बिहार मे अब ‘दागी’ पुलिस अफसर भी बन सकते हैं थानेदार और सर्किल इंस्पेक्टर



--अभिजीत पाण्डेय,
पटना-बिहार, इंडिया इनसाइड न्यूज़।

बिहार सरकार ने अपने निर्णय में बड़ा बदलाव किया है। अब वैसे दारोगा या इंस्पेक्टर जिन्हें 3 या उससे अधिक वृहत सजा मिली हो उन्हें थानाध्यक्ष या सर्किल इंस्पेक्टर बनाया जा सकता है, बशर्ते सजा की समय अवधि समाप्त हो गई हो। इस संबंध में गृह विभाग ने आदेश जारी कर दिया है।

आदेश में कहा गया है कि सजा का कुप्रभाव समाप्त होने के बाद उन्हें थानाध्यक्ष अथवा अंचल पुलिस निरीक्षक के पद पर पदस्थापन हेतु योग्य माना जाएगा, बशर्ते इस कंडिका की अन्य अहर्ता उन पर लागू ना हो। गृह विभाग के संकल्प में कहा गया है कि जिन्हें विभागीय कार्यवाही अथवा पुलिस हस्तक नियम के संचालन के बाद 3 या उससे अधिक वृहत सजा मिली हो वैसे दोषी पाए गए पुलिस पदाधिकारी को थानाध्यक्ष अथवा अंचल पुलिस निरीक्षक के पद पर तब तक पदस्थापित नहीं किया जाएगा जब तक उनके विरुद्ध किसी भी वृहत सजा का कुप्रभाव लागू रहेगा। यह कुप्रभाव अंतिम घटना की तिथि जिसके लिए विभागीय कार्यवाही अथवा पुलिस हस्तक नियम के तहत वृहत सजा मिली हो से 3 वर्ष तक रहेगा।

बता दें कि बिहार सरकार ने यह निर्णय लिया था कि जिन्हें तीन ब्लैक मार्का मिला हो उन्हें थानाध्यक्ष और सर्किल इंस्पेक्टर नहीं बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के आदेश पर 24 जून 2019 को यह आदेश जारी किया गया था। इसके बाद हजारों दारोगा और इंस्पेक्टर दागी हो गए थे। लेकिन अब उस में बदलाव किया गया है सरकार के इस निर्णय से हजारों दारोगा और इंस्पेक्टर को फायदा होगा और अब वे थानाध्यक्ष और सर्किल इंस्पेक्टर बन सकते हैं।

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