अंधेरे के बादल में हमेशा उम्‍मीद की किरण भी होती है: डॉ• हर्ष वर्धन



नई दिल्ली,
इंडिया इनसाइड न्यूज़।

● डॉ• हर्षवर्धन ने भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के दिग्गजों के साथ बातचीत की

केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ• हर्ष वर्धन ने आज भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में भारतीय उद्योग जगत के 50 से अधिक नेताओं के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बातचीत की। सम्मेलन के दौरान उन्होंने सीआईआई के अध्‍यक्ष विक्रम किर्लोस्कर, सीआईआई के मानद अध्‍यक्ष उदय कोटक, सीआईआई के महानिदेशक चंद्रजीत बैनर्जी, सीआईआई नेशनल हेल्‍थकेयर काउंसिल के चेयरमैन एवं मेदांता के सीएमडी डॉ• नरेश त्रेहान, हीरो एंटरप्राइजेज के चेयरमैन सुनील कांत मुंजाल, ग्लोबल अलायंस फॉर इम्प्रूव्ड न्यूट्रीशन (जीएआईएन) की पूर्व चेयरपर्सन विनीता बाली, महिंद्रा एंड महिंद्रा लिमिटेड के प्रबंध निदेशक डॉ• पवन गोयनका, आरसीबी कंसल्टिंग के चेयरमैन आर• सी• भार्गव और सीआईआई नेशनल कमेटी ऑन बायोटेक्नोलॉजी की सदस्‍य एवं संस्‍थापक डॉ• किरण मजूमदार शॉ से बातचीत की।

डॉ• हर्ष वर्धन ने कोविड-19 के मद्देनजर सरकार द्वारा किए जा रहे विभिन्न राहत उपायों के बारे में उद्योग को जानकारी दी। मंत्री ने उनसे बात करते हुए आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधान के साथ-साथ स्‍वास्‍थ्‍य सेवा क्षेत्र की विभिन्‍न समस्याओं से संबंधित कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर जवाब दिया। उन्होंने कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई के दौरान अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए किए जा रहे उपायों, परीक्षण सुविधाओं की उपलब्धता, फार्मास्युटिकल उद्योग के लिए कच्चे माल की उपलब्धता, रोग की निगरानी, टेलीमेडिसिन सुविधाओं का उपयोग, निवारक स्वास्थ्य देखभाल आदि के संबंध में अपनी चिंताएं व्‍यक्‍त कीं। उन्होंने कहा, 'अंधेरे के बादल में हमेशा उम्‍मीद की किरण भी होती है। मौजूदा परिस्थिति में आत्‍मबल को ऊंचा रखना आवश्यक है ताकि हम इससे बाहर निकल सकें, फीनिक्स की तरह विजयी हो सकें।' उन्होंने कहा, 'यह दुनिया के आधुनिक इतिहास के सबसे काले प्रकरणों में से एक है और मानव जाति को इससे बाहर आना होगा और इससे अच्छी चीजों को उबारना होगा।'

डॉ• हर्ष वर्धन ने उन्हें अपने आत्‍मबल को उच्च बनाए रखने और कोविड के कारण स्‍वास्‍‍थ्‍य सेवा में मेक इन इंडिया के अवसरों का बेहतरीन उपयोग करने के लिए कहा ताकि देश इस महामारी से निपटने के दौरान महत्वपूर्ण स्वास्थ्य देखभाल उपकरण प्रदान करने में कहीं अधिक लचीला और आत्मनिर्भर हो सके। उन्होंने बताया किया कि सरकार जल्द से जल्द और सुरक्षित तरीके से औद्योगिक गतिविधियों को फिर से शुरू करने के लिए विचार-विमर्श कर रही है।

डॉ• हर्ष वर्धन ने परीक्षा की इस घड़ी में सरकार के साथ खड़े होने और पीएम केयर्स फंड में उदारतापूर्वक एवं शालीनता से योगदान देने के लिए के लिए सभी प्रतिभागियों को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा, 'देश के उद्योग जगत को कोविड के प्रकोप के कारण बड़ा झटका लगा है और सरकार पहले से ही इस बात पर विचार कर रही है कि यह कैसे सुनिश्चित किया जाए कि आने वाले समय में वह अपने पिछले स्‍तर पर वापस लौट सकता है।'

डॉ• हर्ष वर्धन ने कहा कि भारत एक विशाल देश है और इसके विकास में उद्योग जगत की उल्‍लेखनीय भूमिका है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवा मेक इन इंडिया के लिए कई अवसर प्रदान कर रही है। उन्‍होंने उद्योग के नेताओं से इसमें भाग लेने और कोविड वैश्विक महामारी के इस संकट घड़ी में भारत के लिए ऐसा करने का आग्रह किया।

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