छेड़छाड़ और यौन शोषण के आरोपी डॉ. दीपक मरावी पर शिवराज सरकार की विशेष कृपा क्यों ?



--विजया पाठक (एडिटर- जगत विजन),
भोपाल-मध्य प्रदेश, इंडिया इनसाइड न्यूज़

■ 50 से अधिक बहन-भांजियों की अस्मत से खेलने वाले के घर पर कब बुलडोजर चलाओगे मामाजी शिवराज सिंह चौहान

जिस मध्य प्रदेश में शासकीय आयोजनों के पूर्व बेटियों को देवी समझ पूजा जाता है। आज उसी प्रदेश में महिलाएं कितनी सुरक्षित है इसका जीता जागता उदाहरण है हमीदिया अस्पताल। पिछले एक सप्ताह से भी अधिक समय से हमीदिया अस्पताल जिस तरह से सुर्खियां बटौर रहा है उससे तो यही अंदाजा लगाया जा सकता है कि प्रदेश का पुलिस प्रशासन और जिला प्रशासन दोनों ही नाकाबिल है। एक ऐसा शख्स जिस पर 52 नर्सों ने छेड़छाड़ का गंभीर आरोप लगाया है और वह शख्स आज तक खुला घूम रहा है। वो शख्स और कोई नहीं हमीदिया अस्पताल का अधीक्षक डॉ. दीपक मरावी है। कानून, प्रशासन को अपनी गोद में रखकर घूमने वाले इस व्यक्ति पर अब तक किसी प्रकार की कोई कार्यवाही नहीं हुई है। जबकि इस व्यक्ति के खिलाफ मुख्यमंत्री से लेकर चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग, गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा, पुलिस कमिश्नर मकरंद देउस्कर सहित संभागआय़ुक्त गुलशन बामरा तक इसके बुरे आचरण और काली करतूतों की शिकायत पहुंची है। लेकिन कमाल की बात यह है कि सभी जिम्मेदार शिकायत मिलने की बात से इंकार करते दिखाई दे रहे है। जाहिर है कि जिम्मेदारों के इस गैर जिम्मेदराना रवैये ने ही डॉ. दीपक मरावी जैसे राक्षस को इस तरह के कृत्य करने के लिए उत्साहित किया और उसको बल मिल रहा है। अभी हाल में ही कोहेफिजा थाना प्रभारी तक पोस्ट से शिकायत पहुंची है पर शासन ने औरतों का भक्षक डा मरावी को गिरफ्तार करने की जगह क्लीन चिट दे दी।

● भक्षक है डॉ. दीपक मरावी

हमीदिया अस्पताल की नर्सों का आरोप है कि डॉ. मरावी कभी उनकी छुट्टी मंजूर करते समय, कभी ज्वॉइनिंग के दौरान अपने चेंबर में बुलाकर गंदे तरीके से छूते हैं और गंदी बातें करते हैं। निरीक्षण के दौरान कुछ नर्सों को चिन्हित कर अकारण उनको अपने चेंबर में बुलाकर अनावश्यक बातें करते हैं और रात के वक्त हाफ पेंट पहनकर शराब के नशे में नर्सों के चेंजिंग रूम में अचानक घुस आते हैं और अश्लील बातें करते हैं। यही नहीं नर्सों ने अपनी शिकायत में यह भी कहा कि डॉ. मरावी ने हाल ही में अपने चेंबर में एक नर्स के साथ बालात्कार करने का प्रयास किया।

● खुद को मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री का करीबी बताता है

डॉ. दीपक मरावी इंसान के रूप में एक ऐसा जल्लाद है जो महिलाओं के साथ इस तरह का कृत्य करने से बिल्कुल नहीं घबराता। पूरे अस्पताल में खुले आम यही बोलता घूमता है कि उसे हमीदिया अस्पताल का अधीक्षक खुद प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बनाया है। उसका कोई कुछ भी नहीं बिगाड़ सकता। यही नहीं खुद को वो केंद्रीय मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते का परिचित भी बताता है। सोचने वाली बात यह है कि जब एक अस्पताल के अधीक्षक जैसे जिम्मेदार पद पर बैठा यह शख्स इस तरह की बात कर रहा है तो फिर सरकार ने अब तक इसके खिलाफ कोई कार्यवाही क्यों नहीं। आखिर क्यों सभी जिम्मेदार कार्यवाही से अब तक बचते दिखाई दे रहे है। कहीं यह सच तो नहीं कि डॉ. दीपक मरावी का मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ कोई करीबियां हों और इसी के चलते मुख्यमंत्री खुद अब तक चुप्पी साधे हुए है। कुल मिलाकर प्रदेश सरकार और पुलिस प्रशासन की चुप्पी इस बात की ओर इशारा करती हैं कि डॉ. दीपक मरावी के पास जरूर ऐसे महत्वपूर्ण राज है जो सरकार को उस पर कार्यवाही करने से रोक रही है। वर्ना अब तक तो यही देखने में आता है कि प्रदेश में बहन-बेटियों के साथ छेड़छाड़ करने वाले अपराधियों के घर पर तो बुलडोजर ही चला है। फिर मुख्यमंत्री का बुलडोर मरावी के घर पर चलने के बजाय किसका इंतजार कर रहा है।

● चिकित्सा शिक्षा मंत्री से है नजदीकियां

सूत्रों की मानें तो डॉ. दीपक मरावी प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग के करीबी भी माने जाते हैं। उन्हीं के इशारे पर ही कुछ समय पहले डॉ. लोकेन्द्र दवे को हटाकर विवादों से घिरे रहने वाले डॉ. मरावी को अधीक्षक पद पर बैठाया गया। यही नहीं इस पूरे मामले में अभी तक विश्वास सारंग ने भी कोई कार्यवाही किये जा जाने संबंधी बयान नहीं दिया है।

● मामाजी के राज में भांजियों के साथ हुआ अन्याय

हमीदिया प्रबंधन ने नर्सों के विरोध के बाद आनन फानन में कमेटी बनाकर जांच करना शुरू की। संभाग आयुक्त डॉ गुलसर बामरा की अध्यक्षता वाली 6 सदस्यीय जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट गांधी मेडिकल कॉलेज के डीन अरविंद राय को सौंप दी है। खास बात यह है कि इस जांच में मरावी के करीबी रहे लोगों को बतौर सदस्य शामिल किया और उन्होंने डॉ. मरावी जैसे जल्लाद को बगैर कार्यवाही किये ही क्लीन चिट दे दी। अब अगर इस तरह से अंधा राज चलेगा तो निश्चित ही वो दिन दूर नहीं जब हमीदिया सहित प्रदेश के सभी बड़े अस्पतालों में एक डॉ. मरावी जैसा व्यक्ति जल्लाद का रुप अख्तियार करेगा और बहन-बेटियों के साथ छेड़छाड़ और बालात्कार जैसा दुष्कर्म करने का प्रयास करेगा।अगर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान इन 50 से ज्यादा बहन भांजियों को न्याय नहीं दिला सकते तो उनको " मामाजी" का तमगा उतारकर फेंक देना चाहिए।

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