लॉकडाउन आहिस्ता-आहिस्ता अलग-अलग क्षेत्रों के हिसाब से खत्म हो : नीतीश कुमार



--अभिजीत पाण्डेय,
पटना-बिहार, इंडिया इनसाइड न्यूज़।

मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार का मानना हैं कि कोरोना वायरस के संक्रमण की स्थिति को देखते हुए लॉकडाउन में ढील या खत्‍म करने का निर्णय लिया जाना चाहिए।

दरअसल, बिहार में पिछले तीन दिनों से कोरोना पॉजिटिव की संख्‍या में तेजी से इजाफा हुआ है। बिहार में कोरोना संक्रमितों की बढ़ती संख्या को ध्यान में रख मुख्यमंत्री नीतीश कुमार नहीं चाहते कि लॉकडाउन पूरी तरह से खत्म हो जाए। बिहार के एकमात्र जमुई को छोड़ बाकी के सभी 37 जिलों में कोरोना संक्रमण से प्रभावित लोगों की मौजूदगी हो गई है। इस वजह से सरकार यह चाहती है कि लॉकडाउन आहिस्ता-आहिस्ता अलग-अलग क्षेत्रों के हिसाब से खत्म हो।

कोविड-19 के प्रभावी नियंत्रण व निगरानी को ले सोमवार को हुई उच्चस्तरीय बैठक में मुख्‍यमंत्री ने कहा कि बाहर के राज्यों से जो प्रवासी बिहार आने को इच्छुक हैं, उन सभी की सात दिनों के अंदर वापस लाने की व्यवस्था को सुनिश्चित किया जाए। इसके लिए रेलवे व अन्य राज्यों के साथ समन्वय करें। वहीं, पटना और सूबे के अन्य शहरों में जो लोग लॉकडाउन की वजह से फंसे हैैं, उनकी वापसी के लिए भी समुचित व्यवस्था की जाए। गाइडलाइन के अनुरूप एसओपी में इसका प्रावधान कर सभी को अवगत कराएं।

मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि बाहर से आ रहे लोगों की रैैंडम कोरोना जांच से काम नहीं चलेगा। बाहर से आ रहे लोगों की अधिक से अधिक संख्या मेें कोरोना जांच की जाए। इसके लिए पूरी तैयारी करें। जांच की क्षमता बढ़ायी जाए तभी कोरोना चेन को तोड़ा जा सकेगा। उन्‍होंने यह भी हिदायत दी कि प्रखंड एवं पंचायत स्तर पर क्वारंटाइन सेंटर की संंख्या उसी अनुपात में बढ़ायी जानी चाहिए। जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक इसका अनुश्रवण करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि आइसोलेशन बेड की संख्या बढ़ायी जाए। बढ़ते हुए कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या को देखते हुए अतिरिक्त वेंटिलेटर्स की व्यवस्था करें।

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