--एकलव्य कुमार,
पटना सिटी-बिहार, इंडिया इनसाइड न्यूज़।
बॉलीवुड फिल्मों के महान गायक मुकेश की पुण्यतिथि पर स्वरांजलि संस्था की ओर से एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मानस पथ स्थित स्वरांजलि कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए वरिष्ठ रंगकर्मी-लेखक डा. ध्रुव कुमार ने कहा कि "हर दिल अजीज गायक मुकेश की आवाज जन-जन की आवाज़ थी। क्या नौजवान, क्या बूढ़े, क्या बच्चे, क्या महिलाएं सबके लिए उन्होंने मधुर व दर्द भरे नगमें गाए।
डा. ध्रुव ने बताया कि मुकेश, अभिनेता मोतीलाल के रिश्तेदार थे। उन्होंने कुछ फिल्मों में बतौर अभिनेता भी काम किया लेकिन वे सदी के महान गायक साबित हुए। पूरी दुनियां आज भी उनके गीतों की दीवानी है़। उन्होंने कहा कि मुकेश ने सबसे अधिक गाने संगीतकार शंकर जयकिशन के संगीत निर्देशन में गाये।
इस अवसर पर कवि-साहित्यकार प्रभात कुमार धवन ने कहा कि मुकेश बड़ी ही संजीदगी से गाते थे। रामचरित मानस की चौपाईयों को गाते समय उन्होनें अपनी आत्मा को समाहित कर दिया और वो अमर गायक बन गए।
वहीं अभिनेता जितेंद्र कुमार पाल ने कहा कि मुकेश साहेब की आवाज सीधे तौर पर रूह को सकून देतीं हैं। ऐसे गायक सदियों में एक बार पैदा होते हैं।
इस मौके पर गायकों ने उन्हें संगीतमय श्रद्धांजलि दी। गायक शिवू शर्मा ने "जीना यहाँ, मरना यहाँ", गायक अनिल रश्मि ने "सजन रे झूठ मत बोलो, ख़ुदा के पास जाना है", संगीतकार पप्पू गुप्ता ने "प्यार का नगमा है़", आलोक चौबे ने "तुम अगर मुझको ना चाहो तो" आदि गीतों को गाकर मुकेश को श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम में नेक आलम और नितिन कुमार वर्मा की महत्वपूर्ण भागीदारी रही। प्रारंभ में गायक मुकेश के चित्र पर पुष्प व मालाएं अर्पित की गईं।
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