अब नई तकनीक से बनेंगे रेलवे कोच, बढ़ेंगी सीटें, दिव्यांग यात्रियों को विशेष सुविधा



--अभिजीत पाण्डेय,
पटना-बिहार, इंडिया इनसाइड न्यूज़।

भारतीय रेल अब नई तकनीक से एलएसएलआरडी (एलएचबी सेंकेंड लगेज, गार्ड एंड दिव्यांग कंपार्टमेंट) कोच तैयार करने में जुटी है। इसकी डिजाइनिंग के लिए जमालपुर रेल कारखाने को चुना गया है। डिजाइनिंग के बाद ईस्टर्न रेलवे, दानापुर मंडल को पांच कोच बनवाने के लिए दिए जाएंगे।

रेल अधिकारियों के अनुसार अभी इन कोचों को शॉर्ट डिस्टेंस की ट्रेनों में ही लगाने की पर विचार किया गया है। मुख्यालय से निर्देश मिलते ही महत्वपूर्ण ट्रेनों में यह जोड़ा जाएगा। इसके बाद ईस्टर्न रेलवे भी इस तरह के कोच को लाने की तैयारी में जुटा है। ईस्टर्न रेलवे के अधिकारी के अनुसार उम्मीद है कि अगले महीने में ही यह सुविधा मिलेगी।

फिलहाल एशिया के प्रसिद्ध रेल इंजन कारखाना जमालपुर के अलावा कपूरथला, रायबरेली मॉडर्न कोच फैक्ट्री और चेन्नई की इंट्रिग रियल रेल कोच फैक्ट्री में ये आधुनिक कोच तैयार होंगे। रेल अधिकारियों के अनुसार एक ट्रेन में आगे और पीछे दो-दो कोच लगाए जाएंगे। ईस्टर्न रेलवे के अधिकारियों ने कहा कि अभी कम दूरी वाली ट्रेनों में यह सुविधा मिलेगी। यह उस रेलखंड के लिए होगी जहां बिजली से ट्रेनें दौड़ती हैं।

नए कोच में प्रवेश द्वार की चौड़ाई अधिक होगी। दिव्यांग यात्री ह्वील चेयर के माध्यम से सीधे इस कोच में प्रवेश कर सकेंगे। नए कोच में ह्वील चेयर पर बैठकर ही वे शौचालय तक जा सकेंगे। शौचालय का गेट भी काफी चौड़ा होगा। एक ही साथ इस आधुनिक कोच में दिव्यांग यात्रियों और उनके सामान के अलावा गार्ड को रखने की व्यवस्था होगी। नया कोच पूरी तरह एलएचबी होगा। दिव्यांगों की सीटें चौड़ी होंगी। सामान्य यात्रियों के लिए भी इस कोच में अलग शौचालय होगा।

एलएसएलआरटी कोच की खासियत यह होगी कि इसमें यात्रियों की बैठने की सीटें एसएलआर कोच की अपेक्षा अधिक होगी। यह कोच ट्रेनों के आगे और पीछे एसएलआर कोच की जगह लगाए जाएंगे। अब तक एसएलआर कोच में दिव्यांग यात्रियों की बैठने की जगह होती है और ब्रेक यान की भी व्यवस्था होती थी। एसएलआर में दो भाग होते हैं। एक में दिव्यांग यात्रियों के लिए आठ से 10 सीटें होती हैं और दूसरे भाग में सामान्य यात्रियों के लिए 20 सीटें होती हैं।

नई तकनीक से तैयार एलएचबी कोच लगने के बाद इसमें डीजल जेनेरेटर यानी पावर कार ब्रेक नहीं लगेगा। उसकी जगह यात्रियों की सीटों में वृद्धि होगी। इस कोच में सफर के लिए दिव्यांगों को प्राथमिकता दी जाएगी।

इस आधुनिक डिजाइन से तैयार कोच में 46 अतिरिक्त सीटें बढ़ेंगी। 41 सीटें सामान्य यात्रियों के लिए होंगी। छह सीटें दिव्यांग यात्रियों के लिए होंगी और चार सीटें दिव्यांग यात्रियों के अटेंडेंट के लिए होंगी। इस कोच के लगने से डीजल जेनेरेटर पावर ब्रेक हटेगा। ट्रेनें हेड ऑफ ऑन जेनरेशन से चलेगी।

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