--अभिजीत पाण्डेय,
पटना-बिहार, इंडिया इनसाइड न्यूज़।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि वह शुरू से ही सहकारिता की स्वायत्तता के पक्षधर रहे हैं। 20 साल पहले जब कृषि मंत्री था तभी से इसके हिमायती रहा हूं। उन्होंने कहा कि बिहार में कृषि नीति बनाई गई जो देश में पहली बार था कि कोई राज्य कृषि नीति के जरिए काम कर रहा हो।
बिहार के श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में सहकारिता सम्मेलन के मौके पर उन्होंने कहा कि बिहार में पैक्स के चुनाव के चलते जल जीवन हरियाली कार्यक्रम में बदलाव किया गया। पैक्स के बारे में हमने जो भी फैसला लिया है, वह आपसब जानते हैं। धान और गेंहू की अधिप्राप्ति का काम पैक्स से शुरू कराया गया। इसके अलावा पैक्स को कोई और सुविधा की जरूरत हो, तो हम देने के लिए तैयार रहते हैं।
मुख्यमंत्री ने इस दौरान कहा कि अब 20 की जगह 15 लाख रुपए कृषि यंत्रों को दिए जाएंगे। केंद्र सरकार की ओर से पहले राशियां काट ली जाती थी, इसलिए ऐसा हुआ है। उन्होंने कहा कि पहले आपदा पर भी कोई काम नहीं होता था। 2007 में 2.50 करोड़ लोग बाढ़ से प्रभावित हुए थे और तब सिर्फ 25 किलो अनाज देने की बात होती थी, जो काफी देर से मिलता था, लेकिन अब स्थितियां बदल गई हैं।
इसके अलावा उन्होंने कहा कि बारिश कम होने की वजह से भूजल स्तर में भी काफी कमी आयी है। उसको कायम रखने के लिए काम शुरू करवाया गया। जल जीवन हरियाली अभियान के तहत 11 काम किए जा रहे हैं।
इस बार मानव श्रृंखला में 5.18 करोड़ लोगों ने भाग लिया है। उन्होंने शिकायत भरे लहजे में कहा कि बिहार के बाहर की मीडिया ने मानव श्रृंखला के बारे में जानकारी नहीं दी।
राज्य की कृषि व्यवस्था पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि दूसरे राज्य के लोग बिहार से मक्का ले जाते हैं। कृषि और सब्जी की भी सप्लाई दूसरे राज्यों में होती है। इसके अलावा उन्होंने जल जीवन हरियाली के महत्व को समझाने के लिहाज से हर सप्ताह एक घंटे इस पर चर्चा कराने की तैयारी कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि 18 किलोमीटर से ज्यादा लंबी मानव श्रृंखला बनी थी। लेकिन उसको ठीक से लिखा नहीं गया। इसको आप लोग ठीक कर लीजिए, कहीं और अब गलती नहीं होती है। बस इतना है कि काम के साथ लोगों की अपेक्षाएं और बढ़ती जाती हैं।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि बिहार ने हर क्षेत्र में प्रगति की है। गांव के साथ टोलों को भी पक्की सड़क से जोड़ रहे हैं। जब एमपी थे, तो सड़क बनाने की मांग लोग किया करते थे। दिल्ली तक मे जर्जर तार है, बिहार में अब तार बदले जा चुके हैं। यहीं नहीं कृषि फीडर के लिए काम हो रहा है।
इस दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एक बड़ी बात कही। उन्होंने कहा कि हर घर नल का जल दे देंगे। इस चुनाव से पहले यह हो जाएगा। काम करने के बाद चुनाव में जाएंगे। जनता आशीर्वाद देगी, तो फिर काम करेंगे। उन्होंने कहा कि सहकारिता के सम्मेलन में हम लंबे समय के बाद आए हैं। अब बिहार में जीविका समितियों का निबंधन हो रहा है।
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