रिटायरमेंट के ऐलान में भी धोनी ने दिखाया सेना प्रेम



--अभिजीत पाण्डेय (ब्यूरो),
पटना-बिहार, इंडिया इनसाइड न्यूज़।

भारत के पूर्व बल्लेबाज और वर्ल्ड कप चैंपियन कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने आज यानि 15 अगस्त को रिटायरमेंट का ऐलान कर दिया। धोनी ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट डालकर फैंस को प्यार और समर्थन देने के लिए शुक्रिया कहा। धोनी ने कैप्शन में लिखा, 'शुक्रिया, आपके प्यार के लिए शुक्रिया। आज मुझे रिटायर मानिए'। इस पोस्ट में धोनी ने जो समय लिखा वह उन्होंने आर्मी स्टाइल में लिखा था। अपने कैरियर के दौरान तो धोनी ने हर मौके पर सेना प्रेम दिखाया ही अंत भी उसी अंदाज में किया। धोनी के करियर में हमेशा उनका सेना प्रेम दिखता था, चाहे वह उनके कपड़े पहनने के अंदाज में हो, गाड़ी की पसंद में या फिर ट्रेनिंग के तरीके में।

28 साल के लंबे इंतजार के बाद विश्व विजेता बनाने वाले कप्तान महेंद्र सिंह धोनी को लेफ्टिनेंट कर्नल की रैंक दी गई थी। धोनी ऐसे पहले खिलाड़ी नहीं है जिन्हें भारतीय सेना या डिफेंस फोर्स ने मानद रैंक दी गई हैं लेकिन वह बेशक सेना की वर्दी के प्रति अपना फर्ज निभाने की दौड़ में अपने साथियों से काफी आगे हैं। धोनी जब एक सैन्य अधिकारी की वर्दी में दिखते हैं तो वह उसमें इतने रमे नजर आते हैं कि उनके अंदर एक क्रिकेटर को ढ़ंढूना काफी मुश्किल हो जाता था।

भारत में युवाओं को सेना से जुड़ने के लिए प्रेरित करने के लिए अलग-अलग क्षेत्रों में शानदार उपलब्धियां हासिल करने वाली शख्सियतों को मानद रैंक दी जाती है। वर्ल्ड कप विजेता कप्तान धोनी को साल 2011 में टेरिटोरियल आर्मी में लेफ्टिनेंट कर्नल की मानद रैंक दी गई थी। इसके अगले ही साल वह एलओसी के पुंछ इलाके में गए थे। अपनी मानद रैंक को लेकर कहा था, 'मैं सक्रिय तौर पर भारतीय सेना से जुड़ना चाहता हूं। हालांकि यह सब क्रिकेट के बाद। एक बार मेरा क्रिकेट करियर खत्म होता है तो मैं सेना से जुड़ना चाहूंगा।' धोनी ने अपनी मानद रैंक को काफी गंभीरता से लिया। वह लगातार ट्रेनिंग कैंप का हिस्सा बनते रहे। धोनी ने अब तक कई बड़े मौकों पर साबित किया कि उनका सेना से कितना जुड़ाव है।

● सैन्य अधिकारी की यूनिफॉर्म में लेने पहुंचे थे पद्म भूषण अवॉर्ड

महेंद्र सिंह धोनी को साल 2018 में पद्म भूषण अवॉर्ड से नवाजा गया था। राष्ट्रपति भवन में जब धोनी यह पुरस्कार लेने पहुंचे तो वह अपनी मानद रैंक लेफ्टिनेंट कर्नल की यूनिफॉर्म में नजर आए थे। जैसे ही उनका नाम पुकारा गया धोनी किसी सैन्य अधिकारी की ही तरह कदमताल करते हुए राष्ट्रपति के पास पहुंचे। उसी तरह वापस आए। सोशल मीडिया पर फैंस ने उनके इस कदम की काफी सराहना की थी। इसके कुछ दिनों बाद ही धोनी ने सोशल मीडिया पर खुद इसकी वजह बताई थी।

महेंद्र सिंह धोनी ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर लिखा कि, 'पद्म भूषण पुरस्कार पाना बड़े सम्मान की बात है और इसे सेना की वर्दी में लेना तो इस खुशी और सम्मान को दस गुना बढ़ा देता है। धोनी ने अपनी पोस्ट में सेना के जवानों का भी शुक्रिया अदा किया था। उन्होंने लिखा कि, सरहद पर रहने वाले सभी जवानों और परिवार का धन्यवाद जिनकी वजह से हम इस तरह की खुशियां मना पाते हैं।'

पिछले साल फरवरी में पुलवामा में भारतीय सैनिकों पर बड़ा हमला किया गया था जिसमें 40 जवानों की जान चली गई थी। इसके बाद ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ रांची में खेले गए वनडे मैच में धोनी के कहने पर भारतीय टीम ने खास तरीके से शहीदों के परिवारों की मदद करने का फैसला किया था। भारतीय टीम इस मैच में आर्मी के कैमफ्लॉग प्रिंट की टोपी पहने नजर आई जो मैच से पहले धोनी ने सभी को बांटी थी। मैच के बाद बताया था कि इन टोपियों की नीलामी की मदद से आए पैसों से शहीदों के परिवारों की मदद की गई थी।

पिछले साल वर्ल्ड कप के बाद जहां सभी वेस्टइंडीज के दौरे पर धोनी के सेलेक्शन के इंतजार में थे। वहीं धोनी ने सैन्य ट्रेनिंग पर जाने का फैसला लेकर सबको चौंका दिया था। अपनी रिटायरमेंट की खबरों के बीच लेफ्टिनेंट कर्नल धोनी 15 दिन के लिए कश्मीर में सेना के साथ ट्रेनिंग करने पहुंचे थे। धोनी ने विक्टर फोर्स के साथ ट्रेनिंग की जो कश्मीर में आतंक प्रभावित इलाकों में काम करती है। 31 जुलाई से शुरू हुई ट्रेनिंग का अंत उन्होंने 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लद्दाख में तिरंगा लहरा कर किया था। इससे पहले महेंद्र सिंह को 106 पैरा बटालियन में लेफ्टिंनेंट कर्नल रहते हए क्वालिफाइ पैराट्रूपर बने थे। यूं तो यह मानद रैंक थी लेकिन धोनी ने आम सैन्य अधिकारी की तरह आगरा में ट्रेनिंग बेस पर पांच पैराशूट जंप किए थो जो जरूरी होते हैं।

क्रिकेट खेलते हए भी धोनी किसी न किसी तरह सेना से जुड़े रहते थे। पिछले साल इंग्लैंड में हुए वर्ल्ड कप में साउथ अफ्रीका के खिलाफ लीग मैच में धोनी के विकेटकीपिंग ग्लव्स पर स्पेशल फोर्स का बलिदान लोगो चर्चा का विषय बन गया था। भारतीय फैंस ने सोशल मीडिया पर धोनी की जमकर तारीफ की थी। हालांकि आईसीसी के नियामों के खिलाफ होने के कारण वह आगे के मैचों में यह ग्लव्स नहीं पहन पाएं। हालांकि इसके बाद इंग्लैंड में धोनी की तस्वीरें वायरल हुईं जिसमें वह इस बैज की टोपी पहने दिखें। वर्ल्डकप के बाद धोनी छुट्टियां मनाने अमेरिका गए थे और यहां भी वह खास टोपी पहने दिखे थे। धोनी के कारण पूरे देश को न सिर्फ इस बैज के बारे में मालूम चला बल्कि स्पेशल फोर्स के बारे में जानकारी मिली।

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