--डॉ• इन्द्र बली मिश्रा,
काशी हिंदू विश्वविद्यालय,
वाराणसी-उत्तर प्रदेश, इंडिया इनसाइड न्यूज़।
प्रत्येक वर्ष माघ माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को वसंत पंचमी मनाई जाती हैं। वसंत पंचमी के दिन मां सरस्वती की पूजा अर्चना की जाती है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, वसंत पंचमी के दिन ही ज्ञान, वाणी, कला एवं संगीत की देवी मां सरस्वती की उत्पत्ति हुई थी। ब्रह्मा जी ने जब श्रृष्टि की रचना की तो, चारों ओर सन्नाटा था, फिर उन्होंने माता सरस्वती का आह्वान किया। वसंत पंचमी के दिन माता सरस्वती कमल पर विराजमान होकर हाथों में वीणा-पुस्तक धारण किए हुए प्रकट हुई थीं, तब से प्रत्येक वर्ष वसंत पंचमी को सरस्वती पूजा की जाने लगी।
▪︎ सरस्वती पूजा 2022 मुहूर्त
हिन्दू पंचांग के अनुसार माघ शुक्ल पंचमी तिथि 05 फरवरी को प्रात: 06 बजकर 30 मिनट से शुरू हो रही है, यह 06 फरवरी को प्रात: 06 बजकर 32 मिनट तक है अतः माँ सरस्वती का पूजन किया जाएगा।
इस वर्ष वसंत पंचमी के दिन सिद्ध योग एवं रवि योग है जिसमें माँ सरस्वती का पूजन लाभप्रद रहेगा।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सरस्वती पूजा के दिन बच्चों की विद्या आरंभ कराने से उनका मानसिक विकास तेज होता है और उन पर माता सरस्वती की कृपा होती है। इस दिन बच्चों को अक्षर ज्ञान कराने की परंपरा है। सरस्वती पूजा के दिन आप कोई नई कला, संगीत या गायन का प्रारंभ कर सकते है।
https://www.indiainside.org/post.php?id=8618