नई दिल्ली,
इंडिया इनसाइड न्यूज़।
केन्द्रीय खाद्य प्रसंस्करण उ़द्योग मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने कहा कि महिलाओं को सशक्त बनाने और जैविक उपज को बढ़ावा देने के लिए खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय ‘राष्ट्रीय जैविक महोत्सव’ आयोजित कर रहा है, जिसके तहत महिला उद्यमियों पर फोकस किया जाएगा। गुरुवार को नई दिल्ली में संवाददाता सम्मेलन के दौरान तीन दिवसीय ‘फूड फेस्टिवल’ की घोषणा करते हए श्रीमती बादल ने कहा कि देश भर की 150 से भी अधिक महिला उद्यमी और स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) फल-सब्जियों, तैयार खाद्य उत्पाद, मसाले, शहद, मोटे अनाज एवं सूखे मेवे (ड्राई फ्रूट) जैसे विभिन्न अनुभागों में अपने-अपने जैविक उत्पादों को प्रदर्शित करेंगे। मंत्रालय में सचिव पुष्पा सुब्रह्मण्यम भी इस अवसर पर उपस्थित थीं।
जैविक उत्पादों को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ जैविक उत्पादों के उत्पादन एवं प्रसंस्करण क्षेत्र में महिला उद्यमियों को बढ़ावा देने के लिए खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय और महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने नई दिल्ली स्थित जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में 21-23 फरवरी, 2020 के दौरान तीन दिवसीय महोत्सव आयोजित करने के लिए आपस में हाथ मिलाया है।
इस महोत्सव-सह प्रदर्शनी का उद्धाटन खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री हरसिमरत कौर बादल करेंगी और इसकी थीम ‘भारत की जैविक बाजार क्षमता को विकसित करना’ है। देश भर की महिला उद्यमी और स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) फल-सब्जियों, तैयार खाद्य उत्पाद, मसाले, शहद, मोटे अनाज एवं सूखे मेवे (ड्राई फ्रूट), पेय पदार्थ, औषधीय पौधों, तेल और मूल्य-वर्धित उत्पादों जैम, जेली, मुरब्बा, चटनी जैसे विभिन्न अनुभागों में अपने-अपने जैविक उत्पादों को प्रदर्शित करेंगे। 24 राज्यों के उद्यमी और स्वयं सहायता समूह इस महोत्सव में भाग लेंगे।
जैव उत्पादों को प्रदर्शित करने के अलावा इस आयोजन के दौरान पहले से ही तय बी2बी और बी2जी बैठकों के जरिए कारोबारी संपर्क बढ़ाने और महिला उद्यमियों को सशक्त बनाने पर फोकस किया जाएगा।
श्रीमती बादल ने कहा कि खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय और महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने हाल ही में एक सहमति पत्र (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं, ताकि महिला उद्यमियों को सरकारी वित्त योजनाओं जैसे कि मुद्रा (सूक्ष्म इकाई विकास एवं पुनर्वित्त एजेंसी), स्टार्टअप इंडिया से जुड़ने और इसके साथ ही विश्व बाजार में प्रतिस्पर्धी बने रहने के लिए आवश्यक अनुपालनों को पूरा करने में मदद मिल सके।
जैविक खाद्य पदार्थों के फायदों का उल्लेख करते हुए श्रीमती बादल ने कहा, ‘आपके खाद्य पदार्थ को किस तरह से तैयार या विकसित किया जाता है, उसका व्यापक असर आपकी मानसिक एवं भावनात्मक सेहत तथा पर्यावरण पर पड़ सकता है। जैविक खाद्य पदार्थों में अक्सर उनके पारंपरिक रूप से विकसित उत्पादों की तुलना में कहीं अधिक फायदेमंद पोषक तत्व जैसे कि एंटीऑक्सिडेंट होते हैं।’
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