संघ की नाराजगी के बाद एक्‍शन मोड में सीएम शिवराज



--विजया पाठक (एडिटर- जगत विजन),
भोपाल-मध्य प्रदेश, इंडिया इनसाइड न्यूज़।

■ सिंधिया समर्थित मंत्री गोविंद सिंह राजपूत से छुड़ाया जा सकता है परिवहन विभाग

■ और भी कई सिंधिया समर्थित मंत्रियों पर गिरेगी गाज

मध्य प्रदेश भाजपा, संघ और संगठन अभी से चुनावी मूड में आ गए हैं। यही कारण है कि संघ और संगठन के साथ मिलकर प्रदेश भाजपा लगातार बैठकें कर अपनी चुनावी तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटा हुआ है। एक दिन पहले दिल्ली में आयोजित संघ, संगठन और सरकार की बैठक में संघ ने सरकार की कार्यशैली पर खासी नाराजगी व्यक्त की है। संघ ने नाराजगी प्रदेश सरकार मंत्रियों पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों के बात जताई है। इसी का नतीजा है कि अब शिवराज सरकार एक्शन मोड में आ गई है। संघ ने मुख्यमंत्री शिवराज को भी चेताया है और स्पष्ट निर्देश दिये हैं कि जो भी अफसर और मंत्री प्रदेश में भ्रष्टाचार मचाए हुए उनके खिलाफ जल्द कार्यवाही की जाये।

● सिंधिया समर्थित मंत्रियों पर जताई नाराजगी

बैठक में शामिल भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, राष्ट्रीय संगठन मंत्री बीएल संतोष सहित मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, प्रदेश अध्यक्ष बीडी शर्मा और संगठन मंत्री हितानंद शर्मा मौजूद थे। बताया जा रहा है कि संगठन ने शिवराज सिंह चौहान पर भी नाराजगी व्यक्त करते हुए उन्हें निर्देशित किया है कि जल्द से जल्द पांच से छह मंत्रियों को मंत्रीमंडल से बाहर किया जाये। इस निर्देश के पीछे संगठन का पूरा फोकस सिंधिया समर्थित मंत्री राजस्व औऱ परिवहन मंत्री गोविंद सिंह राजपूत और स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री प्रभुराम चौधरी पर था। गौरतलब है कि पिछले कई समय से गोविंद सिंह राजपूत के खिलाफ भ्रष्टाचार से जुड़ी कई शिकायतें सत्ता और संगठन तक पहुंची। लेकिन शिवराज सिंह चौहान ने इन शिकायतों को अनदेखा किया लेकिन संघ अब इस पर कार्य़वाही किये जाने को लेकर अड़ी हुई है।

● दो प्रमुख मंत्री पद हैं राजपूत के पास

देखा जाए तो सिंधिया समर्थित मंत्री गोविंद सिंह राजपूत को शिवराज सरकार बनने के समय सिंधिया की मांग पर ही दो प्रमुख विभाग राजस्व और परिवहन दिया गया था। ये दोनों प्रमुख विभाग पाते ही गोविंद सिंह राजपूत ने भ्रष्टाचार का ऐसा तानाबाना बुना कि उनके कारनामों की शिकायत पार्टी अलाकमान तक पहुंच गई। ऐसा नहीं है कि राजपूत के कारनामों की जानकारी शिवराज सिंह चौहान को नहीं थी, लेकिन शिवराज सिंह चौहान ज्योतिरादित्य सिंधिया के चलते राजपूत पर कोई कार्यवाही नहीं कर सके। लेकिन संगठन से मिले निर्देश के बाद अब यह तय हो गया है कि शिवराज सरकार जल्द ही राजपूत से मंत्री पद वापस ले लेगी। कयास लगाए जा रहे हैं कि राजपूत से परिवहन विभाग वापस लिया जा सकता है।

● परिवहन वापस लेने का यह है कारण

जानकारी के अनुसार राजपूत ने परिवहन मंत्री रहते हुए रीवा के नॉन परिवहन घोटाले को अंजाम दिया है। बताया जा रहा है कि नागरिक आपूर्ति निगम और विपणन अधिकारियों ने वर्ष 2019-2020 और 2020-2021 में गेहूं धान के परिवहन के नाम पर 10 करोड़ रुपये से ज्यादा का घोटाला किया है। यही नहीं उन्होंने इस पूरे घोटाले में आरोपी रहे अधिकारियों को बचाए रखने के लिए उनसे करोड़ों रुपये की डील की है। यही नहीं प्रदेश के अंतर ट्रांसपोर्ट का कारोबार कर रहे व्यापारी भी मंत्री जी की अड़ीबाजी से परेशान हैं। ट्रांसपोर्ट कंपनियों से मंत्री जी समय समय पर मोटी रकम वसूलते हैं।

● सिंधिया के इशारे पर देते हैं भ्रष्टाचार को अंजाम

जगत विजन ने इससे पहले भी प्रदेश की शिवराज सरकार को गोविंद सिंह राजपूत की कार्यशैली को लेकर चेताया है। राजपूत यह पूरा भ्रष्टाचार केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के इशारे पर करते हैं। आपको बताना चाहेंगे कि कमलनाथ सरकार के समय भी राजपूत के पास राजस्व विभाग था, उस समय उन्होंने अपने पद का लाभ उठाते हुए ग्वालियर में अरबों रुपये की जमीन का नामांतरण ज्योतिरादित्य सिंधिया के ट्रस्ट के नाम करवाने का कार्य किया। जब यह बात कमलनाथ को मालूम चली तो उन्होंने सिंधिया को यह सब करने से रोका लेकिन घमंडी सिंधिया ने कमलनाथ सरकार गिरा देने की धमकी देते हुए भ्रष्टाचार का यह कारोबार तब भी जारी रखा था और यह कारोबार अब शिवराज सरकार के समय भी जारी है।

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