आंध्र प्रदेश, 03 जून 2019, इंडिया इनसाइड न्यूज़।
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाईएस जगनमोहन रेड्डी ने पूर्व मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू के उस आदेश को रद्द कर दिया है। अब राज्य में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को भ्रष्टाचार के मामलों की जांच की अनुमति फिर से मिल गई है। बता दें कि लोकसभा चुनाव से पहले नवंबर 2018 में तत्कालीन मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने आंध्र प्रदेश में केंद्रीय प्रतिष्ठानों पर छापेमारी करने और जांच करने के लिए सीबीआई से 'आम सहमति' वापस ले ली थी।
सरकार के फैसले की पुष्टि करते हुए, वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) के महासचिव विजय साई रेड्डी ने कहा कि चंद्रबाबू नायडू डर गए थे। उन्होंने कहा कि जगनमोहन रेड्डी के शासन में राज्य में चोरों को बख्शा नहीं जाएगा। सोमवार को विजय साई रेड्डी ने ट्वीट करते हुए इस फैसले की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जगनमोहन रेड्डी ने राज्य निकायों को निर्देश जारी करते हुए कहा कि आंध्र प्रदेश में सीबीआई की एंट्री के लिए किसी भी पूर्व अनुमति की जरूरत नहीं होगी।
विजय साई रेड्डी ने ट्वीट किया कि चंद्रबाबू ने सीबीआई पर प्रतिबंध लगा दिया था, उन्होंने आईटी छापेमारी को रोका था। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि ईडी राज्य के अंतर्गत कब से आने लगा। अब जगन मोहन रेड्डी ने राज्य में सीबीआई को अनुमति देने के आदेश जारी किए हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि चोरों को बख्शा नहीं जाएगा। क्या आप सुन रहे हैं मिस्टर चंद्रबाबू नायडू।