गदरपुर-उत्तराखंड,
इंडिया इनसाइड न्यूज़।
● बजाज कॉलेज में विराट कवि सम्मेलन का आयोजन
देवभूमि वर्किंग जर्नलिस्ट एवं कुमाऊँ केसरी के संयुक्त तत्वावधान में एक विराट कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया जिसमें कवियों ने नशे, कोमी एकता, बेटी बचाओ बेटी पढाओ, भ्रूण हत्या, समाज में व्याप्त कुरीतियों पर कविताओं के माध्यम से जमकर प्रहार किया। वही हास्य व्यंग्य के कवियों ने श्रोताओं को जमकर गुदगुदाया। बजाज कॉलेज ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी के सभागार में आयोजित कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए नगर पालिका अध्यक्ष गुलाम गोस एवं अनाज मंडी के अध्यक्ष सतीश धीक, बजाज कॉलेज के मैनेजिंग डायरेक्टर पवन बजाज, फॉरेंसिक लैब के एक्सपर्ट डॉक्टर दयाल शरण, देवभूमि वर्किंग जर्नलिस्ट यूनियन के प्रदेश महामंत्री प्रदीप फुटेला द्वारा संयुक्त रूप से मां सरस्वती के सम्मुख दीप प्रज्वलित कर किया गया। कवियों को काव्यश्री सम्मान से नवाजा गया।
सम्मेलन में कई नामचीन कवि शामिल हुए। अधिकांश कवियों ने पुलवामा हमले में शहीद हुए भारत माता के उन वीर सैनिकों की स्मृति में उनको नमन करते हुए देशभक्ति गीतों की प्रस्तुति देकर वीरगति को प्राप्त हुए सैनिकों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त की। कवि विवेक बादल ने कौमी एकता पर बोलते हुए कहा कि जवानी हम लुटा देंगे इस देश की खातिर।मगर अपने तिरंगे को कभी झुकने नही देंगे। कवि राहत बरेलवी ने खुद नहीं मुझे तेरा ख्याल मरेगा, जुनून ए इश्क़ को दिल का ज़वाल मरेगा। कवि दीपांशु कुंवर ने उसकी पायल की आवाज ने कमाल कर दिया। खाली पड़े बाजार को मीना बाजार कर दिया। कवि गौरव त्रिपाठी ने कभी चांदी तो कभी सोना निकली ,कभी कटरीना तो कभी मेडोना निकली। देहरादून से आई प्रसिद्ध कवित्री कविता बिष्ट ने प्रकृति पर शानदार प्रस्तुति दी। उन्होंने कहा कि प्रकृति की बेटी हूँ शब्द साहित्य ही संचय मेरा। देहरादून की ही जानी मानी कवित्री डिम्पल सानन ने युवा पीढ़ी को इंगित करते हुए कहा कि उम्र कब पूछती है बहकना कहाँ है। कवित्री ममता वैद्य ने कहा कि झूठ को उनको हमने सच माना इश्क में यूं फरेब खाए हैं। कवित्री अनीता पंत अवस्थी ने हिंदी साहित्य पर बोलते हुए कहा कि मैं लिखूं तो क्या लिखूं कश्मीर को खुलता अंगार लिखूं, बेरोजगारी को तरसता रोजगार लिखूं। कवित्री वन्दना शर्मा ने मातृशक्ति पर बोलते हुए कहा कि अपराजिता हूँ मुझे सम्मान चाहिए पुरुषों से कम नही मुझे अपना अधिकार चाहिए। देश में बढ़ते हुए भ्र्ष्टाचार पर प्रहार करते हुए कवि वेदप्रकाश अंकुर ने कहा कि देश का विकास हो न हो अपनी बला से हम तो घोटाले करते है अपनी कला से। कवित्री मधु मुरादिया ने कहा कि अधरों से कही बात मैं सुन नहीं पाई वो उनके जज्बात मैं बन नही पाई। कवि सुबोध कुमार शर्मा ने आज के दौर में रिश्तो में आई कड़वाहट पर प्रहार करते हुए कहा कि अनुबंधों के संबंधों में जाने कहां संबंध खो गए अपने-अपने रहे अब जाने क्यों प्रतिबंध हो गए।
कवियों ने कविताओं के माध्यम जलवा बिखेर लोगों को मंत्रमुग्ध करते हुए तालियां बजाने पर विवश किया। वही एक कवि ने नशे की गिरफ्त में फंस रहे युवाओं पर सुंदर कविता की प्रस्तुति देकर युवा पीढ़ी को नशे के प्रति सचेत किया।
इस दौरान कवियों को काव्य श्री सम्मान से नवाजा गया। देवभूमि वर्किंग जर्नलिस्ट यूनियन के प्रदेश महामंत्री प्रदीप फुटेला ने बताया कि आज की व्यस्त एवं भागदौड़ भरी जिंदगी में हर कोई तनावपूर्ण वातावरण में जीने को विवश है ,माहौल को खुशनुमा बनाने के लिए विशाल कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया है। इसमे प्रख्यात कवि विवेक बादल, गौरव त्रिपाठी, अनिता पन्त, राहत बरेलवी, राधिका राठौर, कविता बिष्ट, डिम्पल सानन, वंदना शर्मा, सुबोध कुमार शर्मा, किरण पांडेय, संजय सिंह वेदप्रकाश अंकुर, ममता वेद, मधु मुरादिया को कुमाऊँ केसरी की और से काव्य श्री सम्मान से नवाजा गया।
फॉरेंसिक लैब सीआईडी के संयुक्त निदेशक डॉक्टर दयाल शरण, पालिका अध्यक्ष गुलाम गौस, देवभूमि वर्किंग जर्नलिस्ट यूनियन के प्रदेश महामंत्री प्रदीप फुटेला, कॉलेज के एमडी पवन बजाज, राधा बजाज एवं डॉ• रेनू शरण ने कवियों को स्मृति चिन्ह देते हुए सम्मानित किया। सम्मेलन के दौरान पालिका अध्यक्ष गुलाम गौस कवि सम्मेलन से इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने जल्द ही नगर में एक विशाल गदरपुर महोत्सव के आयोजन की घोषणा की।
इस दौरान सतीश भुड्डी, राजेश अग्रवाल, वैभव गोयल, सुभाष खुराना, टीकम खेड़ा, सुनील त्रिपाठी, बलदेव अरोरा, नागेश दुबे, तारिक उल्ला खान, जुल्फिकार अली, रमेश मदान, वीरेंद्र तिवारी, देवेंद्र सिंह, मोहम्मद नाजिम, वेद भगत सहित सैकड़ों की संख्या में लोग मौजूद रहे।
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