नई दिल्ली,
इंडिया इनसाइड न्यूज़।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रविवार 26 जुलाई को यहां राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर रक्षा राज्य मंत्री श्रीपद नाइक, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ और सैन्य मामलों के विभाग के सचिव जनरल बिपिन रावत, थल सेना प्रमुख जनरल एम एम नरवाणे, नौसेना प्रमुख स्टाफ एडमिरल करमबीर सिंह और वायु सेना प्रमुख एयरचीफ मार्शल आर के एस भदौरिया के साथ ‘ऑपरेशन विजय’ में भारत की जीत की 21वीं वर्षगांठ पर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। ‘ऑपरेशन विजय’ को करगिल संघर्ष के रूप में भी जाना जाता है। 26 जुलाई, 1999 को करगिल में भारतीय सशस्त्र बलों की जीत एक मजबूत राजनीतिक, सैन्य और राजनयिक कार्यों की गाथा है। राष्ट्र इस दिन का उत्सव गर्व, सम्मान और प्रेरणा के साथ मना रहा है।
रक्षा मंत्री ने राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर आगंतुकों की पुस्तिका में एक संदेश लिखा- “करगिल विजय दिवस के अवसर पर आज मैं भारतीय सशस्त्र बलों के उन वीर सैनिकों को अपनी श्रद्धांजलि और सलाम अदा करता हूं, जिन्होंने दुश्मनों से मातृभूमि की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दी। देश हमेशा अपने वीरों के साहस, वीरता, संयम और दृढ़ संकल्प को याद रखेगा और उनके सर्वोच्च बलिदान से प्रेरणा लेते हुए आगे बढ़ेगा।” उन्होंने कहा कि करगिल विजय दिवस महज एक दिन नहीं है बल्कि इस देश के सैनिकों के साहस और वीरता का उत्सव है।
भारतीय सेना के बहादुर सैनिकों ने भारतीय वायु सेना की मदद से दुर्गम बाधाओं, प्रतिकूल इलाकों, खराब मौसम और ऊंचाई पर मौजूद दुश्मनों पर विजय पाई थी। आज इस महत्वपूर्ण अवसर पर गौरवान्वित राष्ट्र पूरे देश में विभिन्न समारोहों के जरिए शहीदों की याद में इस जीत का जश्न मना रहा है।
इस अवसर पर रक्षा सचिव डॉ• अजय कुमार और रक्षा मंत्रालय के अन्य वरिष्ठ असैन्य और सैन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।
■ प्रधानमंत्री ने ‘करगिल विजय दिवस’ पर देश के वीर जवानों को नमन किया
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ‘करगिल विजय दिवस’ पर देश के वीर जवानों को नमन किया।
प्रधानमंत्री ने कहा, ‘करगिल विजय दिवस पर हम अपने वीर जवानों के अदम्य पराक्रम और दृढ़संकल्प को स्मरण करते हैं जिन्होंने वर्ष 1999 में मातृभूमि की सतत रूप से दृढ़तापूर्वक रक्षा की। उनकी वीरता वर्तमान पीढ़ी के साथ-साथ आने वाली पीढ़ियों को भी निरंतर प्रेरित करती रहेगी।’
■ केन्द्रीय गृह मंत्री ने करगिल विजय दिवस की 21वीं वर्षगाँठ पर देश के शूरवीरों के साहस और पराक्रम को याद करते हुए उन्हें नमन किया
केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने करगिल विजय दिवस की 21वीं वर्षगाँठ पर देश के शूरवीरों के साहस और पराक्रम को याद करते हुए उन्हें नमन किया है। अमित शाह ने कहा कि “करगिल विजय दिवस भारत के स्वाभिमान, अद्भुत पराक्रम और दृढ़ नेतृत्व का प्रतीक है। मैं उन शूरवीरों को नमन करता हूँ, जिन्होंने अपने अदम्य साहस से करगिल की दुर्गम पहाड़ियों से दुश्मन को खदेड़ कर वहाँ पुनः तिरंगा लहराया। मातृभूमि की रक्षा के लिए समर्पित भारत के वीरों पर देश को गर्व है।”
26 जुलाई 1999 को भारतीय सेना ने आपरेशन विजय के तहत पाकिस्तान को पराजित किया था तब से देश के शूरवीरों के अदम्य साहस, पराक्रम और अमर बलिदान की याद में यह दिन करगिल विजय दिवस के रूप में मनाया जाता है।
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