नई दिल्ली,
इंडिया इनसाइड न्यूज।
प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया के प्रबंधन ने आखिरकार लंबित विवादों पर वार्ता के लिए शनिवार को फेडरेशन ऑफ पी.टी.आई. इम्प्लाॅइज को आमंत्रित किया। इससे पहले शुक्रवार 29 सितंबर को नई दिल्ली में संसद मार्ग स्थित पीटीआई भवन के सामने एक सामूहिक प्रदर्शन किया गया जिसके लिए देशभर में वेतन बोर्ड के फैसले को लागू करना और बड़े पैमाने पर छंटनी के खिलाफ भी कर्मचारी आंदोलन कर रहे हैं।
पीटीआई के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की मीटिंग में विवेक गोयनका (एक्सप्रेस), विनीत जैन (टाइम्स ऑफ इंडिया), अवीक सरकार, महेंद्र मोहन गुप्ता (जागरण), एन. रवि (हिंदू), होर्मुसजी एन. कामा (मुंबई) सहित अन्य उपस्थित थे।
सामूहिक विरोध रैली का आयोजन एफपीटीआईईयू के अध्यक्ष अतानु पाल और महासचिव बलराम दहिया की अगुवाई में किया गया था। नेशनल कन्फेडरेशन ऑफ न्यूजपेपर व न्यूज एजेंसी कर्मचारी संगठन के अध्यक्ष इंदुकांत दीक्षित, इंडियन फेडरेशन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट्स (आईएफडब्ल्यूजे) के महासचिव विपिन धूलिया व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष उपेन्द्र सिंह राठौड़, नेशनल फेडरेशन ऑफ न्यूजपेपर एम्प्लॉइज (एनएफएनई) के चंद्र मोहन पपनई उनमें मौजूद रहे जिन्होंने सभा को संबोधित किया।
इन्दुकांत दीक्षित ने सभा को संचालित किया और राजस्थान से आए राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं राजस्थान प्रदेश अध्यक्ष उपेन्द्र सिंह राठौड़ ने उपस्थित साथियों को सर्वप्रथम संबोधित किया।
सामूहिक सभा में हैदराबाद, (तेलंगाना), लखनऊ, जयपुर से वरिष्ठ पत्रकार शंकर नागर, विक्रम सिंह खिंची सहित अन्य स्थानों से आए आईएफडब्ल्यूजे के मनोज मिश्रा, हवलदार सिंह, सागर बुर्की, सुरवीर सिंह, सुजाता माथुर और गोविंद मिश्रा ने भी सभा को संबोधित किया।
बता दें कि पीटीआई प्रबंधन ने पूर्व में फेडरेशन ऑफ पी.टी.आई. इम्प्लाॅइज से बातचीत बन्द कर दिया था लेकिन अब बातचीत फिर से शुरू करने का फैसला किया है। उपरोक्त जानकारी आईएफडब्ल्यूजे के सचिव संतोष चतुवेर्दी ने दी।
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