--हरेंद्र शुक्ला,
वाराणसी - उत्तर प्रदेश, इंडिया इनसाइड न्यूज़।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के शुक्रवार को एक दिवसीय वाराणसी दौरे की पूर्व संध्या पर काशी हिन्दू विश्वविद्यालय चिकित्सा विज्ञान संस्थान न्यूरोलॉजी विभाग के अध्यक्ष प्रो विजयनाथ मिश्र ने औद्योगिक विपन्नता और गरीबी के अभिषाप से शापित पूर्वांचल के मरीजों के दर्द को महसूस कर ट्विटर के माध्यम से पीएम मोदी से मार्मिक गुहार लगाई है। प्रो मिश्र ने अपने ट्विटर हैंडल पर पीएम मोदी को टैग करते हुए अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) नयी दिल्ली की तर्ज पर बीएचयू में भी न्यूरोसाइंस के लिए डेडिकेटेड सेंटर बनाने की गुहार लगाई है।
प्रो मिश्र ने अपने ट्विटर पेज पर लिखा है कि आदरणीय प्रधानमंत्री जी काशी में आपका स्वागत है। बीएचयू चिकित्सा विज्ञान संस्थान का न्यूरोलॉजी विभाग, देश के सबसे पुराने विभागों में से एक है। वर्तमान समय में बीएचयू के सर सुंदरलाल अस्पताल में हर महीने लगभग 9 हजार मरीज़, पूर्वांचल के अलावा बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश, उड़ीसा, छत्तीसगढ़, बंगाल प्रदेश सहित नेपाल से भी बेहतर इलाज के लिए आतें हैं। ऐसे में बीएचयू में जटिल न्यूरो रोगों के इलाज की और बेहतर सुविधाओं की ज़रूरत है। उन्होंने आगे लिखा है कि मिर्गी, लकवा, सरदर्द, डिमेंशिया, पार्किनसन, एएलएस, नस व मांसपेशियों की बीमारी, नींद व सपनों की बीमारी, आनुवंशिकी न्यूरो बीमारियाँ आदि प्रमुख हैं। इनमें बहुत बीमारियों का इलाज अब संभव है, पर इसके लिए अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) की तर्ज़ पर बीएचयू चिकित्सा विज्ञान संस्थान वाराणसी में भी एक डेडिकेटेड न्यूरो सेंटर की ज़रूरत है। जिसमें, वेंटीलेटर युक्त न्यूरो आईसीयू, न्यूरोइंटरवेंशन, न्यूरो जेनेटिक्स, ब्रेन सूट, मिर्गी व लकवा के इलाज के लिए, विशेष वार्ड और मशीनें, न्यूरो नेविगेशन आदि तकनीक हों।
प्रो मिश्र ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को टैग किये अपने मार्मिक ट्वीट में कहा है कि आपसे अनुरोध, कि आप बीएचयू चिकित्सा विज्ञान संस्थान के निदेशक को सर सुंदरलाल अस्पताल में एक न्यूरोसाइंस सेंटर बनाने के लिए आदेश दें।
बताते चलें कि न्यूरोलॉजिस्ट प्रो विजयनाथ मिश्र कोरोना काल में जब आक्सीजन के लिए अफरा तफरी मची हुई थी उस संक्रमण काल में आक्सीजन फेरी वाला अभियान चलाकर हजारों मरीजों की जान बचाई थी। मरीजों को अपना मित्र बनाने वाले न्यूरोलॉजिस्ट प्रो मिश्र नक्सल प्रभावित जिला सोनभद्र, मिर्जापुर और चंदौली के सुदूर गांवों में नि:शुल्क चिकित्सा शिविर लगाकर मरीजों का इलाज करना इनका जुनून बन गया है। यही नहीं जरुरत पड़ने पर उन गरीब मरीजों को बीएचयू अस्पताल में भर्ती कर इलाज भी करते हैं।
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