बिहार : लॉकडाउन पर 10 या 11 अप्रैल के बाद होगा फैसला



--अभिजीत पाण्डेय,
पटना-बिहार, इंडिया इनसाइड न्यूज़।

आपदा विभाग के प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत ने कहा कि बिहार सरकार हर हालात पर नजर रख रही है। लॉकडाउन पर 10 या फिर 11 अप्रैल को मीटिंग के बाद ही कोई फैसला लिया जा सकता है।

प्रधान सचिव ने कहा कि हालात कैसे होते हैं उस पर निर्भर करता है कि लॉकडाउन की अवधि बढ़ाई जाए अथवा नहीं।

हालांकि कुछ दिनों पहले मुख्यमंत्रियों के साथ चर्चा के बाद सोमवार को मंत्रियों के साथ चर्चा में भी प्रधानमंत्री ने यही संकेत दिया है कि लॉकडाउन एक साथ खत्म नहीं होगा। सूत्रों के अनुसार, एक्जिट प्लान का जो ड्राफ्ट तैयार है उसके अनुसार राज्यों की कैटेगरी कोरोना ग्रसित लोगों की संख्या के आधार पर तय होगी। वहां प्रति 10 लाख जनसंख्या पर मरीजों की संख्या कितनी है। मानक का एक आधार यह भी होगा कि पिछले सात दिन में कोरोना का कोई केस सामने आया है या नहीं।

■ राज्य के 3 बड़े मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल कोविड-19 के लिए डेडीकेटेड सेंटर बनेगा

सरकार ने राज्य के 3 बड़े मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल को कोविड-19 के लिए डेडीकेटेड सेंटर के रूप में तब्दील करने का निर्णय लिया है।

बिहार में कोरोना मरीजों की बढ़ती संख्या और जांच में तेजी लाने के लिए बिहार सरकार ने एक बड़ा निर्णय लिया है। निर्णय के अनुसार राज्य के 3 बड़े मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल को कोविड-19 के लिए डेडीकेटेड सेंटर के रूप में तब्दील किया जायेगा। फिलहाल पटना के नालंदा मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल को डेडीकेटेड कोविड-19 सेंटर के रूप में तब्दील किया गया था, लेकिन अब इसके अलावा गया के अनुग्रह नारायण मेडिकल कॉलेज और भागलपुर के जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज को कोविड 19 के लिए समर्पित सेंटर बनाने की अधिसूचना कर दी गई है।

बिहार के सभी प्रमंडलों को भी इन मेडिकल कॉलेजों से अटैच किया गया है।पटना प्रमंडल, सारण प्रमंडल, दरभंगा प्रमंडल एवं मुंगेर प्रमंडल के कोरोना मरीज के लिए पटना का एनएमसीएच, जबकि अनुग्रह नारायण मेडिकल कॉलेज गया में, मगध प्रमंडल के सभी जिलों के अलावा रोहतास और कैमूर जिले को अटैच किया गया है जबकि जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज भागलपुर को भागलपुर प्रमंडल के अलावा कोशी और पूर्णिया प्रमंडल के सभी जिलों को अटैच किया गया है।

■ बिहार मे करोना संक्रमण के दो नए मरीज मिले

बिहार में करोना संक्रमण के दो नए केस सामने आ गए हैं। अब बिहार में कोरोना मरीजों की संख्या 32 से बढ़कर 34 हो गई है।

इससे पूर्व राज्य के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पाण्डेय दावा कर रहे थे कि पिछले 60 घंटे में कोई नया पॉजिटिव केस नहीं आया है। लेकिन कुछ ही घंटों में उनके दावे का दम निकल गया। बिहार के लोगों की खुशियाँ फुर्र हो गई ये जानकार कि दो नए केस सामने आ गए हैं। अब बिहार में कोरोना मरीजों की संख्या 32 से बढ़कर 34 हो गई है।

मंगलवार को जांच में 2 मरीजों की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव मिला है। स्वास्थ विभाग के प्रधान सचिव संजय कुमार ने बताया कि दोनों महिला मरीज हैं, जिनकी उम्र 45 साल और 22 साल है। ये दोनों पॉजिटिव मरीज के संपर्क में आयी थीं जो 23 मार्च को मिडिल ईस्ट का ट्रेवल की थीं। इसके पहले कोरोना संक्रमण को रोकने में बिहार की कामयबी की यह अच्‍छी खबर थी कि राज्‍य में बीते दो दिनों से एक भी कोरोना पॉजिटिव केस नहीं मिला था।

मंगलवार को अपराह्न काल में भागलपुर स्थित जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज एवं अस्‍पताल में इलाज करा रहे कोरोना संक्रमित छह मरीजों में से दो को ठीक होने पर डिस्‍चार्ज कर दिया गया। इसके साथ राज्‍य में स्‍वस्‍थ हो चुके कोरोना मरीजों की संख्‍या 11 हो चुकी है। चार और मरीजों को डिस्‍चार्ज किए जाने की उम्‍मीद है। लेकिन इस बीच दो नया केस सामने आ जाने से लोगों की चिंता बढ़ गई है। वैसे डॉक्टर पहले ही चेतावनी दे रहे थे कि बिहार में संक्रमण का खतरा अभी बना हुआ है।

https://www.indiainside.org/post.php?id=7114