राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग द्वारा नीति आयोग को सुझाव



● राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग ने सफाई कर्मचारियों की कल्याणकारी योजनाओं के लिए नीति आयोग को सुझाव दिया

23 नवम्बर। राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग ने नीति आयोग को सुझाव दिया है कि सफाई कर्मचारियों की कुछ कल्याणकारी योजनाओं को आयोग के दायरे में लाया जाना चाहिए। राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग के अध्यक्ष मनहर वालजी भाई जाला और आयोग के सदस्यों मंजू दिलर, दिलीप के हाथीबेड और स्वामी सदानंद महाराज ने नीति आयोग के मुख्य सलाहकार रतन पी वट्टल के साथ बैठक की और उन्हें विभिन्न मुद्दों पर सफाई कर्मचारियों की चिंताओं से अवगत कराया।

आयोग के अध्यक्ष ने आयोग को वैधानिक या संवैधानिक दर्जा देकर शक्तिशाली बनाने तथा इसे एक सिविल कोर्ट के समान शक्ति देने के मुद्दे को उठाया। उन्होंने मैनुअल स्कैवेंजर्स नियोजन निषेध और पुनर्वास अधिनियम, 2013 को लागू करने की धीमी गति को लेकर आश्चर्य व्यक्त किया। आयोग ने नीति आयोग को किसी तीसरे पक्ष द्वारा सफाई कर्मचारियों का सर्वे कराने का सुझाव दिया जिसमें समुदाय के प्रतिनिधियों को शामिल किया गया हो। वर्तमान में आयोग की भूमिका केन्द्र सरकार द्वारा सफाई कर्मचारियों के कल्याण के लिए लागू की गई योजनाओं के निरीक्षण तक सीमित है। इसकी अपनी कोई योजना नहीं है। इस परिप्रेक्ष्य में आयोग ने सलाह देते हुए कहा है कि सफाई कर्मचारियों की कुछ कल्याणकारी योजनाओं को आयोग के दायरे में लाया जाना चाहिए।

नीति आयोग के मुख्य सलाहकार रतन पी वट्टल ने आयोग द्वारा दिए गए सुझावों को गंभीरता से लेते हुए कहा कि आयोग निकट भविष्य में सभी हितधारकों के साथ एक बैठक आयोजित करेगा जिसमें इस अमानवीय कार्य को पूरी तरह समाप्त करने के लिए रोड मैप तैयार किया जाएगा।

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