--राजीव रंजन नाग,
नई दिल्ली, इंडिया इनसाइड न्यूज़।
कांग्रेस में अब खरगे युग की शुरुआत हो चुकी है। मल्लिकार्जुन खरगे ने जीत के बाद सोनिया गांधी, राहुल गांधी और पार्टी के तमाम बड़े नेताओं की मौजूदगी में अपना पदभार संभाल लिया है। अध्यक्ष पद संभालने के बाद खरगे ने पहली बार बतौर कांग्रेस अध्यक्ष नेताओं को संबोधित किया। जिसमें उन्होंने इस पद तक पहुंचाने के लिए अपनी पार्टी को धन्यवाद दिया और कहा कि सोनिया गांधी के ब्लूप्रिंट को ही आगे बढ़ाने का काम किया जाएगा।
खरगे ने कहा कि "ये मेरे लिए भावुक छण है। एक सामान्य कार्यकर्ता, मजदूर के बेटे को कांग्रेस अध्यक्ष चुनकर सम्मान देने के लिए आप सबका आभार...ब्लॉक अध्यक्ष से शुरू हुई यात्रा को आपने इस मुकाम पर पहुंचाया है। अंबेडकर के बनाए संविधान की रक्षा करना हम सबका कर्तव्य है।"
खरगे ने अपने संबोधन में आगे कहा कि सत्ता की राजनीति के दौर में सोनिया गांधी ने त्याग की जो मिसाल कायम की है उसका कोई दूसरा उदाहरण नहीं है। उन्होंने कहा कि ये दौर मुश्किल है। लोकतंत्र को बदलने की कोशिश की जा रही है। सत्ता में बैठे लोग लोकतंत्र को कमजोर करेंगे। झूठ, फरेब और नफरत के इस जाल को हम तोड़ कर रहेंगे। कांग्रेस 137 सालों से लोगों के जीवन का हिस्सा है।
मल्लिकार्जुन खरगे ने अपने संबोधन में कहा कि मतदाता हमसे रूठ गए हैं, उन्हें मनाने की जरूरत है। इतना ही नहीं खरगे ने भारत जोड़ो यात्रा के लिए राहुल गांधी की तारीफ की और राहुल से कहा कि मुझे आपका साथ चाहिए। खरगे ने उदयपुर शिविर के हवाले से संगठन में युवाओं को आगे बढ़ाने और 50% पद युवाओं को देने की बात की, उन्होंने कहा कि इसे लागू करवाने की हम कोशिश करेंगे।
राजधानी के 24 अकबर रोड स्थित कांग्रेस मुख्यालय में खरगे की ताजपोशी के दौरान सोनिया गांधी ने कहा कि मैं खड़गे जी को दिल से बधाई देती हूं, मैं बहुत ही खुश हूं। आज राहत महसूस कर रही हूं। ये अनुभवी नेता हैं और साधारण कार्यकर्ता से काम करते हुए आज इस ऊंचाई पर पहुंचे हैं। इससे पूरी पार्टी को प्रेरणा और मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि, आज हमारी पार्टी के सामने बहुत सारी चुनौतियां हैं, हमारे देश के सामने कई संकट है, उनसे हम पार पाने की कोशिश करेंगे। सारे नेता और कार्यकर्ता मिलकर काम करेंगे, और मिलकर शक्तियों का सामना करेंगे, पार्टी कभी हार नहीं मानी और मानेगी, हम पूरी एकता के साथ आगे बढ़ेंगे और सफल होंगे।
मल्लिकार्जुन खरगे की ताजपोशी को लेकर कांग्रेस मुख्यालय में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में राहुल गांधी और पार्टी की महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा भी मौजूद थे। सोनिया ने आगे कहा कि यह सम्मान बहुत बड़ी जिम्मेदारी भी थी, मुझसे अपनी क्षमता और योग्यता अनुसार जितना हो सका, उतना किया। उन्होंने कहा आज वह इस दायित्व से मुक्त हो गई हैं, इसलिए उन्हें स्वाभाविक रूप से राहत का अहसास हो रहा है।
इस बीच मल्लिकार्जुन खड़गे के कांग्रेस के नए अध्यक्ष के रूप में कार्यभार संभालने के तुरंत बाद कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) के सभी सदस्यों, महासचिवों और प्रभारियों ने नयी टीम बनाने में उनकी मदद के लिए अपने पदों से इस्तीफा दे दिया। कांग्रेस में नए अध्यक्ष के चयन के बाद पार्टी के सभी पदाधिकारियों के इस्तीफा देने की परंपरा रही है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के महासचिव के सी वेणुगोपाल ने कहा, 'सीडब्ल्यूसी के सभी सदस्यों, एआईसीसी के महासचिवों और प्रभारियों ने कांग्रेस अध्यक्ष को अपना इस्तीफा सौंप दिया है।'
कांग्रेस पार्टी के संविधान के अनुसार, खड़गे के निर्वाचन की पुष्टि पार्टी के पूर्ण सत्र में की जाएगी, जो आनेवाले साल के मार्च-अप्रैल में होने की संभावना है। सीडब्ल्यूसी, जो कांग्रेस की शीर्ष निर्णय लेने वाली संस्था है, खरगे द्वारा पूर्ण सत्र के तुरंत बाद पुनर्गठित की जाएगी। पार्टी संविधान के मुताबिक, सीडब्ल्यूसी के 11 सदस्य मनोनीत किए जाएंगे और 12 सदस्य निर्वाचित होंगे। इसके अलावा, संसद में पार्टी के नेता और कांग्रेस अध्यक्ष भी कार्य समिति के सदस्य होंगे।
खड़गे को बुधवार को औपचारिक रूप से निर्वाचन पत्र सौंपा गया और इसी के साथ उन्होंने यहां एआईसीसी मुख्यालय में पदभार ग्रहण कर लिया। कार्यक्रम में शामिल हुए थरूर ने ट्वीट किया। ‘खड़गे जी के अपने नए कार्यालय में बैठने के बाद संक्षिप्त बातचीत के लिए एकत्र हुए। कांग्रेस को आगे ले जाने में उन्हें अपना पूरा समर्थन और सहयोग देने का संकल्प लिया।’’
खरगे को कमान सौंपने से पहले कांग्रेस नेता मधुसूदन मिस्त्री ने कहा कि हमने ये चुनाव निष्पक्ष तरीके से करवाने की कोशिश की और संपूर्ण करवाया। इस बार हमारी पार्टी की मेंबरशिप 6 करोड़ से ज्यादा है। ढाई करोड़ लोगों ने डिजिटल मेंबरशिप ली है। इस चुनाव ने साबित कर दिया है, कि इस पार्टी में ही लोकतंत्र है। मैं चुनाव प्रभारी होने के नाते सर्टिफिकेट प्रदान करता हूं।
उन्होंने एक तस्वीर भी पोस्ट की, जिसमें वह यहां पार्टी मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम में खड़गे और सोनिया गांधी के साथ बैठे दिखाई दे रहे हैं। इससे पहले थरूर ने खरगे को कांग्रेस अध्यक्ष की आधिकारिक जिम्मेदारी संभालने पर बधाई दी और उनकी सफलता की कामना की। 80 वर्षीय खड़गे ने अध्यक्ष पद के चुनाव में 66 वर्षीय प्रतिद्वंद्वी थरूर को 84 प्रतिशत से अधिक मतों से पराजित किया।
खरगे के आगे एक नहीं बल्कि तीन बड़ी चुनौतियां हैं। इसमें सबसे पहली है राजस्थान का सियासी संकट। उन्हें मुख्यमंत्री के तौर पर अशोक गहलोत और सचिन पायलट में से एक का चुनाव करना है। इसके बाद दो बड़ी जिम्मेदारियां हिमाचल प्रदेश और गुजरात में होने वाले आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर है।
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