--अभिजीत पाण्डेय,
पटना-बिहार, इंडिया इनसाइड न्यूज़।
बिहार के जिलों का बन रहे गजेटियर में इस बार संबंधित जिलों की लोक परम्पराओं से लेकर विकास कार्यों तक की चर्चा होगी। जिसमें मधुबनी जिले की गजेटियर से मशहूर मधुबनी पेंटिंग तो भोजपुर की गजेटियर में बाबू बीर कुंवर सिंह की वीर गाथाओं की जानकारी मिलेगी। इसी के साथ हर जिले में प्रचलित दादी-नानी की कहानियां भी गजेटियर का हिस्सा बनेंगी। समस्तीपुर में कर्पूरी ठाकुर तो बेगूसराय में रामधारी सिंह दिनकर की जानकारी भी दी जा रही है।
इसके अलावा गजेटियर में गांव के प्रमुख मंदिरों की तस्वीर के साथ उनसे जुड़ी कहानियां और शादी व्याह की परम्पराओं की भी चर्चा होगी। इनका संकलन शुरू हो गया है।
राज्य सरकार ने इस बार गजेटियर लिखने की ब्रिटिश काल की परम्परा को बदल लिया है। लिखित दस्तावेज तो होगा ही, इसका डिजिटल स्वरूप भी प्रकाशित होगा। इन गजेटियरों में वर्तमान के साथ भविष्य की जरूरतों का भी ख्याल रखा जाएगा। आगे की पीढ़ी को पुरानी जानकारी मिले, इसके लिए पुस्तक के साथ इसे डिजिटल फार्म में भी प्रकाशित करने की योजना है। सरकार का मानना है कि नई पीढ़ी की रुचि अब पुस्तकों में कम है। अधिसंख्य पुस्तकें भी डिजिटली प्रकाशित हो रही हैं। लिहाजा गजेटियर का डिजिटल प्रकाशन जरूरी है। इसके अलावा विभाग राज्य के जल निकायों का एक अलग गजेटियर भी बना रहा है। यह अंतर्राष्ट्रीय मापदंड के अनुसार होगा। देश के अनूठे गजेटियर में सार्वजनिक के साथ निजी जल निकाय भी शामिल होंगे। हर तरह के जल निकायों का अलग-अलग रंग होगा।
नए गजेटियरों में लोगों की जरूरत के अनुसार कई जानकारियां जोड़ी जाएंगी। यह एक तरह का डाटा बैंक होगा, जो जिले की योजना बनाने में सहायता करेगा। इसके लिये देशभर के विशेषज्ञों की मदद ली जा रही है। बिहार के जिलों के गजेटियरों को समसामयिक एवं लोकोपयोगी बनाने के लिये कार्य योजना का प्रस्तुतिकरण पिछले दिनों अपर मुख्य सचिव विवेक कुमार सिंह के सामने किया गया था। जिला गजेटियरों में सूचना और सांख्यिकीय ग्राफिक जोड़ा जायेगा जो स्थानीय प्रशासकों को योजना निर्माण में मदद देगी। सरकार एवं प्रशासनिक पदाधिकारियों को प्रशासन एवं योजना निर्माण में, उद्यमियों को जिला स्तर पर अपने उद्योगों को स्थापित करने के लिये वातावरण तलाशने, सामान्य जनता को अपने जिले के विस्तृत विवरण प्राप्त होने, शोधार्थियों को विभिन्न तरह की सूचनाओं की व्याख्या करने और नागरिकों को अपने जिले के इतिहास एवं महापुरुषों के कृत्य एवं वीरगाथाओं की सूचना प्राप्त होगी।
https://www.indiainside.org/post.php?id=8571