भोपाल-मध्य प्रदेश,
इंडिया इनसाइड न्यूज़।
कोरोना (कोविड) वायरस से बचाव के लिए विज्ञान प्रसारक सारिका घारू अनूठे तरीके से जागरूकता फैला रही हैं। वह संगीत के माध्यम से लोगों को इन दिनों वैक्सीन की दूसरी डोज लेने के लिए प्रेरित कर रही हैं।
कोरोना से बचाव के लिये वैक्सीन और मास्क को जरूरी बताते हुए सारिका ने आव्हान किया है कि टीके की दूसरी डोज के लिये बारिश को बाधा न बनने दें। उन्होंने बताया की मास्क को भूलना जीवन की बड़ी भूल हो सकती है।
■ दूसरी डोज भी उतनी ही जरूरी है
कहीं बरसात में वेक्सीनेशन सेंटर पहुंचने का विचार न बदल जाये। टीके की दूसरी डोज भी उतनी ही जरूरी है जितनी कि पहली थी। अब जल्दी ही कोवेक्सीन तथा कोविशील्ड के साथ स्पूतनिक एवं अन्य टीके आने वाले हैं। विज्ञान प्रसारक सारिका घारू इस संदेश को गीतों के माध्यम से आदिवासी क्षेत्र के गाँवों में पहुंचाने रिमझिम बरसात के बीच खुद पहुंच रही हैं।
■ दूरिया पुनः सिमट गई हैं
जागरूकता कार्यक्रम में सारिका ने बताया कि कोविड के नये प्रकरण कम आने के कारण आमलोगों में इससे बचाव के प्रति गंभीरता कम होती जा रही है। मास्क की चेहरे से मित्रता मिट गई है। दूरिया पुनः सिमट गई हैं। लापरवाही के कारण कोविड को आमंत्रित करने का वातावरण तैयार होता जा रहा है। कोविड की तीसरी लहर से बचाव के लिये ग्रामीण तथा शहरी दोनों वर्गो का सर्तक रहना जरूरी है।
सारिका ने अपील की, अब टीके की दूसरी डोज लगने की तिथि आ रही है इसलिए अधिकांश लोग इसको गंभीरता के साथ लगवायें। टीकाकरण ही कोविड से बचाव का अंतिम उपाय है। उन्होंनें कहा कि पूर्ण टीकाकरण होने तक शैक्षणिक एवं आर्थिक गतिविधियां प्रभावित होती रहेंगी।
आप को बता दें कि नोबल कोरोना वायरस के डेल्टा वैरियेंट के मरीजों की संख्या में इजाफा होना शुरू हो गया है। इसको देखते हुए मास्क की अनदेखी और वैक्सीनेशन के प्रति उदासीनता जानलेवा भी साबित हो सकती है।
हालांकि केन्द्र सरकार लगातार कोरोना से देशवासियों को बचाने के लिए व्यापक टीकाकरण पर जोर दे रही है। राज्य सरकारें भी इसे गंभीरता से ले रही हैं।
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