--अभिजीत पाण्डेय,
पटना-बिहार, इंडिया इनसाइड न्यूज़।
मखाना की बढ़ती मांग और वैश्विक बाजार को देखते हुए बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर ने छह खास फ्लेवर मे स्नैक्स, लड्डू और खीर मिक्स पाउडर बनाकर विदेश मे निर्यात करने की योजना बनाई है। भोला पासवान शास्त्री कृषि महाविद्यालय ने इसका नोडल यूनिट बनाया गया है।
इस योजना से विशेष तौर से मिथिलांचल और कोशी क्षेत्र के किसानों की आर्थिक स्थिति बेहतर होने की उम्मीद है।
जानकारी के अनुसार महाविद्यालय ने सर्वे के बाद मखाना से बने उत्पाद को अमेरिका, इंग्लैंड, सिंगापुर, बेल्जियम, कनाडा और अरब देशों में निर्यात करने की योजना बनाई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार अमेरिका, इंग्लैंड, सिंगापुर, बेल्जियम, कनाडा और अरब देशों की पसंद को ध्यान रखते हुए अमेरिका के लिये खट्टा व हल्का मीठा, इंग्लैंड के लिए मीठा, कनाडा के लिये खट्टा, सिंगापुर के लिये मीठा व स्पाइसी, बेल्जियम के लिये खट्टा-मीठा और अरब देशों के लिये मीठा व स्पाइसी फ्लेवर होगा, वहीं भारतवर्ष के लिये नमकीन व स्पाइसी फ्लेवर बनाए जायेंगे।
मखाना अनुसंधान परियोजना के प्रधान अन्वेषक डॉक्टर अनिल कुमार के अनुसार अप्रैल से इस परियोजना पर कार्य शुरू हो जायेगा। जिसका सीधा लाभ किसानों को मिलेगा। उन्होंने बताया कि कोसी-सीमांचल में अनुमान के अनुसार सलाना पांच सौ - छह सौ करोड़ का मखाना का कारोबार है। किशनगंज, पूर्णिया, कटिहार, सुपौल, सहरसा, मधेपुरा व अररिया के बीस हजार किसान सीधे तौर से मखाना उत्पादन से जुड़े है।
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