नई दिल्ली/तमिलनाडु, 06 जून 2019, इंडिया इनसाइड न्यूज़।
भारत सरकार, तमिलनाडु सरकार एवं विश्व बैंक ने मंगलवार 04 जून को नई दिल्ली में तमिलनाडु स्वास्थ्य प्रणाली सुधार कार्यक्रम के लिए 287 मिलियन डॉलर ऋण समझौते पर हस्ताक्षर किए। इस कार्यक्रम का उद्देश्य तमिलनाडु में स्वास्थ्य देखभाल की गुणवत्ता में सुधार लाना, गैर-संक्रमणीय रोगों (एनसीडी) के बोझ को कम करना एवं प्रजनन तथा शिशु स्वास्थ्य सेवाओं में व्याप्त समानता खाईयों को पाटना है।
तमिलनाडु नीति आयोग स्वास्थ्य सूचकांक में सभी भारतीय राज्यों के बीच तीसरे स्थान पर है जिसे व्यापक रूप से उन्नत स्वास्थ्य परिणामों में परिलक्षित किया गया है। राज्य की मातृत्व मृत्यु दर 2005 के प्रति 100,000 सप्राण प्रसव 90 मौतों की तुलना में 2015-16 में घटकर 62 मौतों पर आ गई है, जबकि नवजात मृत्यु दर इसी अवधि में प्रति 1000 सप्राण प्रसव 30 मौतों से घटकर 20 मौतों पर आ गई है। इस उपलब्धियों में प्रमुख योगदान विश्व बैंक से पहले की सहायता से आपातकालीन प्रसूति एवं नवजात देखभाल केन्द्रों तथा 108 एम्बुलेंस सेवा की स्थापना का रहा है। इन्होंने सुनिश्चित किया है कि सप्ताह के सातों दिन, 24 घंटे किसी भी माता को आपातकालीन प्रसूति एवं नवजात शिशु देखभाल की सुविधा प्राप्त करने के लिए 30 मिनट से अधिक की यात्रा न करनी पड़े।
इन प्रभावी लाभों के बावजूद, कई जिलों में स्वास्थ्य देखभाल की गुणवत्ता एवं प्रजनन तथा शिशु स्वास्थ्य देखभाल में अंतर सहित स्वास्थ्य देखभाल में कुछ चुनौतियां अभी भी बनी हुई हैं। तमिलनाडु गैर-संक्रमणीय रोग (एनसीडी) के बढ़ते बोझ से भी जूझ रहा है क्योंकि राज्य में होने वाली लगभग 69 प्रतिशत मौतों में उनकी हिस्सेदारी होती है।
तमिलनाडु स्वास्थ्य प्रणाली सुधार कार्यक्रम राज्य सरकार को निम्नलिखित प्रकार से सहायता देगाः-
• नैदानिकी नयाचारों एवं दिशा-निर्देशों का विकास।
• सार्वजनिक क्षेत्र में प्राथमिक, द्वितीयक एवं तृतीयक स्तर स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए राष्ट्रीय प्रत्यायन अर्जित करना।
• नियमित चिकित्सा, शिक्षा के माध्यम से चिकित्सकों, परिचारिकाओं एवं परा-चिकित्सकों को सुदृढ़ करना।
• आम लोगों को गुणवत्ता एवं अन्य आंकड़ों की सुविधा उपलब्ध कराने के द्वारा नागरिकों एवं राज्य के बीच फीडबैक लूप को सुदृढ़ बनाना।
वित्त मंत्रालय के आर्थिक मामलों के विभाग के अपर सचिव समीर कुमार खरे ने कहा, ‘तमिलनाडु सार्वजनिक क्षेत्र में निवेश करने एवं दूसरे राज्यों को सीख प्रदान करने के द्वारा स्वास्थ्य प्रणाली प्रदर्शन को अगले स्तर तक ले जाने में एक मॉडल की भूमिका निभा सकता है। उन्होंने कहा कि यह खुशी का क्षण है कि विश्व बैंक इस यात्रा में राज्य की सहायता कर रहा है।’
परियोजना के लिए समझौते पर भारत सरकार की तरफ से वित्त मंत्रालय के आर्थिक मामलों के विभाग के अपर सचिव समीर कुमार खरे, तमिलनाडु सरकार की तरफ से स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के सचिव बीला राजेश एवं विश्व बैंक की तरफ से विश्व बैंक भारत के कार्यवाहक कंट्री डायरेक्टर हिशाम अब्दो ने हस्ताक्षर किए।
विश्व बैंक भारत के कार्यवाहक कंट्री डायरेक्टर हिशाम अब्दो ने कहा, ‘यह कार्यक्रम परिणाम अर्जित करने के लिए संस्थागत एवं राज्य क्षमता को सुदृढ़ बनाने की युक्तियों का समर्थन करता है। राज्य सार्वजनिक स्वास्थ्य क्षेत्र के प्रबंधन में सुधार लाने, पारदर्शिता बढ़ाने तथा जवाबदेही को मजबूत बनाने के लिए कार्यक्रम के जरिए तमिलनाडु के अच्छे प्रचलनों एवं नवोन्मेषणों को बढ़ाया जा रहा है, जबकि विश्व के अन्य नवोन्मेषणों को अंगीकार किया जा रहा है।’