--अभिजीत पाण्डेय,
पटना-बिहार, इंडिया इनसाइड न्यूज़।
बिहार की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के प्रचार-प्रसार के लिए गुजरात के अहमदाबाद में तीन दिवसीय 'बिहार महोत्सव' का आयोजन 28 फरवरी से एक मार्च तक कला संस्कृति एवं युवा विभाग और गुजरात सरकार के सहयोग से कराया जा रहा है। मालूम हो कि इससे पहले भी बिहार सरकार द्वारा भारत के प्रमुख शहरों में 'बिहार महोत्सव' का आयोजन होता रहा है। इस बार यह आयोजन गुजरात के लोगों के बीच बिहार की समृद्ध कला, इतिहास, व्यंजन, सांस्कृतिक धरोहर आदि के आदान-प्रदान के लिए कराया जा रहा है। उक्त बातें बिहार सरकार के कला, संस्कृति एवं युवा विभाग के मंत्री प्रमोद कुमार ने कहीं।
उन्होंने कहा कि बिहार महोत्सव के लिए 500 लोगों की क्षमतावाले अहमदाबाद के टैगोर हॉल के प्रेक्षागृह, प्रदर्शनी सह बिक्री केंद्र व बिहारी व्यंजनों के लिए 26 स्टॉल और आर्ट गैलरी के लिए स्थान के साथ-साथ बिहार के कलाकारों के ठहरने की व्यवस्था की गयी है। उन्होंने बताया कि बिहार संगीत नाटक अकादमी को नोडल एजेंसी और बिहार संगीत नाटक अकादमी के सचिव को नोडल पदाधिकारी बनाया गया है। 'बिहार महोत्सव' के लिए आयोजन के लिए अग्रिम राशि के तौर पर 46 लाख 72 हजार 500 रुपये बिहार संगीत नाटक अकादमी को उपलब्ध करायी जा रही है।
प्रमोद कुमार ने कहा कि महोत्सव में बिहार के सांस्कृतिक जीवन और बिहार के लोगों के जीवंत सांस्कृतिक पहलुओं (लोक पंरपरा, हस्तकला, चित्रकला, मूर्तिकला, खान-पान) के साथ-साथ राज्य के समृद्ध पर्यटन स्थलों के प्रचार-प्रसार के लिए स्टॉल लगाये जायेंगे। इस मौके पर प्रस्तुत होनेवाले सांस्कृतिक कार्यक्रम महोत्सव को मनोरंजक बनायेंगे।
कला, संस्कृति एवं युवा विभाग के प्रधान सचिव रवि परमार ने कार्यक्रम की रूपरेखा पर चर्चा करते हुए कहा कि ठुमरी गायिका कुमुद झा दीवान, मैथिली-भोजपुरी गायिका मैथिली ठाकुर के अलावा राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय द्वारा 'पहला सत्याग्रही' नाटक का मंचन, भिखारी ठाकुर के बिदेसिया के लिए निर्माण कला मंच और विभिन्न वाद-वादन के लिए 'रिदम ऑफ बिहार' की प्रस्तुति की जायेगी। साथ ही गुजरात में सांस्कृतिक आदान-प्रदान को लेकर गुजराती भाषा में राज्यों के दल भी कार्यक्रम प्रस्तुत करेंगे।
श्री परमार ने बताया कि 28 फरवरी को बिहार महोत्सव के उद्घाटन के साथ 'सिद्धार्थ से बुद्ध तक' नृत्य नाटिका, गुजराती भाषा में कार्यक्रम और 'पहला सत्याग्रही' राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय के कलाकारों द्वारा नाटक का मंचन किया जायेगा। दूसरे दिन 29 फरवरी को कुमुद झा दीवान का ठुमरी गायन, गुजराती भाषा में कार्यक्रम, विदेशिया नाटक की प्रस्तुति और सत्येंद्र कुमार संगीत का लोक गायन होगा। महोत्सव के अंतिम दिन एक मार्च की शुरुआत मैथिली ठाकुर के गायन से होगी। उसके बाद गुजराती भाषा में कार्यक्रम, 'रिदम ऑफ बिहार' की प्रस्तुति और प्रियंका द्वारा गायन होगा। उसके बाद कार्यक्रम का समापन हो जायेगा।
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