राज्यों के विद्युत मंत्रियों का दो दिवसीय सम्मेलन बिहार के राजगीर में



06 नवम्बर। राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के विद्युत और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रियों का दो दिवसीय सम्मेलन 10 और 11 नवंबर को बिहार के राजगीर में आयोजित किया जायेगा।

इस सम्मेलन का उद्धाटन केंद्रीय विद्युत और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) राजकुमार सिंह द्वारा किया जायेगा। इस दो दिवसीय सम्मेलन का उद्देश्य विद्युत और नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्रों से संबंधित विभिन्न योजनाओं/कार्यक्रमों के क्रियान्‍वयन की समीक्षा करना और संबंधित मुद्दों पर विचार-विमर्श करना है।

राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मंत्री एवं सचिव और दोनों क्षेत्रों के साथ-साथ उनके अंतर्गत आने वाले सार्वजनि‍क क्षेत्र के उपक्रमों के वरिष्ठ अधिकारी विभिन्न मुद्दों पर चर्चा करेंगे।

जैसेः- विद्युत क्षेत्र, वितरण

सौभाग्य (प्रधानमंत्री सहज बिजली हर घर योजना)- दिसंबर 2018 तक 100 प्रतिशत आवासीय विद्युतीकरण सुनिश्चित करना। डीडीयूजीजेवाई : फीडर पृथक्‍करण और प्रणाली सुदृढ़ीकरण परियोजनाओं को पूरा करना। प्रीपेड/स्मार्ट मीटर शहरी क्षेत्रों में आईपीडीएस कार्यों में तेजी लाना और एटीएंडसी हानि को घटाकर 10 प्रतिशत के स्‍तर पर लाना। डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देना। सभी को चौबीस घंटे बिजली मुहैया कराने की रणनीति बनाना।

सुधार

राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा आरपीओ लक्ष्यों और आरईसी से जुड़ी प्रणाली का पालन करना। वर्ष 2022 के लिए आरपीओ पथ सुनिश्चित करना और इन आरपीओ लक्ष्यों का प्राप्ति के लिए डिस्कॉम को प्रोत्साहन देना। शुल्क नीति में वर्णित निर्धारित सीमा के अंदर क्रॉस सब्सिडी शुल्‍क को कैसे अधिदेशित करें। आईएसटीएस : पारेषण शुल्कपीपीए : हस्ताक्षर करना और पालन करना। 

ताप विद्युत

राख प्रबंधन प्रणाली : मोबाइल एप लॉन्‍च करना। 

जल विद्युत

जल विद्युत परियोजनाओं का निर्धारित अधिकतम क्षमता के साथ संचालन।जल विद्युत परियोजनाओं की आधारभूत संरचनाओं के वित्‍त पोषण पर चर्चा।

पारेषण

विद्युत पारेषण परियोजनाओं में राइट ऑफ वे (आरओडब्‍ल्‍यू) से जुड़े मुद्दे।

ऊर्जा संरक्षण

भवनों  को ऊर्जा दक्ष बनाने के लिए संभावित अवसर और कार्य योजना : राज्यों द्वारा ऊर्जा संरक्षण भवन निर्माण संहिता (ईसीबीसी) का पालन करने की दिशा में प्रगति की समीक्षा करना। ऊर्जा दक्ष उपकरणों के इस्तेमाल से बिजली की मांग का प्रबंधन। भारत में ई-मोबिलिटी (विद्युत चालित वाहन) को बढ़ावा देना : मानक, चार्जिंग से जुड़ी आधारभूत संरचना और बाजार तैयार करना।

नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र

नवीकरणीय ऊर्जा स्रोत्त

नवीकरणीय ऊर्जा के एकीकरण के लिए कार्यक्रम बनाना और अनुमान लगाना सौर ऊर्जा कार्यक्रम के कार्यान्वयन की समीक्षा सौर ऊर्जा छत कार्यक्रम के कार्यान्वयन में चुनौतियां नए विकेंद्रीकृत भूमि अवस्थित ग्रिड से जुड़े सौर ऊर्जा/कुसुम कार्यक्रम पर प्रस्तुति आरई-इनवेस्ट 2017 पवन ऊर्जा कार्यक्रम की समीक्षा एसएचपी कार्यक्रम की समीक्षा बायोमास कार्यक्रम की समीक्षा एलडब्‍ल्‍यूई जिले सम्मेलन के समापन सत्र में राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों की टिप्‍पणियों और सुझावों को शामिल किया जाएगा तथा प्रतिनिधिमंडलों द्वारा सम्मेलन के प्रस्तावों को अपनाया जाएगा।

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