने 27 जुलाई, 2019 को एक ही दिन में 1,80,597 मीट्रिक टन कार्गो का रखरखाव किया। इस प्रकार बंदरगाह ने 16 नवंबर, 2017 के 1,77,639 मीट्रिक टन के पिछले एकदिवसीय रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। कार्गो में मुख्य रूप से कोयला (79,230 टन), कंटेनर कार्गो (52,200 टन / 2,900 टीईयू) और सामान्य कार्गो (49,167 टन) मद शामिल थे।

इससे पहले 25 जुलाई, 2019 को बंदरगाह ने 85,224 टन के सबसे बड़े पार्सल आकार के पोत का रखरखाव करके एक अन्य रिकॉर्ड भी स्थापित किया था। संयुक्त अरब अमीरात के मीना सेकर बंदरगाह से आए साइप्रस के पोत से 85,224 टन के सबसे बड़े पार्सल वाले इस पोत का इस बंदरगाह पर रखरखाव किया गया था। यह पोत ईस्टर्न बल्क ट्रैडिंग चेन्नई के लिए 85,224 टन चूना-पत्थर लेकर आया था। इससे पहले इस बंदरगाह ने 11 फरवरी, 2019 को 84,502 टन चूना-पत्थर वाले पोत का रखरखाव किया था।

इस बंदरगाह के कंटेनर यातायात में सालाना लगभग 10 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हो रही है। इस क्षेत्र में कंटेनर व्यापार की जरूरत को पूरा करने के लिए एक तीसरे कंटेनर टर्मिनल को विकसित करने की योजना बनाई जा रही है।

● '7.32% सरकारी स्टॉक 2024' की बिक्री (पुनर्निर्गम) के लिए नीलामी, '7.26% सरकारी स्टॉक 2029' की बिक्री (पुनर्निर्गम) के लिए नीलामी, ‘7.69% सरकारी स्टॉक 2043’, और '7.72% सरकारी स्टॉक 2049' की बिक्री (पुनर्निर्गम) के लिए नीलामी

भारत सरकार ने (i) मूल्य आधारित नीलामी के जरिए 5,000 करोड़ रुपये (सांकेतिक) की अधिसूचित राशि के लिए ‘7.32 प्रतिशत ब्याज वाले सरकारी स्टॉक 2024’ (ii) मूल्‍य आधारित नीलामी के जरिए 6,000 करोड़ रुपये (सांकेतिक) की अधिसूचित राशि के लिए ‘7.26 प्रतिशत ब्याज वाले सरकारी स्टॉक 2029’ (iii) मूल्‍य आधारित नीलामी के जरिए 2,000 करोड़ रुपये (सांकेतिक) की अधिसूचित राशि के लिए ‘7.69 प्रतिशत ब्याज वाले सरकारी स्टॉक 2043’ (iv) मूल्‍य आधारित नीलामी के जरिए 4,000 करोड़ रुपये (सांकेतिक) की अधिसूचित राशि के लिए 7.72 प्रतिशत ब्याज वाले सरकारी स्टॉक 2049’ की बिक्री (पुनर्निर्गम) करने की घोषणा की है। 17000 करोड़ रुपये की सीमा को देखते हुए भारत सरकार के पास उपर्युक्‍त किसी भी स्‍टॉक के सापेक्ष 1,000 करोड़ रुपये तक का अतिरिक्‍त अभिदान अपने पास रखने का विकल्‍प होगा। एकाधिक मूल्य विधि का उपयोग कर ये नीलामियां आयोजित की जाएंगी। भारतीय रिजर्व बैंक के मुम्‍बई कार्यालय, फोर्ट, मुंबई द्वारा ये नीलामियां 02 अगस्त, 2019 (शुक्रवार) को आयोजित की जाएंगी।

सरकारी प्रतिभूतियों की नीलामी से जुड़ी गैर-प्रतिस्‍पर्धी बोली सुविधा की योजना के अनुसार स्‍टॉक की बिक्री की अधिसूचित राशि के 5 प्रतिशत तक का आवंटन पात्र व्‍यक्तियों एवं संस्‍थानों को किया जाएगा।

नीलामी के लिए प्रतिस्‍पर्धी एवं गैर-प्रतिस्‍पर्धी दोनों ही बोलियां 02 अगस्त, 2019 को भारतीय रिजर्व बैंक के कोर बैंकिंग सोल्‍यूशन (ई-कुबेर) सिस्‍टम पर इलेक्‍ट्रॉनिक प्रारूप (फॉर्मेट) में पेश की जानी चाहिए। गैर-प्रतिस्‍पर्धी बोलियां प्रात: 11.30 बजे से लेकर दोपहर 12.00 बजे तक और प्रतिस्‍पर्धी बोलियां प्रात: 11.30 बजे से लेकर दोपहर 12.30 बजे तक पेश की जानी चाहिए।

इन नीलामियों के नतीजों की घोषणा 02 अगस्त, 2019 (शुक्रवार) को ही कर दी जायेगी और सफल बोली लगाने वालों द्वारा भुगतान 05 अगस्त, 2019 (सोमवार) को किया जायेगा।

भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा जारी किए गए दिशा-निर्देशों के अनुरूप ये स्‍टॉक ‘व्‍हेन इश्‍यूड’ ट्रेडिंग के लिए पात्र माने जाएंगे। ये दिशा-निर्देश ‘केंद्र सरकार की प्रतिभूतियों में कब लेन-देन जारी किए गए’ पर जारी किए गए हैं। इसके लिए दिनांक 24 जुलाई, 2018 को जारी परिपत्र संख्‍या आरबीआई/2018-19/25 देखें, जिसमें समय-समय पर संशोधन होते रहे हैं।

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