पटना से जलमार्ग से जापान जाएगा मछली का चाेइंटा



--अभिजीत पाण्डेय (ब्यूरो),
पटना-बिहार, इंडिया इनसाइड न्यूज़।

बिहार नदी और समुद्र के रास्ते सीधे जापान से व्यापार शुरू करने जा रहा है। कॉफ्फेड समुद्री जहाज के साथ करार हुआ है। जुलाई से कोलकाता की जगह पटना के गायघाट से सीधे नदी और समुद्र के रास्ते मछली के चोइंटा को जापान भेजा जाएगा।

कॉफ्फेड के एमडी ऋषिकेष कश्यप ने कहा कि पहले जापान भेजने के लिए पहले ट्रेन या अन्य परिवहन सुविधा से चोइंटा कोलकाता भेजे जाते थे। अभी तक जल मार्ग से भी जो चोइंटा जापान जाता रहा है। वह गायघाट से पहले कोलकाता जाता था और कोलकाता से जापान भेजा जाता था। व्यापारियों को कोलकाता तक माल भेजने के लिए अलग से किराया देना पड़ता था। लेकिन अब बिहार से सीधे जापान के लिए माल बुक होने पर व्यापारियों को प्रति किलो 10 रुपए की बचत होगी।

कश्यप ने बताया कि जलमार्ग से परिवहन पर जीएसटी नहीं लगनी है इसलिए किराए के साथ-साथ पानी वाले जहाज से माल भेजने पर कोरोबारियों को प्रतिकिलो 40 रुपए की अतिरिक्त बचत होगी। बिहार के 38 जिलों के मछली कारोबार से जुड़े लोगों को इसका लाभ मिलेगा।

उन्होंने कहा कि कॉफ्फेड हर माह चार कार्गो जहाज से चोइंटा जापान भेजेगी। यह जहाज पटना गायघाट से गंगा और फरक्का के रास्ते कोलकाता पहुंचेगा जहां से हावड़ा होते हुए समुद्र के रास्ते जापान पहुंचेगा। पूरा सफर 15 से 18 दिन का होगा। पटना से कोलकाता जाने में ही करीब तीन दिन लग जाएंगे। हर सप्ताह एक जहाज पटना से खुलेगा। जहाज में फरक्का और कोलकाता में अनलोड होने वाला माल भी भेजा जा सकेगा।

कश्यप ने बताया कि बिहार की मछली के चोइंटा से जापान में दवाइयां तैयार की जाती हैं। बिहार राज्य मत्स्यजीवी सहकारी संघ (कॉफ्फेड) ने जापानी कंपनी "नी जो ना" के साथ करार किया है। जिसके तहत रोहू, कतला, मृगल, ग्रास कार्प और कॉमन कार्प का चाेइंटा भेजा जाएगा। इन मछलियों में 2 प्रतिशत सूखा चाेइंटा निकलता है।

कॉफ्फेड के एमडी ने कहा कि चोइंटा की कीमत जापानी कंपनी प्रति किलो 70 रुपए देगी। इसमें मछुआरों को लगभग 53 रुपए प्रति किलो कीमत मिलेगी।

उन्होंने बताया कि बिहार का मखाना भी जापान में बिकेगा। जापान की कंपनी ने 20 हजार मिट्रिक टन मखाना की मांग की है। इस बारे में कॉफ्फेड उत्पादन करने वालों के साथ बातचीत कर रही है। संभवत: अगस्त से मखाना समुद्र के रास्ते ही जापान भेजा जाएगा।

https://www.indiainside.org/post.php?id=7345