--एकलव्य कुमार,
पटना-बिहार, इंडिया इनसाइड न्यूज़।
देशभर में कोरोना वायरस को मात देने के लिए लॉकडाउन जारी है। इस बीच कोटा में फंसे बेटे को लाने के लिए भारतीय जनता पार्टी के विधायक को पास जारी होते ही बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार विरोधियों के निशाने पर आ गए हैं।
ऐसा पहली बार नहीं हुआ है कि लॉक डाउन के बीच नीतीश कुमार ने दूसरे प्रदेशों में फंसे बिहारियों की वापसी पर आपत्ति जाहिर की हो।
बता दें कि कोटा प्रशासन ने वहां रह रहे दूसरे प्रदेश के विद्यार्थियों को वापस उनके राज्य भेजने का फैसला किया जिसके बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने अपने छात्रों को लाने के लिए 200 से ज्यादा बसें लगाने की घोषणा कर दी। वहीं नीतीश कुमार ने कोटा प्रशासन के फैसले पर गहरी नाराजगी जाहिर की।
इस बीच सत्ताधारी गठबंधन दल भाजपा के विधायक अनिल सिंह को कोटा से अपने बेटे को लाने की अनुमति मिल गई। अनुमति के आदेश पत्र की जानकारी मिलते ही नीतीश कुमार की चौतरफा आलोचना शुरू हो गई है।
कभी जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के नेता और चुनावी रणनीतिकार रह चुके प्रशांत किशोर (पीके) ने ट्वीट के माध्यम से नीतीश कुमार को कटघरे में खड़ा कर दिया।
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