रेल मंत्री कृपया ध्यान दें



रेल मंत्री कृपया ध्यान दें कि देश का हर एक नागरिक विशेष हैं जो यात्री के रूप में भारतीय रेल पर सफर करता हैं। उनकी सुविधाओं के साथ साथ उनके बेहतर सफर के लिए आप प्रतिबद्ध हैं। आज़ादी के इतने वर्षों बाद भी हम ये मानने को बाध्य हैं कि कमियों व खामियों से हम घिरे हुए हैं हालाकि इस बात से भी इंकार नहीं कि आपके देख रेख में सही मायने में भारतीय रेल पटरी पर आ रही हैं व हर क्षेत्र में विकास को प्रगति प्रदान देने का कार्य चल रहा है। आपके द्वारा किये गए कार्यों के पक्ष में लाखों लोग खड़े दिखेंगे तो विपक्ष भी ज़रूर मात्रों मं ही होगा। सभी को संतुष्ट करना सम्भव नहीं।
गत 04 नवम्बर 2016 हावड़ा स्थित सरत सदन के सम्मेलन कक्ष में सुखराजी किशोर मेमोरियल सेवा समिति द्वारा आयोजित पत्रकार सम्मेलन में अध्यक्ष सुरेश प्रसाद गुप्ता ने 8 विशेष मांगों का अभिलेख करते हुए कहा कि लम्बे समय से रेल यात्रियों के लिए कई सुविधाओं की मांग हम रेलवे से करते आ रहे हैं लेकिन दुर्भाग्य से रेलवे ने उसे पूरा नहीं किया। यात्रियों की सुविधाओं के लिए हमे मजबूरन बड़े आंदोलन शुरू करने होंगे और हम करेंगे भी। जनहित कार्य को गति व शक्ति देने के लिए पत्रकारों के कलम का साथ चाहते हैं। देर तक चले कार्यक्रम में कई सदस्यों ने अपने वक्तव्य रखे। अन्य अतिथियों सहित हावड़ा प्रैस क्लब के अध्यक्ष व वरिष्ठ पत्रकार आनन्द पाण्डेय को भी सम्मानित किया गया व उन्होने इस विषयों पर अपनी बात रखी, हावड़ा प्रैस क्लब के सचिव सुजीत पाल, वरिष्ठ पत्रकार उमेश तिवारी, विपिन कुमार सिंह व अन्य कार्यक्रम में मौजूद रहें।
मांगों का अभिलेख
1. हावड़ा से गोरखपुर के लिए नई ट्रेन जो पटना, बक्सर, मुगलसराय, वाराणसी, सारनाथ, ओड़िहार, मऊ, बेलथरा रोड, सलेमपुर होते हुए गोरखपुर पहुँचे।
2. हावड़ा से गोरखपुर के लिए ट्रेन जो गया, मुगलसराय, वाराणसी, सारनाथ, ओड़िहार, मऊ, बेलथरा रोड, सलेमपुर होते हुए गोरखपुर पहुँचे।
3. शालीमार से गोरखपुर के लिए ट्रेन जो खड़गपुर, गोमो, मुगलसराय, वाराणसी, सारनाथ, ओड़िहार, मऊ, बेलथरा रोड, सलेमपुर होते हुए गोरखपुर पहुँचे।
4. आनन्द विहार से चल कर अपने आखड़ी पड़ाव मऊ तक अप व डाउन चलने वाली ट्रेन जिसे मऊ से गोरखपुर तक व गोरखपुर से मऊ तक बिना यात्रियों को लाया व ले जाया जाता हैं जिससे रेलवे को अतिरिक्त खर्च व नुकसान उठाना पड़ता है। इस ट्रेन को गोरखपुर तक किया जाएँ।
5. वर्ष 2010 में रेलवे मंत्रालय ने नई ट्रेन के लिए कृतसंकल्प लेते हुए बेलथरा रोड से बकुलहा, नदी के किनारे नई रेल मार्ग के लिए 49 करोड़ 63 लाख 52 हज़ार के बजट की घोषणा की थी उसे ठंडे बक्से में डाल दिया गया। हमारी मांग है कि इस परियोजना को व्यावहारिक रूप से चालू किया जाएँ व उपरोक्त उल्लेख किए गए अनुसार रेल यात्रियों के लिए 11 नई ट्रेन चलाया जाएँ।
6. 22 बोगियों वाली ट्रेनों के लिए उपयुक्त प्लैटफ़ार्म बनाने की मांग करते हैं। कुछ बोगियों के प्लैटफ़ार्म से बाहर होने के कारण यात्रियों को बहुत ज्यादा कष्ट होता है व दुर्घटना की संभावना होती हैं।
7॰ हावड़ा रेलवे स्टेशन के लिए 2 और प्लैटफ़ार्म बनाने मांग करते हैं। 23 प्लैटफ़ार्म कार्यरत है जो पर्याप्त नहीं हैं। रेलवे मंत्रालय ने 2 और प्लैटफ़ार्म बनाने के लिए स्वीकार किया है। इनका जल्द से जल्द निर्माण हो व 200 साल पुराने ब्रिटिश काल के समय बने प्रवेश व निकास द्वार की ओर ध्यान केन्द्रित करें जो आवश्यकता अनुसार पर्याप्त नहीं हैं।
8. भारतीय रेलवे के अधिक ट्रेनों में खान पान की व्यवस्था होती हैं लेकिन बहुत ट्रेन ऐसे भी हैं जहा यह व्यवस्था नहीं हैं। ऐसे में हम हम ध्यान केंद्रित करते हुए अपनी बात रखते हैं कि 22 बोगियों में 22 वेंडर्स प्रतिग्रहीत किया जाएँ जिससे रेलवे को सुविधाओं सहित लाभ मिले व बेरोजगारों को रोजगार व इत्यादि।

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