--प्रदीप फुटेला,
देहरादून-उत्तराखंड, इंडिया इनसाइड न्यूज़।
छायादीप सिनेमा पार्टी हॉल में एक मुशायरे व कवि सम्मेलन का आयोजन हिंदी उर्दू साहित्यिक मंच "सुखन सरिता" के ज़ेरे एहतमाम किया गया। अदब की इस महफिल की सदारत बुज़ुर्ग शायर आली जनाब मुनीश सक्सेना फामाई। संचालन जाने माने शायर जनाब रईस "फिगार" ने किया।
इस शेरी नशिस्त में समाजवादी पार्टी के जिला अध्यक्ष गुलफाम अली और महासचिव आरिफ वारसी थे। इस महफिल में बिजनौर से तशरीफ लाए महमान शायर "मैराज बीजनौरी" को सम्मानित किया गया। उन्हें शाल ओढ़ाकर एक इस्मृति चिन्ह और एक सम्मान पत्र दिया गया। इसके साथ साथ मकामी शायर जनाब जी• के• पिपिल को भी शाल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया। उन्हें एक इज्मर्ती चिन्ह और एक सम्मान पत्र दिया गया। इसके बाद शेरी महफिल शुरू की गयी।
महफिल की शुरुवात नौ उम्र शायरा हितेषी नेगी से की गई। इसके बाद मोहन साहिल गॉड बोले ने अपना कलाम पेश किया। बिजनौर से तशरीफ लाए मैराज और झिंझाना से तशरीफ लाए अफजल झिंझानवि को खास तवज्जो से सुना गया। महफ़िल में सभी ने उम्दा कलाम पेश किए और महफिल को कामयाब बनाया।
महफ़िल में कलाम पेश करने वाले शायर और कवियों में रियाज़ आशना, इकराम इलाही, ज़िया दूनवि, ज़िया, मुनीश सक्सेना, साजिद खान, रजत बंसल, वीरेन्द्र डंगवाल पार्थ, कवि विश्वनाथ, अरुण भट्ट, महेंद्र, इम्तियाज़, गीतकार शिव मोहन थे।
शायरात में मीरा शर्मा, कविता बिष्ट, शिवानी सरगम, उर्मिला सिंह, उमा सिसोदिया, विजय श्री वंदिता, वरिष्ठ कवित्री नीलम प्रभा वर्मा आदि ने महफ़िल समा बांधा।
महफ़िल को कामयाब बनाने में शारिक, अजमत, कामिल, लियाकत, नासिर, क़मर, जगदीश बावला, ज्ञानेन्द्र कुमार, सनववुर आदि का बेहद योगदान रहा।
https://www.indiainside.org/post.php?id=6957