--हरेंद्र शुक्ला,
वाराणसी-उत्तर प्रदेश,
इंडिया इनसाइड न्यूज़।
■ एनकाउंटर करने वाली पुलिस टीम को दो लाख का इनाम
■ दो एस आई बने थाना प्रभारी
■ लूटी गई दरोगा की सर्विस पिस्टल बरामद
गत दिनों वाराणसी में दरोगा को गोली मारकर पिस्टल लुटने वाले दो बदमाशों को सोमवार सुबह पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया। हालांकि उनका साथी फरार होने में कामयाब रहा। उसकी तलाश जारी है। मौके से दरोगा से लूटी गई पिस्टल भी बरामद कर ली गई है।
मिली जानकारी के अनुसार, सभी अपराधी सगे भाई हैं और बिहार में कई वारदातों में शामिल रहे हैं। ये तीनों भाई पटना से भागे हुए थे और वाराणसी में शरण लिए हुए थे। वाराणसी में तीनों को पनाह देने में अहम भूमिका किसकी थी, पुलिस ने इसकी पड़ताल शुरू कर दी है। नौ नवंबर को लक्सा थाने में तैनात दरोगा को गोली मारने की घटना के बाद से ही लगातार कमिश्नरेट पुलिस पर सवाल उठ रहे थे।
ऑपरेशन पाताल लोक के तहत सोमवार सुबह पुलिस ने घटना में शामिल दो बदमाशों को ढेर कर दिया। एनकाउंटर भेलखा गांव के पास रिंग रोड पर हुई। पुलिस आयुक्त ए सतीश गणेश ने एनकाउंटर वाली टीम में शामिल दो दरोगा को थाने का प्रभार सौंपा। तो वहीं यूपी डीजीपी डॉक्टर डीएस चौहान ने एनकाउंटर करने वाली टीम को दो लाख रुपये इनाम देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि हमारे बहादुर सब इंस्पेक्टर अजय यादव को गोली मारकर उसका सर्विस पिस्टल लूटने वाले एनकाउंटर में मारे गए हैं। हमने उन बदमाशों के लिए ऑपरेशन पाताल लोक चलाया था। हमने तय कर लिया था कि उन बदमाशों को पाताल से भी ढूंढ निकालेंगे। मारे गए दोनों बदमाश समस्तीपुर बिहार के रहने वाले हैं। दोनों बदमाश आपस में सगे भाई थे। ये तीनों बदमाश बिहार में ज्यूडिशियल कस्टडी से भागे थे। ये बदमाश बिहार में दो पुलिसकर्मियों की हत्या कर चुके थे।
बिहार में तीन पुलिसकर्मियों के सरकारी असलहे लूट चुके थे। दो बैंक डकैती के दौरान पांच आम नागरिकों को भी मार चुके थे। डीजीपी ने बताया कि हमने अपनी स्ट्रेटजी के तहत इन्हें वाराणसी से निकलने नहीं दिया। हमारे दारोगा की लूटी हुई पिस्टल भी बरामद हो गई है। मारे गए बदमाशों से एक फैक्ट्री मेड पिस्टल भी मिली है। वाराणसी पुलिस कमिश्नर और उनकी टीम ने बेहतरीन काम किया है। एनकाउंटर वाली टीम को मेरी तरफ से दो लाख रुपए के ईनाम की घोषणा की गई है। ये नया उत्तर प्रदेश है जहां अपराधियों के लिए कोई जगह नहीं है। मैं यूपी की जनता को सुरक्षा का भरोसा दिलाता हूं।
● बिहार की अदालत से भागे थे बदमाश
वाराणसी में सोमवार की सुबह मारे गए दोनों बदमाश रजनीश सिंह और मनीष सिंह और इनका तीसरा भाई लल्लन 9 सितंबर 2022 को पटना जिले की बाढ़ जिला अदालत के शौचालय की दीवार तोड़कर फरार हो गए थे। तभी से बिहार पुलिस इनकी जबरदस्त तरीके से तलाश में थी, लेकिन ये तीनो भाई भागकर वाराणसी आ गए। तीनों भाइयों ने छह मार्च, 2017 को पटना के बेलछी थाना क्षेत्र के बाघाटिलहा गांव के समीप पीएनबी बैंक की शाखा से दिनदहाड़े 60 लाख रुपये लूट लिए थे।
इस दौरान बैंक के गार्ड योगेश्वर पासवान, सुरेश सिंह और चालक अजित यादव की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इन तीनों पर पूर्व में एक दारोगा, एक एएसआई की भी हत्या करने का आरोप था। ये कुल पांच भाई है, एक भाई सीधा साधा है जो समस्तीपुर में गांव पर रहता है, इनका एक और भाई किसी संगीन जुर्म में झारखंड की जेल में बंद है। बाकी ये तीनों सगे भाई संगठित तरीके से लगातार अपराध की घटनाओ को अंजाम दे रहे थे। दो सोमवार को मुठभेड़ में ढेर हुए। एक की तलाश जारी है।
● 2018 बैच के दो दरोगा बने थाना प्रभारी
पुलिस आयुक्त ए सतीश गणेश ने बताया कि रोहनिया थाना क्षेत्र के दरेखू में गत दिनों दरोगा अजय यादव की पिस्टल लूट की घटना के वर्कआउट करते हुए बिहार के दो शातिर अपराधियों को ढेर करने वाले बहादुर एसआई बृजेश मिश्रा को थानाध्यक्ष चितईपुर और एसआई राजकुमार पांडेय को थानाध्यक्ष लोहता का प्रभार दिया गया। 2018 बैच के युवा दरोगाओं को प्रोत्साहन स्वरूप यह चार्ज दिया गया।
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