--अभिजीत पाण्डेय (ब्यूरो),
पटना-बिहार, इंडिया इनसाइड न्यूज़।
बिहार विधानसभा परिणाम में जनादेश एनडीए के पक्ष में आया है। इस बार चुनाव में एनडीए ने जहां 125 सीटों पर जीत हासिल की है वहीं महागठबंधन ने 110 सीटों पर कब्जा जमाया है। बिहार में लोकसभा चुनाव के बाद अब विधानसभा चुनाव में भी मोदी मैजिक देखने को मिला है, जो आगामी बंगाल विधानसभा चुनाव में भाजपा के लिए बूस्टर का काम कर सकता है।
बिहार के बाद अब बंगाल में भी विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। ममता बनर्जी के गढ़ बंगाल में भाजपा अपना परचम लहराने की पूरी तैयारी में जुटी हुई है। इस बीच बंगाल चुनाव के ठीक पहले बिहार में एनडीए को जनादेश मिलना और भाजपा को सीटों के मामले में मिली उछाल बंगाल फतेह के मिशन पर जुटे बीजेपी कार्यकर्ताओं के लिए बूस्टर का काम कर सकती है।
बंगाल चुनाव के ठीक पहले बंगाल से सटे राज्य बिहार में मोदी मैजिक देखने को मिला है। इस बार जनता के बीच जदयू को लेकर थोड़ी नाराजगी है, ऐसा विपक्ष के द्वारा बताया जाता रहा। जिसे चुनाव परिणाम ने एक हद तक सही साबित किया है। वहीं इस बार भाजपा ने यहां 74 सीटों पर कब्जा जमाया है। जबकि 2015 के चुनाव में भाजपा को 54 सीटें ही मिली थी।
बिहार में भाजपा को सीटों के मामले में मिली बढ़त ने एक बार फिर यह तय कर दिया है कि मोदी के नाम पर अभी भी लोगों का विश्वास कायम है। जिसका असर बंगाल के चुनाव में भी देखने को मिलेगा। इस बार के बिहार चुनाव में भाजपा 21 सीटों के फायदे के साथ 74 सीटें पाने में कामयाब रही है। दूसरी ओर जदयू 28 सीटों के नुकसान के साथ 43 सीटें ही जीत सकी है। सरकार बनाने में इस बार भाजपा की बड़ी भूमिका रही है।
बिहार चुनाव में लोजपा का एनडीए से अलग होने के बाद भाजपा ने वीआईपी दल को अपने साथ लेकर चुनाव लड़ने का फैसला किया। वहीं बंगाल चुनाव में इस बार देखने लायक यह बात रहेगी की ममता बनर्जी इस चुनाव में कांग्रेस व अन्य दलों को साथ लेकर भाजपा के मंसूबे को ध्वस्त करने उतरेगी या फिर पूरानी शैली में ही मुकाबला करेगी।
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