गुजरात में दहाड़ेंगे यूपी के शूरमा



--- योगेश श्रीवास्तव।


• गौरव यात्रा कर चुके योगी दिखायेंगे जलवा


• यूपी की तरह गुजरात में राहुल- अखिलेश दिखेंगे साथ- साथ


लखनऊ। देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश का राजनीति में शुरु से जलवा रहा है। शायद इसीलिए यूपी देश को दस प्रधानमंत्री दे चुका है। यूपी के शुरमाओं का दहाड़ गजुरात में सुनायी देगी। सीएम योगी आदित्यनाथ ने यूपी की तरह गुजरात में भी दो तिहाई बहुमत से भाजपा की सरकार बनवाने का ऐलान कर दिया है। चर्चा है कि गुजरात के विघानसभा चुनाव में योगी स्टार प्रचारक होंगे। वहीं विपक्षी दल वहां भले ही अलग अलग चुनाव लडऩे की तैयारी कर रहे हो पर सबका लक्ष्य एक ही है भाजपा को सत्ता से रोकना।
पूरे देश में इन दिनों गुजरात खास हो चुका है। वह भी क्यों न क्योंकि यह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं भाजपा अध्यक्ष अमित शाह का गृह राज्य है। इसीलिए भाजपा यहां पर विपक्ष को करारी शिकस्त देने की रणनीति बना रही है। हाल में ही महज एक माह में तीन बार पीएम मोदी यहां का दौरा कर करोड़ों रुपये ही योजनाओं का तोहफा गुजरातवासियों को दे चुके हैं। इसके अलावा भाजपा यहां पर गौरव यात्रा का आयोजन कर चुकी है। इसमें यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ भाग ले चुके हैं। इस चुनाव में भाजपा कोई जाखिम नहीं लेना चाहती है। इसीलिए यूपी के नेताओं की फौज वहां लगाने की तैयारी है। चर्चा यह भी है कि योगी आदितयनाथ सहित अन्य प्रभावशाली नेताओं को यहां उतारा जाए ।
विपक्षी दलों की बात करें तो इस चुनाव में सभी का एक ही लक्ष्य है भाजपा को सत्ता में आने से रोकना। हालाकि भाजपा यहां बीते १५ सालों से सत्तासीन है। यूपी में सत्ता से बेदखल हो चुकी समाजवादी पार्टी भी यहां पर भाजपा से दो दो हाथ करने की तैयारी कर रही है। सपा मुखिया अखिलेश यादव गुजरात चुनाव को लेकर यह साफ कर चुके हैं कि सपा वहां पर सिर्फ पांच सीटों पर चुनाव लड़ेगी। लेकिन बाकी सभी सीटों पर कांग्रेस के समर्थन में प्रचार करेगी। इस मतलब साफ है कि कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के साथ अखिलेश यादव यूपी की तरह गुजरात में मंच साझा करने के साथ ही रोड शो कर जनता को आकर्षिक करने का कार्य करेंगे। गुजरात चुनाव में प्रचार के लिए सपा भी अपने नेताओं की सूची तैयार कर रही है।
बसपा भी गुजरात चुनाव को लेकर काफी संजीदा है। बीते तीन माह से बसपा के गुजरात प्रभारी राम अचल राजभर वहां पर प्रवास कर रहे हैं। पार्टी सुप्रीमो मायावती यहां पर रैली कर चुकी है। सूत्रों की माने तो यहां पर बसपा 100 सीटों पर चुनाव लडने की तैयारी कर रही है। इसी तरह कांग्रेस का यूपी में भले ही जनाधार कमजोर हो लेकिन वह यूपी के नेताओं को गुजरात में उतारने जा रही है। चर्चा है कि यूपी से कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राज बब्बर, सांसद प्रमोद तिवारी, पूर्व मंत्री जितिन प्रसाद, आरपी एन सिंह, प्रदीप जैन एवं संजय सिंह सहित कई नेताओं को गुजरात का दौरा करने को कहा गया है।
इस तरह गुजरात का विधानसभा चुनाव काफी अहम माना जा रहा है। क्योंकि यहां पर हार जीत का संदेश पूरे देश की राजनीति को प्रभावित कर सकता है। क्योंकि करीब डेढ़ साल बाद देश के लोकसभा चुनाव होने है। दूसरा गुजरात का चुनाव पीएम मोदी एवं अमित शाह की शाख से जुड़ा है। इसलिए भाजपा यहां पर कोई जोखिम नहीं लेना चाहती है। इस चुनाव को लेकर भाजपा हर स्तर पर विपक्ष के लिए नाकेबंदी करने की रणनीति बना रही है।

विपक्ष का बिखराव भाजपा के लिए बनी संजीवनी

गत लोकसभा चुनाव के बाद विपक्षी दलों की एकजुटता का संदेश चर्चा से आगे नहीं बढ़ पा रहा है। बिहार की तर्ज पर किसी राज्य में महागठबंधन भी जमीन पर नहीं उतर पा रहा है। शायद इसीलिए भाजपा एक के बाद एक चुनाव पर भगवा लहराती जा रही है। गुजरात में भी विपक्षी दल कांग्रेस, सपा एवं बसपा तो भाजपा को रोकना चाहते हैं लेकिन राजनीतिक महत्वाकंाक्षा के कारण इनमें ताल मेल नहीं बनता दिख रहा है। यह सभी दल अलग अलग चुनाव मैदान में उतरने की तैयारी कर रहे है। लेकिन एक बात साफ है कि गुजरात का चुनाव दो ध्रुवों के बीच ही होगा जिसमें कांग्रेस एवं भाजपा आमने सामने होंगे।

योगी ने 150 प्लस का रखा लक्ष्य

182 विधानसभा सीटों वाली गुजरात एसेंबली में मौजूदा समय 115 सीटों पर भाजपा का कब्जा है। भाजपा वहां पर तीसरी बार सत्तासीन है। कांग्रेस की यहां पर सिर्फ 69 सीटें हैं। इसी तरह यहां पर 2 विघायक एनसीपी, जनता दल यू का एक तथा केशू भाई पटेल पार्टी एवं निर्दलीय के तीन विधायक है। स्टार प्रचारक के रूप गुजरात के विधानसभा चुनाव में जाने को तैयार सीएम योगी आदित्य नाथ ने वहां पर १५० से अधिक सीटें जीतने का लक्ष्य तय कर दिया है। वह यूपी की तरह गुजरात में भी तीन चौथाई बहुमत के साथ के भाजपा सरकार बनाने का ऐलान भी कर चुके हैं।

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